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by-Ravindra Sikarwar

बेंगलुरु: कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु में एक सर्जन डॉक्टर ने अपनी डर्मेटोलॉजिस्ट पत्नी की हत्या के कई हफ्तों बाद एक ऐसी विकृत मानसिकता का परिचय दिया, जिसने पूरे पुलिस विभाग और समाज को स्तब्ध कर दिया। आरोपी डॉ. महेंद्र रेड्डी जी.एस. ने चार से पांच महिलाओं को डिजिटल पेमेंट ऐप फोनपे के जरिए संदेश भेजे, जिसमें लिखा था, “मैंने तेरे लिए अपनी पत्नी को मार डाला।” यह संदेश उन महिलाओं को भेजे गए, जो पहले उसके प्रेम प्रस्ताव को ठुकरा चुकी थीं। पुलिस जांच में यह खुलासा हुआ है कि महेंद्र ने हत्या को छिपाने के साथ-साथ अपनी पुरानी ‘प्रेमिकाओं’ को प्रभावित करने की कोशिश की, जो एक मनोवैज्ञानिक विकृति को दर्शाता है। यह मामला अप्रैल 2025 में पत्नी की रहस्यमयी मौत से जुड़ा है, जिसकी जांच में अब नया मोड़ आ गया है।

हत्या का काला अध्याय: एनेस्थीसिया की घातक खुराक
यह पूरी घटना अप्रैल 2025 की है, जब 29 वर्षीय डॉ. कृतिका एम. रेड्डी, जो बेल्लंदुर स्थित एक निजी अस्पताल में डर्मेटोलॉजिस्ट के रूप में कार्यरत थीं, अचानक उनकी मौत हो गई। शुरुआत में इसे प्राकृतिक कारणों से हुई मौत माना गया, लेकिन पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में उनके शरीर में प्रोपोफोल नामक एनेस्थीसिया दवा की घातक मात्रा मिली। प्रोपोफोल एक शक्तिशाली नशीली दवा है, जो सर्जरी के दौरान मरीज को बेहोश करने के लिए इस्तेमाल होती है, लेकिन अधिक मात्रा में यह सांस रुकने और हृदय गति रुकने का कारण बन सकती है।

महेंद्र, जो खुद एक सर्जन थे और कृतिका के पति थे, ने दावा किया था कि पत्नी की मौत अचानक कार्डियक अरेस्ट से हुई। लेकिन जांच एजेंसियों को शक हुआ जब परिवार के सदस्यों ने बताया कि दंपति के बीच वैवाहिक कलह चल रही थी। महेंद्र ने कृतिका पर अवैध संबंधों का आरोप लगाया था, जबकि कृतिका के सहकर्मी कहते थे कि महेंद्र खुद कई महिलाओं से बातचीत करता था। पुलिस ने महेंद्र को 14 अक्टूबर 2025 को उडुपी जिले के मणिपाल से गिरफ्तार किया, जहां वह छिपा हुआ था। पूछताछ में उसने हत्या की बात कबूल की, और बताया कि उसने पत्नी को घर पर ही इंजेक्शन देकर मार डाला था।

विकृत प्रेम प्रयास: पुरानी महिलाओं को निशाना बनाया
हत्या के बाद महेंद्र ने अपनी जिंदगी को ‘नया मोड़’ देने की कोशिश की। जांच में पता चला कि उसने कम से कम चार-पांच महिलाओं से संपर्क साधा, जिनमें एक मेडिकल प्रोफेशनल (डॉक्टर नहीं) भी शामिल थी, जो पहले उसके विवाह प्रस्ताव को अस्वीकार कर चुकी थी। इन महिलाओं को प्रभावित करने के लिए महेंद्र ने एक अनोखा और भयानक तरीका अपनाया—सोशल मीडिया और मैसेजिंग ऐप्स पर ब्लॉक होने के बाद फोनपे ऐप का सहारा लिया।

पुलिस के अनुसार, महेंद्र ने छोटी-मोटी रकम (जैसे 10-50 रुपये) ट्रांसफर करते हुए पेमेंट नोट्स सेक्शन में वह भयावह संदेश टाइप किया: “मैंने तेरे लिए अपनी पत्नी को मार डाला।” यह संदेश एक महिला को मई 2025 में भेजा गया, जब वह अन्य प्लेटफॉर्म्स पर ब्लॉक हो चुका था। फोरेंसिक जांच में उसके मोबाइल फोन और लैपटॉप से ये ट्रांजेक्शन रिकॉर्ड बरामद हुए। डिप्टी कमिश्नर ऑफ पुलिस (व्हाइटफील्ड) के. परशुराम ने पुष्टि की, “ये संदेश फोनपे के माध्यम से भेजे गए थे। आरोपी ने महिलाओं को यह बताकर डराने या लुभाने की कोशिश की कि हत्या उसके ‘प्रेम’ के लिए की गई।”

