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by-Ravindra Sikarwar

नई दिल्ली: वित्त मंत्रालय ने बैंकिंग क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण सुधार की घोषणा की है, जिसके तहत बैंकिंग कानून (संशोधन) अधिनियम, 2025 के प्रमुख प्रावधान 1 नवंबर 2025 से लागू हो जाएंगे। ये बदलाव जमा खातों, सुरक्षित हिरासत में रखे गए सामान और बैंक लॉकरों के कंटेंट के लिए नामांकन सुविधाओं से जुड़े हैं। अब ग्राहक अपने खातों या लॉकरों के लिए अधिकतम चार व्यक्तियों को नामांकित कर सकेंगे, जो या तो एक साथ (समवर्ती) या क्रमबद्ध (उत्तराधिकारी) तरीके से हो सकता है। यह कदम ग्राहकों की सुविधा बढ़ाने, पारदर्शिता सुनिश्चित करने और दावों के निपटारे को तेज करने के उद्देश्य से उठाया गया है। अधिनियम के धारा 10, 11, 12 और 13 को 1 नवंबर से सक्रिय किया जाएगा, जबकि अन्य धाराएं अगस्त 2025 से पहले ही लागू हो चुकी हैं।

नए नियमों की मुख्य विशेषताएं:
ये संशोधन ग्राहकों को पहले की तुलना में कहीं अधिक लचीलापन प्रदान करेंगे। पहले केवल एक नामांकित की व्यवस्था थी, लेकिन अब जमा खातों के मामले में ग्राहक अपनी पसंद के अनुसार चार नामांकितों का चयन कर सकते हैं। इसमें दो विकल्प उपलब्ध हैं:

  • समवर्ती नामांकन: सभी चार नामांकित एक साथ हकदार होंगे, और प्रत्येक के लिए स्पष्ट प्रतिशत हिस्सेदारी निर्धारित की जा सकेगी। इससे दावों का तत्काल और समान वितरण संभव होगा।
  • उत्तराधिकारी नामांकन: नामांकितों को प्राथमिकता क्रम में रखा जा सकता है, जहां पहले नामांकित की अनुपस्थिति में अगला हकदार बनेगा।

सुरक्षित हिरासत के सामान और लॉकरों के लिए केवल उत्तराधिकारी नामांकन की अनुमति होगी, ताकि उत्तराधिकार की स्पष्टता बनी रहे। वित्त मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, “ये प्रावधान बैंकिंग प्रणाली में एकरूपता लाएंगे और ग्राहकों के लिए दावों की प्रक्रिया को सरल बनाएंगे। अब बार-बार नामांकन बदलने की जरूरत नहीं पड़ेगी।” बैंकिंग कंपनियां (नामांकन) नियम, 2025 जल्द ही जारी किए जाएंगे, जिसमें नामांकन करने, रद्द करने या संशोधित करने की प्रक्रिया और फॉर्मेट का विवरण होगा। इससे सभी बैंकों में एकसमान कार्यान्वयन सुनिश्चित होगा।

कार्यान्वयन प्रक्रिया: कैसे करें नामांकन?
नए नियम लागू होने के बाद ग्राहकों को अपनी शाखा में जाकर सरल फॉर्म भरना होगा। जमा खातों के लिए:

  1. बैंक शाखा में जाएं और नामांकन फॉर्म प्राप्त करें।
  2. चार नामांकितों के नाम, संबंध, पता और हिस्सेदारी (यदि समवर्ती) का विवरण भरें।
  3. दस्तावेज सत्यापन के बाद नामांकन दर्ज हो जाएगा।

लॉकरों के लिए भी यही प्रक्रिया होगी, लेकिन केवल क्रमबद्ध नामांकन के साथ। मौजूदा नामांकनों पर कोई तत्काल प्रभाव नहीं पड़ेगा, लेकिन ग्राहक अपनी सुविधा के लिए नए विकल्प चुन सकते हैं। आरबीआई ने बैंकों को निर्देश दिए हैं कि वे ग्राहकों को जागरूक करने के लिए अभियान चलाएं।

अधिनियम का व्यापक उद्देश्य:
बैंकिंग कानून (संशोधन) अधिनियम, 2025 को 15 अप्रैल 2025 को अधिसूचित किया गया था, जिसमें पांच प्रमुख कानूनों—आरबीआई अधिनियम 1934, बैंकिंग विनियमन अधिनियम 1949, एसबीआई अधिनियम 1955 तथा बैंकिंग कंपनियां (अधिग्रहण और हस्तांतरण) अधिनियम 1970 एवं 1980—में कुल 19 संशोधन शामिल हैं। अधिनियम का मुख्य लक्ष्य बैंकिंग क्षेत्र में शासन मानकों को मजबूत करना, आरबीआई को रिपोर्टिंग में एकरूपता लाना, जमाकर्ताओं और निवेशकों की सुरक्षा बढ़ाना, सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों में ऑडिट गुणवत्ता सुधारना तथा नामांकन जैसी ग्राहक सुविधाओं को बेहतर बनाना है। वित्त मंत्री ने कहा कि ये बदलाव आर्थिक स्थिरता और ग्राहक विश्वास को मजबूत करेंगे।

ग्राहकों के लिए लाभ और सलाह:
ये नए नियम विशेष रूप से उन परिवारों के लिए फायदेमंद होंगे जहां कई उत्तराधिकारी हैं, क्योंकि इससे संपत्ति वितरण में विवाद कम होंगे। दावों का निपटारा तेज होगा, जो पहले महीनों लेता था। हालांकि, विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि ग्राहक तुरंत अपनी नामांकन स्थिति की समीक्षा करें और आवश्यक बदलाव करें। यदि कोई नामांकन नहीं है, तो जल्द से जल्द दर्ज कराएं। यह बदलाव बैंकिंग को अधिक समावेशी और कुशल बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है, जो लाखों ग्राहकों को लाभ पहुंचाएगा।

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