By: Yogendra Singh
Balaghat : जिले में लोगों को कम समय में पैसा दोगुना करने का सपना दिखाकर करीब 1450 करोड़ रुपये की उगाही करने वाले चर्चित ‘डबल मनी’ घोटाले में अब कार्रवाई निर्णायक चरण में पहुंच गई है। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने इस मामले में आरोपियों के खिलाफ विशेष पीएमएलए अदालत में चार्जशीट दाखिल कर दी है, जिससे कानूनी शिकंजा और कस गया है।
पीएमएलए कोर्ट में अभियोजन शिकायत दाखिल
Balaghat ईडी के भोपाल क्षेत्रीय कार्यालय ने अजय तिडके और उसके सहयोगियों के खिलाफ धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA), 2002 के तहत विशेष पीएमएलए न्यायालय, जबलपुर में अभियोजन शिकायत प्रस्तुत की है। अदालत ने आरोपियों को पूर्व-संज्ञान (Pre-Cognizance) सुनवाई के लिए नोटिस भी जारी कर दिए हैं, जिससे मामले की सुनवाई तेज होने की उम्मीद है।
तीन एफआईआर से खुली ठगी की परतें
Balaghat इस घोटाले की जांच की शुरुआत बालाघाट जिले के लांजी और किरनापुर थाना क्षेत्रों में दर्ज तीन अलग-अलग एफआईआर से हुई थी। ये एफआईआर बड्स अधिनियम, 2019 और भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत दर्ज की गई थीं।
जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ी, यह स्पष्ट हो गया कि मामला सिर्फ निवेशकों से ठगी तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें बड़े पैमाने पर मनी लॉन्ड्रिंग भी शामिल है।
Balaghat छह महीने चला ‘गारंटीड रिटर्न’ का जाल
ईडी की जांच में सामने आया कि अजय तिडके और उसके नेटवर्क ने लगभग छह महीने तक ‘डबल मनी’ योजना को सक्रिय रूप से चलाया। आम लोगों को भरोसा दिलाया गया कि उनका निवेश बहुत कम समय में दोगुना हो जाएगा।
निवेशकों का विश्वास जीतने के लिए पोस्ट डेटेड चेक दिए गए और योजना को पूरी तरह सुरक्षित बताया गया। यही भरोसा बाद में हजारों लोगों के लिए सबसे बड़ा नुकसान साबित हुआ।
अब तक 4.48 करोड़ की संपत्तियां कुर्क
Balaghat जांच के दौरान ईडी, भोपाल ने अस्थायी कुर्की आदेश जारी करते हुए अब तक 4.48 करोड़ रुपये की संपत्तियां जब्त की हैं। इनमें—
- लगभग 2.98 करोड़ रुपये की 25 अचल संपत्तियां
- करीब 1.50 करोड़ रुपये की चल संपत्तियां
शामिल हैं। इसके अलावा महेश तिडके, अजय तिडके, टिडके ब्रदर्स और उनसे जुड़ी अन्य संस्थाओं की संपत्तियों को भी केंद्र सरकार के माध्यम से जब्त कराने की प्रक्रिया जारी है।
एक अन्य मामले में दिवंगत इंजीनियर की संपत्तियां भी जब्त
इसी बीच ईडी, भोपाल जोनल कार्यालय ने एक अलग मामले में स्वर्गीय वैद्य प्रकाश श्रीवास्तव और उनकी पत्नी विभा श्रीवास्तव की संपत्तियों को भी धनशोधन रोकथाम अधिनियम के तहत अस्थायी रूप से कुर्क किया है।
इसमें—
- दो आवासीय फ्लैट
- 22 चल संपत्तियां
- लगभग 1.58 करोड़ रुपये की एफडी और बैंक बैलेंस
शामिल हैं। यह कार्रवाई सीबीआई, एसीबी जबलपुर द्वारा दर्ज एफआईआर के आधार पर की गई थी, जिसमें वैद्य प्रकाश श्रीवास्तव पर पश्चिमी रेलवे के राजकोट डिवीजन में डिवीजनल इंजीनियर रहते हुए पद का दुरुपयोग कर अनुपातहीन संपत्ति अर्जित करने का आरोप है। इस मामले में अपराध से अर्जित आय लगभग 1.66 करोड़ रुपये आंकी गई है।
अब कोर्ट की अगली सुनवाई पर नजर
Balaghat डबल मनी घोटाले में चार्जशीट दाखिल होने के बाद अब सभी की निगाहें पीएमएलए कोर्ट की अगली सुनवाई पर टिकी हैं। एक ओर हजारों निवेशक अपने डूबे धन की वापसी की उम्मीद लगाए बैठे हैं, वहीं जांच एजेंसियां शेष संपत्तियों की पहचान और कुर्की की दिशा में आगे बढ़ रही हैं।
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