By: Ravindra Sikarwar
भोपाल: राजधानी भोपाल को जल्द ही उसकी सबसे बड़ी और बहुप्रतीक्षित परिवहन सुविधा मिलने जा रही है। सुभाष नगर (सुभाष फाटक) से AIIMS भोपाल तक मेट्रो का 6.22 किलोमीटर लंबा प्राथमिक मार्ग पूरी तरह तैयार हो चुका है। मेट्रो रेल सुरक्षा आयुक्त (CMRS) की टीम ने पिछले दिनों निरीक्षण पूरा कर सुरक्षा मानकों की हरी झंडी दे दी है। अब सिर्फ अंतिम औपचारिकताएँ और छोटे-मोटे फिनिशिंग कार्य बाकी हैं, जिन्हें पूरा करने के लिए सभी स्टेशनों पर दिन-रात काम चल रहा है।
मध्य प्रदेश सरकार अपने दो वर्ष पूरे होने के अवसर पर 13 दिसंबर को इस पहले चरण का भव्य लोकार्पण करने की पूरी तैयारी में है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव स्वयं इस ऐतिहासिक पल के साक्षी बनेंगे और आम नागरिकों के लिए मेट्रो सेवा का शुभारंभ करेंगे।
पहले चरण में ये स्टेशन होंगे चालू
इस 6.22 किमी ऊँचे मार्ग (एलिवेटेड) पर कुल 8 स्टेशन हैं:
- सुभाष नगर
- कमला पार्क
- भोपाल जंक्शन
- नादरा बस स्टैंड
- डीबी सिटी मॉल
- सर्वधर्म कॉलोनी
- सिंधी कॉलोनी
- AIIMS भोपाल
सभी स्टेशनों पर प्लेटफॉर्म, टिकट काउंटर, लिफ्ट, एस्केलेटर, सीढ़ियाँ, रोशनी और साइनेज का काम लगभग पूरा हो चुका है। अब सिर्फ फाइनल टच-अप, साफ-सफाई और सुरक्षा उपकरणों की टेस्टिंग चल रही है।
शुरुआती शेड्यूल: हर 30 मिनट में मेट्रो
प्रारंभिक चरण में मेट्रो ट्रेन दोनों दिशाओं में एक साथ चलेगी। अभी उपलब्ध ट्रेन सेट और यात्री भार को देखते हुए शुरुआत में हर 30 मिनट पर एक फेरा रहेगा। यानी सुभाष नगर से AIIMS और AIIMS से सुभाष नगर, दोनों तरफ से हर आधे घंटे में मेट्रो मिलेगी।
एक स्टेशन से अगले स्टेशन तक पहुँचने में 2 से 5 मिनट का समय लगेगा। इस हिसाब से सुभाष नगर से AIIMS तक का पूरा सफर महज 18-20 मिनट में पूरा हो जाएगा, जबकि सड़क मार्ग से यह दूरी पीक आवर्स में 45 मिनट से एक घंटे तक लेती है।
दूसरे चरण में 10 मिनट में मेट्रो
जैसे ही करोंद तक पूरा 16 किलोमीटर का प्राथमिकता कॉरिडोर (Priority Corridor) चालू हो जाएगा, मेट्रो की फ्रीक्वेंसी बढ़ाकर हर 10 मिनट कर दी जाएगी। इसके लिए अतिरिक्त ट्रेन सेट भी तैयार हैं और सिग्नलिंग सिस्टम भी उसी हिसाब से डिजाइन किया गया है।
यात्रियों के लिए खास सुविधाएँ
- हर स्टेशन पर दिव्यांगजन और वरिष्ठ नागरिकों के लिए लिफ्ट और एस्केलेटर
- ऑटोमैटिक फेयर कलेक्शन (AFC) गेट्स
- रियल-टाइम यात्री सूचना प्रदर्शन (PID)
- सीसीटीवी और आपातकालीन इंटरकॉम सुविधा
- सभी प्लेटफॉर्म पर छायादार शेड और बैठने की व्यवस्था
- स्टेशनों पर स्वच्छ पेयजल और शौचालय
भोपाल के लिए गेम-चेंजर साबित होगी मेट्रो
यह मेट्रो लाइन भोपाल के सबसे व्यस्त इलाकों – रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड, डीबी मॉल, भारत माता चौराहा, लालघाटी और AIIMS को जोड़ेगी। रोजाना हजारों लोग जो घंटों ट्रैफिक में फँसते हैं, उन्हें अब तेज, सुरक्षित और आरामदायक यात्रा मिलेगी। साथ ही पेट्रोल-डीजल की बचत और प्रदूषण में कमी का भी बड़ा लाभ होगा।
मध्य प्रदेश मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन के अधिकारियों का कहना है कि 13 दिसंबर के बाद कुछ दिनों तक नि:शुल्क यात्रा की सुविधा भी दी जा सकती है, ताकि लोग मेट्रो का अनुभव ले सकें। इसके बाद सस्ते और सुविधाजनक किराये की घोषणा की जाएगी।
भोपाल अब सचमुच ‘स्मार्ट सिटी’ की राह पर तेजी से बढ़ रहा है। 13 दिसंबर का दिन राजधानी के नागरिकों के लिए यादगार होने वाला है, जब पहली बार मेट्रो की सीटी गूँजेगी और शहर नई रफ्तार पकड़ेगा।
