Assam Row: ‘पूर्वोत्तर का अपमान’
असम के मुख्यमंत्री ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर तीखा हमला करते हुए कहा है कि एक सार्वजनिक कार्यक्रम के दौरान पारंपरिक गमछा (गमोसा) न पहनना पूर्वोत्तर की संस्कृति और असम की पहचान का अपमान है। मुख्यमंत्री के अनुसार, गमोसा केवल एक कपड़ा नहीं बल्कि असमिया समाज की सम्मान, परंपरा और आत्मसम्मान का प्रतीक है। ऐसे में किसी राष्ट्रीय नेता द्वारा इसे नजरअंदाज करना भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाला है।
Assam Row: गमोसा का सांस्कृतिक महत्व
गमोसा असम और पूरे पूर्वोत्तर की सांस्कृतिक विरासत का अहम हिस्सा है। इसे सम्मान के प्रतीक के तौर पर अतिथियों को पहनाया जाता है। बिहू जैसे पर्वों से लेकर सामाजिक और राजनीतिक आयोजनों तक, गमोसा असमिया पहचान का अभिन्न अंग माना जाता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि जब कोई नेता पूर्वोत्तर आता है तो उससे अपेक्षा की जाती है कि वह स्थानीय परंपराओं का सम्मान करे।
मुख्यमंत्री का तीखा बयान
मुख्यमंत्री ने अपने बयान में कहा कि राहुल गांधी देश के अलग-अलग हिस्सों की यात्रा करते हैं और कई बार स्थानीय परंपराओं को अपनाते भी नजर आते हैं, लेकिन असम में ऐसा न करना दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह व्यवहार पूर्वोत्तर को गंभीरता से न लेने की मानसिकता को दर्शाता है। साथ ही उन्होंने कांग्रेस पार्टी से भी इस मुद्दे पर जवाब देने की मांग की।
कांग्रेस की प्रतिक्रिया
कांग्रेस नेताओं ने मुख्यमंत्री के आरोपों को राजनीति से प्रेरित बताया है। पार्टी का कहना है कि राहुल गांधी पूर्वोत्तर के मुद्दों को लगातार संसद और सार्वजनिक मंचों पर उठाते रहे हैं। उनके अनुसार, किसी एक कार्यक्रम में गमोसा न पहनना जानबूझकर किया गया अपमान नहीं कहा जा सकता।
राजनीतिक बयानबाजी तेज
इस विवाद के बाद असम की राजनीति में बयानबाजी और तेज हो गई है। भाजपा नेताओं ने राहुल गांधी पर क्षेत्रीय भावनाओं की अनदेखी का आरोप लगाया, जबकि कांग्रेस इसे मुद्दों से ध्यान भटकाने की कोशिश बता रही है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आगामी चुनावों को देखते हुए यह विवाद और तूल पकड़ सकता है।
निष्कर्ष
गमोसा को लेकर उठा यह विवाद सिर्फ एक प्रतीकात्मक मुद्दा नहीं, बल्कि पूर्वोत्तर की पहचान और सम्मान से जुड़ा हुआ है। ऐसे में राष्ट्रीय नेताओं से अपेक्षा की जाती है कि वे स्थानीय संस्कृति और परंपराओं के प्रति संवेदनशील रहें, ताकि किसी भी तरह की गलतफहमी और विवाद से बचा जा सके।
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