एक अन्य चौंकाने वाला खुलासा यह है कि महेंद्र ने पहले भी महिलाओं को लुभाने के लिए झूठे दावे किए थे। एक महिला को तो उसने अपनी मौत का नकली संदेश भेजा था, ताकि वह चिंतित हो और संपर्क करे। सितंबर 2025 में, जब वह ‘जिंदा’ लौटा, तो उसने ज्योतिषीय कुंडली का हवाला देकर कहा कि उसकी पहली पत्नी की मौत तय थी। ये महिलाएं ज्यादातर मैट्रिमोनियल साइट्स या सामाजिक सर्कल से जुड़ी थीं, और महेंद्र ने उन्हें ‘दूसरा मौका’ देने का प्रस्ताव दिया।

पुलिस जांच और डिजिटल सबूत: एक मनोरोगी की डायरी
बेंगलुरु सेंट्रल क्राइम ब्रांच (सीसीबी) ने महेंद्र के डिवाइसेस जब्त कर फोरेंसिक लैब भेजे, जहां से 50 से अधिक संदिग्ध चैट्स और ट्रांजेक्शन मिले। इनमें से कई महिलाओं ने पुलिस को शिकायत की कि महेंद्र का व्यवहार उत्पीड़नकारी था। एक महिला ने बताया, “वह बार-बार मैसेज करता था। जब ब्लॉक किया, तो फोनपे पर यह संदेश आया। मैं डर गई और तुरंत पुलिस गई।” पुलिस ने आईपीसी की धारा 302 (हत्या), 506 (आपराधिक धमकी) और आईटी एक्ट के तहत मामला दर्ज किया है।

महेंद्र का बचपन और पृष्ठभूमि भी जांच का हिस्सा बनी हुई है। वह एक मध्यमवर्गीय परिवार से था, लेकिन सहकर्मियों का कहना है कि वह महत्वाकांक्षी और ईर्ष्यालु स्वभाव का था। कृतिका के परिवार ने कहा, “हमारी बेटी ने कभी शिकायत नहीं की, लेकिन वह अकेली पड़ गई थी।” मनोचिकित्सकों ने सुझाव दिया कि महेंद्र को नार्सिसिस्टिक पर्सनालिटी डिसऑर्डर हो सकता है, जो उसे अपराध को ‘रोमांटिक’ बनाने के लिए प्रेरित करता है।

समाज पर प्रभाव: वैवाहिक हिंसा और साइबर उत्पीड़न के सवाल
यह मामला महिलाओं के खिलाफ घरेलू हिंसा और डिजिटल स्टॉकिंग की बढ़ती समस्या को उजागर करता है। बेंगलुरु में पिछले एक साल में 200 से अधिक वैवाहिक हत्या के मामले दर्ज हुए हैं, जिनमें ज्यादातर ईर्ष्या कारण थे। विशेषज्ञों का कहना है कि डिजिटल पेमेंट ऐप्स का दुरुपयोग नई चुनौती है, क्योंकि नोट्स सेक्शन में कोई सख्त मॉडरेशन नहीं है। कर्नाटक महिला आयोग ने फोनपे जैसी कंपनियों से ऐसी सुविधा पर फिल्टर लगाने की मांग की है।

कृतिका के परिवार ने न्याय की मांग की है, उसके भाई ने कहा, “हमारी बहन एक सफल डॉक्टर थी, लेकिन पति की क्रूरता ने सब छीन लिया। आरोपी को कड़ी सजा मिलनी चाहिए।” पुलिस ने अन्य महिलाओं से अपील की है कि यदि उन्हें ऐसे संदेश मिले तो तुरंत रिपोर्ट करें।

कानूनी प्रक्रिया और भविष्य
महेंद्र को रिमांड पर लेकर पूछताछ जारी है, और अदालत में चार्जशीट दाखिल की जाएगी। यह केस साइबर फोरेंसिक की भूमिका को रेखांकित करता है, जहां छोटे-छोटे डिजिटल निशान अपराध साबित कर सकते हैं। साइबर क्राइम हेल्पलाइन 1930 पर संपर्क किया जा सकता है। यह दुखद घटना समाज को चेतावनी देती है कि प्रेम की आड़ में छिपी हिंसा को पहचानना जरूरी है। कृतिका की स्मृति में उनके सहकर्मियों ने एक फंड फॉर विमेन सेफ्टी शुरू किया है। प्रभावित परिवारों और महिलाओं के प्रति संवेदनाएं व्यक्त की जा रही हैं, और उम्मीद है कि न्याय मिलेगा।

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