AhilyabaiAhilyabai
Spread the love

Ahilyabai: गणतंत्र दिवस परेड–2026 में मध्यप्रदेश की झांकी बनेगी आकर्षण का केंद्र

लोकमाता की 300वीं जयंती को समर्पित भव्य प्रस्तुति

Ahilyabai: गणतंत्र दिवस 2026 के अवसर पर दिल्ली के कर्तव्य पथ पर मध्यप्रदेश की झांकी लोकमाता देवी अहिल्याबाई होलकर की गौरवशाली जीवनगाथा को जीवंत रूप में प्रस्तुत करेगी। लोकमाता की 300वीं जयंती वर्ष के उपलक्ष्य में तैयार की गई यह झांकी उनके व्यक्तित्व, आध्यात्मिक चेतना और अद्वितीय प्रशासनिक कौशल को समर्पित होगी। ‘पुण्यश्लोका लोकमाता देवी अहिल्याबाई होलकर’ की यह प्रस्तुति भारतीय इतिहास में उनके अमिट योगदान को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का प्रयास है।

Ahilyabai: राष्ट्रीय थीम के अनुरूप मध्यप्रदेश की झांकी

इस वर्ष गणतंत्र दिवस परेड की विशेष थीम ‘स्वतंत्रता का मंत्र वंदे मातरम’ और ‘समृद्धि का मंत्र आत्मनिर्भर भारत’ निर्धारित की गई है।

इसी अवधारणा के अनुरूप मध्यप्रदेश की झांकी लोकमाता अहिल्याबाई के आध्यात्मिक, सामाजिक और प्रशासनिक योगदान को दर्शाएगी।

परेड में कुल 30 झांकियां शामिल होंगी, जिनमें 17 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की भागीदारी रहेगी।

Ahilyabai: झांकी की संरचना और कलात्मक स्वरूप

झांकी के अग्र भाग में लोकमाता अहिल्याबाई होलकर की वात्सल्यमयी प्रतिमा होगी, जिसमें वे हाथ में शिवलिंग धारण किए दिखाई देंगी।

यह दृश्य उनकी गहन आस्था और भारतीय मातृशक्ति की सौम्यता का प्रतीक होगा।

मध्य भाग में उन्हें अश्वारूढ़ रूप में एक कुशल शासक और वीरांगना के तौर पर दर्शाया जाएगा।

जो उनके साहस और प्रशासनिक दक्षता को रेखांकित करेगा।

महेश्वर और सांस्कृतिक विरासत का जीवंत चित्रण

झांकी के अंतिम हिस्से में मां नर्मदा के तट पर स्थित ऐतिहासिक महेश्वर घाट, मंदिर और किले की भव्य झलक दिखाई देगी।

साथ ही लोकमाता द्वारा देशभर में कराए गए प्रमुख मंदिरों के जीर्णोद्धार—

  • काशी विश्वनाथ
  • बद्रीनाथ
  • केदारनाथ
  • सोमनाथ
  • जगन्नाथपुरी

को कलात्मक पैनलों के माध्यम से प्रस्तुत किया जाएगा।

महेश्वरी साड़ी और महिला सशक्तिकरण

झांकी का एक विशेष आकर्षण महेश्वरी साड़ी बुनती महिलाएं होंगी, जो मध्यप्रदेश की समृद्ध आर्थिक, सांस्कृतिक और हस्तशिल्प परंपरा का प्रतिनिधित्व करेंगी।

यह दृश्य महिला सशक्तिकरण और स्वदेशी कला की ताकत को भी उजागर करेगा।

यह झांकी न केवल इतिहास की गौरवशाली गाथा सुनाएगी, बल्कि भारतीय संस्कृति, आस्था और आत्मनिर्भरता के संदेश को भी सशक्त रूप से प्रस्तुत करेगी।

Also Read This: Controversy: विधायक बरैया के बयान पर कांग्रेस हाईकमान ने जांच बिठाई

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *