Controversy: जनाक्रोश मंच पर विवाद
राजधानी भोपाल में आयोजित एक जनाक्रोश महाआंदोलन उस समय विवादों में घिर गया, जब मंच से दिए गए एक बयान ने राजनीतिक और सामाजिक हलकों में तीखी प्रतिक्रिया को जन्म दे दिया।
पूर्व विधायक आरडी प्रजापति की टिप्पणी को महिलाओं और धार्मिक कथावाचकों के प्रति अपमानजनक बताया जा रहा है।
Controversy: जनाक्रोश महाआंदोलन में हुआ विवाद
रविवार को भोपाल में विवादित आईएएस अधिकारी संतोष वर्मा के समर्थन में ‘संविधान बचाओ–आरक्षण बचाओ जनाक्रोश महाआंदोलन’ आयोजित किया गया था। कार्यक्रम के दौरान मंच से बोलते हुए पूर्व विधायक आरडी प्रजापति ने ऐसी भाषा का प्रयोग किया, जिसे आयोजनों की मर्यादा के खिलाफ माना जा रहा है।
Controversy: बयान का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल
आरडी प्रजापति के कथन का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से फैल रहा है, जिससे मामला और अधिक संवेदनशील हो गया है।
सार्वजनिक मंच से दिए गए इन शब्दों को लेकर आयोजन की मंशा और जिम्मेदारी पर भी सवाल उठने लगे हैं।
राजनीति में भाषा और मर्यादा पर बहस
इस घटना के बाद मध्यप्रदेश की राजनीति में सार्वजनिक जीवन में संयमित भाषा और जिम्मेदारी को लेकर बहस तेज हो गई है।
कई सामाजिक संगठनों और राजनीतिक दलों ने ऐसे बयानों को समाज के लिए नुकसानदेह बताया है।
कांग्रेस और भाजपा की कड़ी प्रतिक्रिया
कांग्रेस नेता और पूर्व मंत्री पीसी शर्मा ने बयान की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि सस्ती लोकप्रियता के लिए इस तरह की भाषा का इस्तेमाल दुर्भाग्यपूर्ण है। वहीं भाजपा प्रवक्ता अजय यादव ने भी महिलाओं और कथावाचकों पर की गई टिप्पणी को अस्वीकार्य बताते हुए इसकी आलोचना की है।
कौन हैं आरडी प्रजापति
आरडी प्रजापति छतरपुर जिले की चंदला विधानसभा से भाजपा विधायक रह चुके हैं।
उनके पुत्र राजेश प्रजापति भी पूर्व में विधायक रहे हैं।
वर्ष 2024 में आरडी प्रजापति ने समाजवादी पार्टी के टिकट पर टीकमगढ़ लोकसभा सीट से चुनाव लड़ा था।
उन्हें उस चुनाव में हार का सामना करना पड़ा था।
वर्तमान में वे ‘संपूर्ण बुंदेलखंड जन जागरण मंच’ के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं।
निष्कर्ष
यह मामला केवल एक व्यक्ति के बयान तक सीमित नहीं है।
यह सार्वजनिक मंचों पर जिम्मेदार भाषा के उपयोग को लेकर व्यापक सवाल खड़े करता है।
आने वाले दिनों में इस बयान को लेकर राजनीतिक माहौल और गरमा सकता है।
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