by-Ravindra Sikarwar
मुंबई: वयोवृद्ध अभिनेता पंकज धीर, जो बीआर चोपड़ा की ऐतिहासिक धारावाहिक ‘महाभारत’ में योद्धा कर्ण की भूमिका के लिए प्रसिद्ध थे, का 15 अक्टूबर 2025 को 68 वर्ष की आयु में निधन हो गया। वे लंबे समय से कैंसर से जूझ रहे थे, और हाल ही में बीमारी के दोबारा उभरने के बाद उनकी स्थिति बिगड़ गई थी। सूत्रों के अनुसार, उन्होंने एक बड़ी सर्जरी भी करवाई थी, लेकिन अंततः वे इस बीमारी से हार गए। सिने एंड टीवी आर्टिस्ट्स एसोसिएशन (सिंटा) ने बुधवार को एक आधिकारिक बयान जारी कर उनके निधन की पुष्टि की। बयान में कहा गया, “गहन दुख और गहरे शोक के साथ हम आपको सूचित करते हैं कि हमारे ट्रस्ट के पूर्व अध्यक्ष और सिंटा के पूर्व मानद महासचिव श्री पंकज धीर जी का 15 अक्टूबर 2025 को निधन हो गया है।” उनके पार्थिव शरीर का अंतिम संस्कार उसी दिन मुंबई के विले पार्ले (पश्चिम) में पवन हंस के पास दोपहर 4:30 बजे किया गया।
निधन का विवरण और कारण:
पंकज धीर कई महीनों से अस्पताल में भर्ती होने और बाहर आने की स्थिति में थे। उनके पुराने मित्र और अभिनेता अमित बेहल ने उनके निधन की पुष्टि की और बताया कि कैंसर के कारण उनकी मृत्यु हुई। एक अन्य मित्र और निर्माता अशोक पंडित ने पीटीआई को बताया, “वे आज सुबह कैंसर के कारण गुजर गए। पिछले महीनों में वे अस्पताल में अंदर-बाहर होते रहे थे।” रिपोर्ट्स के अनुसार, धीर की कैंसर की लड़ाई कुछ समय से चल रही थी, लेकिन कुछ महीने पहले बीमारी फिर से उभरी, जिसके बाद उन्हें गंभीर रूप से अस्वस्थ महसूस हुआ। उन्होंने एक बड़ी सर्जरी भी करवाई, लेकिन इससे कोई स्थायी राहत नहीं मिली। कैंसर की वापसी (रिलैप्स) के बारे में चिकित्सकों का कहना है कि यह रेमिशन (आराम की अवस्था) के बाद भी हो सकता है, और शुरुआती लक्षणों पर ध्यान देना महत्वपूर्ण है। धीर का निधन भारतीय मनोरंजन जगत के लिए एक बड़ा नुकसान है, क्योंकि उनकी कर्ण जैसी भूमिका ने लाखों दर्शकों के दिलों में जगह बनाई थी।
पंकज धीर की पृष्ठभूमि और शुरुआती जीवन:
पंकज धीर का जन्म 9 नवंबर 1956 को उत्तर प्रदेश के कानपुर में हुआ था। वे एक साधारण परिवार से ताल्लुक रखते थे, लेकिन अभिनय के प्रति उनका जुनून बचपन से ही था। उन्होंने अपनी शुरुआत मुश्किलों से की और कई असफलताओं का सामना किया। उनकी पहली फिल्म ‘पूнам’ (1981) बॉक्स ऑफिस पर असफल रही, लेकिन इससे वे हार नहीं माने। उन्होंने अपनी कला को निखारने के लिए छोटी-छोटी भूमिकाओं में काम किया और धीरे-धीरे मनोरंजन उद्योग में अपनी जगह बनाई। धीर की ऊंची कद-काठी, अभिव्यंजक आंखें, गहन संवाद अदायगी और मजबूत स्क्रीन प्रेजेंस ने उन्हें एक अलग पहचान दी।
करियर की प्रमुख उपलब्धियां:
