Ajit DovalAjit Doval
Spread the love

Ajit Doval : भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल ने अमेरिका के वरिष्ठ नेता मार्को रुबियो से बातचीत के दौरान स्पष्ट शब्दों में कहा कि भारत किसी भी तरह की धमकी या दबाव में आने वाला देश नहीं है। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि भारत अपनी रणनीतिक स्वायत्तता को बनाए रखते हुए दीर्घकालिक नजरिए से फैसले करता है और किसी एक प्रशासन के कार्यकाल से प्रभावित नहीं होता। यह बयान ऐसे समय आया है जब अंतरराष्ट्रीय राजनीति में अमेरिका की भूमिका और उसकी नीतियों को लेकर वैश्विक स्तर पर चर्चाएं तेज हैं।

Ajit Doval भारत की रणनीतिक सोच और आत्मनिर्भर रुख

डोभाल ने बातचीत में भारत की उस नीति को रेखांकित किया जिसमें राष्ट्रीय हित सर्वोपरि होते हैं। उन्होंने कहा कि भारत ने इतिहास से यह सीखा है कि तात्कालिक दबावों के बजाय दीर्घकालिक स्थिरता और हितों पर ध्यान देना ज्यादा जरूरी है। भारत किसी भी देश के साथ सहयोग के लिए तैयार है, लेकिन वह सहयोग सम्मान और बराबरी के आधार पर होना चाहिए।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि भारत अपनी विदेश नीति में स्वतंत्र निर्णय लेने की क्षमता रखता है और किसी भी बाहरी ताकत के दबाव में आकर नीतियां नहीं बदलता।

Ajit Doval ट्रंप प्रशासन को लेकर भारत का नजरिया

डोभाल के अनुसार, भारत किसी एक अमेरिकी राष्ट्रपति या प्रशासन को केंद्र में रखकर अपनी रणनीति तय नहीं करता। उन्होंने संकेत दिया कि भारत समय की कसौटी पर चीजों को परखता है और जरूरत पड़ने पर परिस्थितियों के बदलने का इंतजार भी करता है। इस संदर्भ में यह माना जा रहा है कि भारत ट्रंप के कार्यकाल को लेकर धैर्यपूर्ण रुख अपनाने के पक्ष में है और जल्दबाजी में कोई प्रतिक्रिया नहीं देना चाहता।

भारत-अमेरिका संबंधों की व्यापक तस्वीर

हालांकि यह बयान सख्त प्रतीत होता है, लेकिन भारत और अमेरिका के रिश्ते बहुआयामी हैं। रक्षा, व्यापार, तकनीक और इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में दोनों देशों के हित कई बिंदुओं पर मेल खाते हैं। डोभाल ने यह भी कहा कि भारत अमेरिका के साथ साझेदारी को महत्व देता है, लेकिन यह साझेदारी आपसी सम्मान पर आधारित होनी चाहिए।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह बयान भारत की बढ़ती आत्मविश्वासपूर्ण कूटनीति को दर्शाता है, जहां वह वैश्विक मंच पर अपने हितों को बिना किसी झिझक के सामने रख रहा है।

कुल मिलाकर, अजीत डोभाल का यह संदेश साफ है—भारत सहयोग चाहता है, लेकिन दबाव नहीं स्वीकार करेगा और अपने राष्ट्रीय हितों की रक्षा के लिए धैर्य और रणनीति दोनों का इस्तेमाल करेगा।

Also Read This: Madhya Pradesh : 28 फरवरी को आएंगे बोत्सवाना से 8 चीते

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *