Barwah: नर्मदा जयंती के पावन अवसर पर नावघाट खेड़ी स्थित डेहरिया में सोमवार से सात दिवसीय महोत्सव का शुभारंभ हुआ। इस वर्ष समारोह में पहली बार सुंदरधाम आश्रम में भव्य आयोजन किया गया, वहीं नर्मदा तट पर माँ मेकल सेवा संस्था ने परंपरा के अनुसार महोत्सव की शुरुआत की।
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Barwah: सुंदरधाम आश्रम में भव्य आयोजन
इस वर्ष सुंदरधाम आश्रम में नर्मदा जयंती महोत्सव पहली बार भव्य स्तर पर आयोजित किया गया। ब्रह्मलीन सद्गुरु श्री सुंदरदास जी महाराज की प्रेरणा से आश्रम में विशेष धार्मिक गतिविधियों का आयोजन किया गया।

Barwah: माँ नर्मदा की शोभायात्रा
महोत्सव के पहले दिन माँ नर्मदा की भव्य शोभायात्रा निकाली गई। महामंडलेश्वर श्रीश्री 1008 बालकदास जी महाराज और श्री 108 नारायणदास जी महाराज के नेतृत्व में यह यात्रा आश्रम से शुरू होकर नर्मदा तट तक पहुँची। पालकी में माँ नर्मदा की प्रतिमा विराजमान थी, जिसके आगे कलशधारी मातृशक्तियाँ चल रही थीं।
बैंड-बाजों और श्रद्धालुओं का उत्साह
शोभायात्रा में बैंड-बाजों की धुन पर श्रद्धालु नृत्य करते नजर आए।
इस आयोजन ने स्थानीय जनता में धार्मिक और सांस्कृतिक उत्साह को और बढ़ा दिया।
नर्मदा तट पर भव्य अस्थायी मंदिर
नर्मदा तट पर विशेष रूप से बनाए गए अस्थायी मंदिर में माँ रेवा की प्रतिमा की प्राण-प्रतिष्ठा की गई।
इसके बाद विधि-विधान के अनुसार पूजन और यज्ञ का आयोजन हुआ।

यज्ञ और आहुतियों का शुभारंभ
हरसिद्धि मंदिर, उज्जैन के पंडित रमेशचंद जी और जगदीश चंद जी द्विवेदी के आचार्यत्व में यज्ञ और आहुतियों का दौर शुरू हुआ।
इस धार्मिक अनुष्ठान ने महोत्सव को और भी पवित्र और आस्था से भरपूर बना दिया।
इस तरह नर्मदा जयंती महोत्सव धर्म और आस्था के संगम का प्रतीक बनकर स्थानीय श्रद्धालुओं के लिए यादगार बन गया।
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