पंकज धीर का करियर 1988 में बीआर चोपड़ा की ‘महाभारत’ से चमका, जहां उन्होंने सूर्यपुत्र कर्ण की भूमिका निभाई। इस भूमिका ने उन्हें रातोंरात स्टार बना दिया। कर्ण के चरित्र की वफादारी, गर्व और दर्द को उन्होंने इतनी गहराई से पेश किया कि दर्शक आज भी उनके संवाद और भावनाओं को याद करते हैं। ‘महाभारत’ की सफलता उनके जीवन का सबसे बड़ा मोड़ थी, जिसने उन्हें पूरे भारत में घर-घर जाना-पहचाना नाम बना दिया।
इसके अलावा, उन्होंने कई अन्य टीवी धारावाहिकों में काम किया, जैसे ‘चंद्रकांता’ (राजा शिव दत्त के रूप में), ‘जी हॉरर शो’, ‘कानून’, ‘सनम बेवफा’, ‘सड़क’, ‘ससुराल सिमर का’, ‘राजा की आएगी बारात’, ‘देवों के देव… महादेव’ और ‘बढ़ो बहू’। फिल्मों में उन्होंने ‘सुखा’, ‘मेरा सुहाग’, ‘रैंडम वरावु’, ‘जीवन एक संघर्ष’, ‘सोल्जर’, ‘अंदाज’, ‘बादशाह’ और ‘तुमको ना भूल पाएंगे’ जैसी परियोजनाओं में सहायक भूमिकाएं निभाईं। उन्होंने एक विश्वसनीय सहायक अभिनेता के रूप में अपनी छाप छोड़ी और बहुमुखी प्रतिभा दिखाई।
परिवार और उत्तराधिकार:
पंकज धीर अपनी पत्नी अनीता धीर, बेटे निकितिन धीर और बहू क्रतिका सेंगर से बचे हैं। निकितिन धीर एक अभिनेता हैं, जिन्होंने ‘चेन्नई एक्सप्रेस’ (शाहरुख खान के साथ), ‘जोधा अकबर’ (हृतिक रोशन के साथ) और ‘सूर्यवंशी’ (अक्षय कुमार के साथ) जैसी फिल्मों में काम किया है। क्रतिका सेंगर भी एक अभिनेत्री हैं, जो ‘एक वीर स्त्री की कहानी – झांसी की रानी’ में अपनी भूमिका के लिए जानी जाती हैं। परिवार ने धीर की कलात्मक विरासत को आगे बढ़ाया है। उनके निधन से कुछ घंटे पहले, निकितिन ने इंस्टाग्राम पर एक रहस्यमय पोस्ट साझा किया था: “जो आता है, उसे आने दो। जो रहता है, उसे रहने दो। जो जाता है, उसे जाने दो। शिव भक्त के रूप में ‘शिवार्पणम’ कहो और आगे बढ़ो! वह संभाल लेंगे! – लेकिन करना बहुत मुश्किल है।” कई लोगों ने इसे उनके पिता की स्थिति से जोड़ा।
सहकर्मियों की श्रद्धांजलि:
पंकज धीर के निधन पर कई सहकर्मियों ने शोक व्यक्त किया। ‘महाभारत’ में अर्जुन की भूमिका निभाने वाले फिरोज खान ने इंस्टाग्राम स्टोरी पर धीर के साथ एक तस्वीर साझा की और लिखा, “जेंटलमैन!!!” अमित बेहल ने उनके निधन की पुष्टि करते हुए गहरा दुख व्यक्त किया। अशोक पंडित ने कहा कि धीर की यादें हमेशा रहेंगी। सिंटा ने उन्हें पूर्व अध्यक्ष और मानद महासचिव के रूप में याद किया, जो एसोसिएशन के लिए उनके योगदान को दर्शाता है। प्रशंसकों ने सोशल मीडिया पर उनके कर्ण के चरित्र की प्रशंसा की और कहा कि उनकी अभिनय शैली अविस्मरणीय है।
विरासत और प्रभाव:
पंकज धीर की विरासत ‘महाभारत’ में कर्ण की भूमिका से जुड़ी हुई है, जो भारतीय टेलीविजन के इतिहास में एक मील का पत्थर है। उनकी शांत लेकिन प्रभावशाली उपस्थिति ने दर्शकों को प्रभावित किया। उन्होंने न केवल अभिनय किया बल्कि सिंटा जैसी संस्थाओं में सक्रिय भूमिका निभाई। उनके निधन से मनोरंजन उद्योग में शोक की लहर है, और वे हमेशा एक बहुमुखी और समर्पित कलाकार के रूप में याद किए जाएंगे। आने वाले समय में उनके योगदान पर और अधिक चर्चा होने की संभावना है।
