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By: Ravindra Sikarwar

सर्दियों का मौसम आते ही कई लोग एक आम शिकायत करने लगते हैं – सुबह बिस्तर से उठो तो गला एकदम सूखा-सूखा लगता है, खराश सी रहती है, कभी-कभी हल्की खांसी भी आने लगती है। ज़्यादातर लोग इसे मौसम की मार समझकर टाल देते हैं, लेकिन अगर यह समस्या रोज़ाना हो रही है, तो इसके पीछे मौसम के अलावा भी कई गंभीर कारण हो सकते हैं। आइए जानते हैं डॉक्टरों और विशेषज्ञों के अनुसार असल वजहें क्या हैं और इन्हें कैसे दूर किया जा सकता है।

  1. रात में मुंह से सांस लेने की आदत: बहुत से लोग बिना जाने रात भर मुंह खोलकर सोते हैं। जब नाक की बजाय मुंह से सांस ली जाती है, तो ठंडी और सूखी हवा सीधे गले पर पड़ती है। इससे गले की नमी तेज़ी से खत्म हो जाती है और सुबह उठते ही गला रेगमाल जैसा लगने लगता है। पल्मोनोलॉजिस्ट बताते हैं कि यह सबसे आम वजह है।
  2. नाक बंद होना या एलर्जी: सर्दी-जुकाम, साइनस या धूल-मिट्टी की एलर्जी के कारण नाक बंद रहती है। ऐसे में रात भर मुंह से सांस लेनी पड़ती है, जिसका नतीजा फिर वही – गला सूखना। अगर आपको बार-बार नाक बहना या बंद होना महसूस होता है, तो यह कारण हो सकता है।
  3. कमरे में नमी की भारी कमी: सर्दियों में लोग रूम हीटर जलाकर सोते हैं और गर्मियों में एसी। दोनों ही उपकरण हवा से नमी सोख लेते हैं। जब कमरे की हवा बहुत सूखी हो जाती है, तो गले और नाक की अंदरूनी परत (म्यूकस मेम्ब्रेन) डिहाइड्रेट हो जाती है। नतीजा सुबह गला पूरी तरह ड्राई।
  4. पानी बहुत कम पीना: ठंड लगती है तो पानी पीने का मन नहीं करता। दिन भर में पानी की मात्रा बहुत कम हो जाती है। शरीर में डिहाइड्रेशन होने से सबसे पहले गला और मुंह प्रभावित होते हैं। सुबह उठते ही सबसे ज़्यादा सूखापन इसी वजह से महसूस होता है।
  5. खर्राटे या स्लीप एप्निया: जो लोग तेज़ खर्राटे लेते हैं या जिन्हें स्लीप एप्निया की समस्या है, उनके गले और मुंह में हवा का दबाव असामान्य रहता है। इससे भी रात भर मुंह खुला रहता है और गला सूखता है। यह समस्या अनदेखी करने पर गंभीर हो सकती है।
  6. प्रदूषण का सीधा असर: अगर आप किसी प्रदूषित शहर में रहते हैं और रात में खिड़की खुली रखकर सोते हैं, तो हवा में मौजूद महीन कण (PM2.5) सीधे गले की दीवारों पर चिपक जाते हैं। ये कण नमी सोख लेते हैं और इरिटेशन पैदा करते हैं। बिना एयर प्यूरीफायर के यह समस्या और बढ़ जाती है।
  7. शराब और धूम्रपान: शराब पीने या सिगरेट पीने से गले की कोमल झिल्ली को सीधा नुकसान पहुंचता है। ये आदतें म्यूकस मेम्ब्रेन को लगातार डिहाइड्रेट करती हैं। सुबह का सूखापन और खराश इनकी वजह से भी हो सकता है।

इन समस्याओं से बचने के आसान और कारगर उपाय

  • दिन में कम से कम 2-2.5 लीटर पानी ज़रूर पिएं, चाहे ठंड लगे।
  • रूम हीटर कम से कम इस्तेमाल करें। अगर चलाना ज़रूरी है तो उसके पास पानी की बड़ी बाल्टी या गीला तौलिया रखें। बेहतर होगा ह्यूमिडिफायर वाला हीटर लें।
  • सोने से पहले हल्की गुनगुनी भाप लें, खासकर अगर नाक बंद रहती हो।
  • मुंह से सांस लेने की आदत है तो “माउथ टेपिंग” ट्राई कर सकते हैं (स्पेशल मेडिकल टेप से मुंह हल्के से बंद करके सोना) – लेकिन पहले डॉक्टर से सलाह लें।
  • एयर प्यूरीफायर और ह्यूमिडिफायर का इस्तेमाल करें।
  • शराब और सिगरेट से पूरी तरह परहेज करें।
  • अगर खर्राटे बहुत तेज़ हैं या सांस रुकने जैसी शिकायत है तो तुरंत स्लीप स्पेशलिस्ट से मिलें।

अगर ये सभी उपाय करने के बाद भी हर सुबह गले में तकलीफ़ बनी रहती है, तो इसे हल्के में न लें। यह एसिड रिफ्लक्स, थायरॉइड या किसी गंभीर एलर्जी का संकेत भी हो सकता है। ऐसे में ENT स्पेशलिस्ट या पल्मोनोलॉजिस्ट से जांच ज़रूर करवाएं।

थोड़ी सी सावधानी और सही आदतों से आप इस परेशानी को हमेशा के लिए अलविदा कह सकते हैं!

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