By: Ravindra Sikarwar
भोपाल के गौतम नगर क्षेत्र में बुधवार सुबह एक दिल दहला देने वाली वारदात ने पूरे इलाके को हिलाकर रख दिया। महज़ एक बीड़ी न पिलाने के छोटे-से विवाद ने इतना भयावह रूप ले लिया कि एक युवक की जान चली गई। मृतक की पहचान 28 वर्षीय रोहित अहिरवार के रूप में हुई है, जो मूलतः विदिशा जिले का रहने वाला था और मजदूरी करके अपना गुजारा करता था। पुलिस के अनुसार, हत्या सुबह करीब 5:30 से 6 बजे के बीच हुई, जब इलाके में अधिकतर लोग सो रहे थे। हमलावर ने पास में पड़े एक बड़े पत्थर से रोहित के सिर पर कई बार वार किए, जिससे मौके पर ही उसकी मौत हो गई।
दरअसल, यह खूनी खेल मंगलवार रात से शुरू हुआ था। रोहित और उसका परिचित 25 वर्षीय आरोपी सोनू उर्फ सोनम (जो इसी इलाके में रहता है) दोनों देर रात तक शराब पी रहे थे। नशे में दोनों के बीच मामूली बात पर कहासुनी हो गई। सोनू ने रोहित से बीड़ी मांगी, लेकिन रोहित के पास बीड़ी नहीं थी और उसने मना कर दिया। इसी बात से नाराज सोनू ने गाली-गलौज शुरू कर दी और धमकी दी कि “अब तू देखना”। गुस्से में सोनू वहाँ से चला गया, लेकिन उसकी नाराजगी कम नहीं हुई। रात भर मन में कड़वाहट पालता रहा और सुबह जैसे ही मौका मिला, वह फिर रोहित के पास पहुँचा। उस वक्त रोहित सड़क किनारे सोने की तैयारी कर रहा था या हल्की नींद में था। अचानक सोनू ने पास पड़े भारी पत्थर को उठाया और रोहित के सिर पर एक के बाद एक कई वार कर दिए। वार इतने जोरदार थे कि रोहित की खोपड़ी पूरी तरह से कुचल गई और खून का फव्वारा छूट पड़ा। चीखें सुनकर आसपास के लोग जागे, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी।
सुबह करीब 6 बजे स्थानीय लोगों ने खून से लथपथ शव देखा तो हड़कंप मच गया। सूचना मिलते ही गौतम नगर थाना प्रभारी अपने दल-बल के साथ मौके पर पहुँचे। पुलिस ने पूरे इलाके को सील कर दिया और शव को पोस्टमार्टम के लिए हमीदिया अस्पताल भेज दिया। शुरुआती जाँच में ही पुलिस को आरोपी की पहचान हो गई थी, क्योंकि कई चश्मदीदों ने सोनू को घटना से कुछ देर पहले इलाके में घूमते देखा था। पूछताछ के लिए तलाश शुरू हुई तो कुछ ही घंटों में सोनू को उसके एक रिश्तेदार के घर से दबोच लिया गया। पूछताछ में उसने अपना गुनाह कबूल कर लिया और बताया कि “बीड़ी नहीं दी इसलिए गुस्सा आ गया और सुबह मार डाला”। पुलिस ने उसके खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 302 (हत्या) के तहत मामला दर्ज कर लिया है। फिलहाल आरोपी को कोर्ट में पेश कर रिमांड पर लिया जा रहा है ताकि पूरी घटनाक्रम की बारीकियाँ पता की जा सकें।
यह घटना एक बार फिर छोटी-छोटी बातों पर लोगों के गुस्से पर काबू न रख पाने की भयावह मिसाल पेश करती है। नशा और आवेश में लिए गए फैसले किस कदर जानलेवा हो सकते हैं, इसका जीता-जागता उदाहरण भोपाल की इन गलियों में बुधवार सुबह देखने को मिला। पुलिस अब इलाके में गश्त बढ़ाने और नशेड़ियों पर सख्ती करने की बात कर रही है, लेकिन एक जिंदगी पहले ही खत्म हो चुकी है। रोहित का शव परिजनों को सौंप दिया गया है और अंतिम संस्कार की तैयारी चल रही है। परिवार वाले अभी सदमे में हैं और बार-बार यही सवाल पूछ रहे हैं कि “बीड़ी न देने की क्या इतनी बड़ी सजा थी?”
