by-Ravindra Sikarwar
भारतीय अंतरिक्ष यात्री ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला की अंतरिक्ष यात्रा एक दिन के लिए टाल दी गई है। यह मिशन, जिसे एक्सिओम-4 (Axiom-4) मिशन के नाम से जाना जाता है, अब 11 जून, 2025 को भारतीय समयानुसार शाम 5:30 बजे लॉन्च किया जाएगा। पहले यह मिशन 10 जून को लॉन्च होने वाला था।
देरी का कारण: खराब मौसम
भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने इस देरी का कारण खराब मौसम बताया है। इसरो के अध्यक्ष डॉ. वी. नारायणन ने सोमवार शाम को जानकारी दी कि मौसम की स्थिति को देखते हुए प्रक्षेपण को एक दिन के लिए टाल दिया गया है। स्पेसएक्स ने भी पुष्टि की है कि ऊपरी वायुमंडल में तेज़ हवाओं के कारण लॉन्च को बुधवार तक के लिए स्थगित कर दिया गया है।
मिशन का महत्व:
एक्सिओम-4 मिशन भारत के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला, राकेश शर्मा के बाद अंतरिक्ष में जाने वाले दूसरे भारतीय होंगे, राकेश शर्मा ने 1984 में सोवियत संघ के सोयुज यान से अंतरिक्ष यात्रा की थी। यह मिशन भारत, पोलैंड और हंगरी के लिए भी खास है, क्योंकि ये तीनों देश 40 से अधिक वर्षों के बाद अपने सरकारी-प्रायोजित मानव अंतरिक्ष मिशन को अंजाम दे रहे हैं। यह पहला मौका है जब ये तीनों देश अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (आईएसएस) पर एक साथ भाग ले रहे हैं।
मिशन के बारे में:
एक्सिओम-4 मिशन एक वाणिज्यिक अंतरिक्ष उड़ान है, जिसे एक्जिओम स्पेस नासा और स्पेसएक्स के सहयोग से संचालित कर रहा है। इस मिशन में चार अंतरिक्ष यात्री शामिल हैं: कमांडर पेगी व्हिटसन (अमेरिका), पायलट शुभांशु शुक्ला (भारत), और मिशन विशेषज्ञ टिबोर कापू (हंगरी) और स्लावोस उज्नास्की-विस्निएव्स्की (पोलैंड)। क्रू ड्रैगन कैप्सूल से उड़ान भरेगा।
इस मिशन के दौरान, अंतरिक्ष यात्री आईएसएस पर लगभग 14 दिन बिताएंगे, जहाँ वे लगभग 60 वैज्ञानिक अध्ययन और गतिविधियाँ करेंगे। इनमें से कई प्रयोग भारतीय शोधकर्ताओं द्वारा किए जाएंगे। ये प्रयोग माइक्रोग्रैविटी, जीवन विज्ञान और सामग्री विज्ञान में समझ को बढ़ाने पर केंद्रित हैं।
सुरक्षित उड़ान पहली प्राथमिकता:
स्पेसएक्स के वाइस प्रेसिडेंट विलियम गेर्स्टनमायर ने कहा कि कंपनी अपनी ड्रैगन कैप्सूल मिशनों में सुरक्षा और विश्वसनीयता पर जोर देती है। उन्होंने बताया कि डिज़ाइन में कई प्रणोदन घटकों को अधिक विश्वसनीय और उपयोगी बनाने के लिए बदला गया है। इसरो ने स्पष्ट किया है कि मिशन को सफलतापूर्वक पूरा करने के लिए मौसम की सही स्थिति का इंतजार करना ज़रूरी है।
