by-Ravindra Sikarwar
मुंबई: अरबपति मुकेश अंबानी के नेतृत्व वाली रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (RIL) ने आज अपनी 48वीं वार्षिक आम बैठक (AGM) का आयोजन किया, जिसमें कई महत्वपूर्ण घोषणाएं की गईं। इन घोषणाओं में सबसे बड़ा आकर्षण जियो का बहुप्रतीक्षित आईपीओ था, जिसके बारे में अंबानी ने खुद पुष्टि की।
जियो का आईपीओ और नए व्यापारिक इंजन:
मुकेश अंबानी ने शेयरधारकों के लिए मूल्य बढ़ाने के उद्देश्य से जियो के आईपीओ को 2026 की पहली छमाही में भारतीय शेयर बाजार में लाने की घोषणा की। यह रिलायंस पेट्रोलियम लिमिटेड के 2006 में लिस्ट होने के बाद रिलायंस की किसी प्रमुख व्यावसायिक इकाई की पहली सार्वजनिक पेशकश होगी। अंबानी ने कहा कि जियो आईपीओ को लेकर बाजार में लंबे समय से उम्मीदें थीं, और यह निवेशकों के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर साबित होगा।
एजीएम में अंबानी ने दो नए व्यापारिक इंजनों- रिलायंस कंज्यूमर प्रोडक्ट्स लिमिटेड (RCPL) और रिलायंस इंटेलिजेंस के निर्माण की भी घोषणा की। उन्होंने कहा कि इन दोनों इकाइयों में से प्रत्येक में मौजूदा व्यापार खंडों से भी बड़ा होने की क्षमता है।
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) पर बड़ा दांव:
एजीएम में तकनीकी क्षेत्र में रिलायंस के भविष्य को लेकर भी कई अहम बातें सामने आईं। अंबानी ने घोषणा की कि रिलायंस, गूगल के साथ मिलकर भारत में डेवलपर्स और स्टार्टअप्स के लिए उन्नत आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) उपकरण लाने के लिए साझेदारी कर रहा है।
इस साझेदारी को आगे बढ़ाने के लिए, रिलायंस ने “रिलायंस इंटेलिजेंस” नामक एक नई सहायक कंपनी लॉन्च की है। यह इकाई भारत के अगली पीढ़ी के AI इंफ्रास्ट्रक्चर और डेटा केंद्रों के निर्माण पर ध्यान केंद्रित करेगी।
इसके अलावा, अंबानी ने मेटा के साथ AI में 100 मिलियन डॉलर के संयुक्त निवेश की भी घोषणा की। इस साझेदारी के तहत, मेटा की 30% हिस्सेदारी होगी, जबकि रिलायंस के पास 70% बहुमत रहेगा।
शेयर बाजार पर असर और विशेषज्ञों की राय:
इन बड़ी घोषणाओं के बावजूद, बीएसई पर आरआईएल के शेयर की कीमत 2% गिरकर ₹1355.45 पर बंद हुई।
जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के मुख्य निवेश रणनीतिकार डॉ. वीके विजयकुमार ने इस गिरावट को “तकनीकी” बताते हुए निवेशकों से घबराने के बजाय लंबी अवधि की संभावनाओं पर ध्यान केंद्रित करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि पिछले 4 सालों से एजीएम के दिन आरआईएल के स्टॉक में गिरावट का पैटर्न देखा गया है। विजयकुमार के अनुसार, स्वच्छ ऊर्जा, एआई और एफएमसीजी व्यापार से संबंधित बड़ी घोषणाएं, साथ ही जियो की लिस्टिंग, सभी सकारात्मक संकेत हैं। अंबानी के 2027 तक एबिटडा (EBITDA) को दोगुना करने के लक्ष्य की घोषणा भी एक मजबूत तेजी का संकेत है।
आने वाले समय की योजना:
अंबानी ने अपने संबोधन में कहा कि “रिलायंस का सर्वश्रेष्ठ अभी आना बाकी है।” उन्होंने 2028 तक रिलायंस को दोगुना करने के अपने वादे को दोहराया और कहा कि कंपनी का लक्ष्य अपने “गोल्डन डेकेड” के अंत तक एबिटडा को दोगुना से भी अधिक करना है।
एजीएम के दौरान, अंबानी ने “मेक इन इंडिया, मेक फॉर द वर्ल्ड” का नारा भी दिया, जिसमें उन्होंने जापानी कंपनियों को भारत में विनिर्माण और वैश्विक बाजार के लिए उत्पादन करने का आग्रह किया।
यह एजीएम न केवल रिलायंस के भविष्य की दिशा को स्पष्ट करती है, बल्कि यह भी दर्शाती है कि कंपनी ऊर्जा, खुदरा और दूरसंचार से आगे बढ़कर AI जैसे नए और उभरते क्षेत्रों में भी अपनी उपस्थिति मजबूत कर रही है।
