by-Ravindra Sikarwar
देवास: मध्य प्रदेश के देवास शहर के सिविल लाइन क्षेत्र में सोमवार दोपहर एक नाबालिग लड़के की लापरवाह ड्राइविंग के कारण एक खतरनाक हादसा हुआ। तेज रफ्तार से कार चला रहे 17 वर्षीय किशोर ने एक बाइक सवार को टक्कर मार दी, जिसके बाद कार अनियंत्रित होकर सड़क किनारे एक आवासीय भवन की दीवार से जा टकराई। सौभाग्य से, इस हादसे में कोई हताहत नहीं हुआ, और बाइक सवार सहित सभी लोग बाल-बाल बच गए। पुलिस ने नाबालिग को हिरासत में लिया है और भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 337 (लापरवाही से चोट पहुंचाना) और मोटर व्हीकल एक्ट के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। इस घटना ने शहर में नाबालिगों द्वारा वाहन चलाने की बढ़ती समस्या को फिर से उजागर किया है।
हादसे का विस्तृत विवरण:
घटना सोमवार, 13 अक्टूबर को दोपहर करीब 2:30 बजे सिविल लाइन के व्यस्त चौराहे के पास हुई। नाबालिग, जिसका नाम पुलिस ने गोपनीय रखा है, अपने पिता की होंडा सिटी कार चला रहा था। वह अपने एक दोस्त के साथ शहर में घूमने निकला था। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, कार की गति 70-80 किमी/घंटा थी, जो उस क्षेत्र की 30 किमी/घंटा की सीमा से कहीं अधिक थी। सिविल लाइन चौराहे के पास, कार ने 32 वर्षीय बाइक सवार संजय चौहान को टक्कर मार दी, जो एक निजी कंपनी में कर्मचारी है। टक्कर के कारण संजय अपनी बाइक से सड़क पर गिर पड़े, लेकिन सौभाग्य से उन्हें केवल मामूली खरोंचें आईं। उनकी बाइक का अगला पहिया क्षतिग्रस्त हो गया।
टक्कर के बाद नाबालिग ने कार को रोकने की कोशिश की, लेकिन वह नियंत्रण खो बैठा। कार सड़क के किनारे एक दो मंजिला आवासीय भवन की बाहरी दीवार से जा टकराई। दीवार का निचला हिस्सा आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हो गया, और कार का बम्पर और हेडलाइट टूट गए। भवन के अंदर उस समय कोई मौजूद नहीं था, जिससे बड़ा नुकसान टल गया। नाबालिग और उसके दोस्त को स्थानीय लोगों ने कार से सुरक्षित निकाला। हादसे के तुरंत बाद सिविल लाइन पुलिस और एक एम्बुलेंस मौके पर पहुंची। संजय को प्राथमिक उपचार के बाद छोड़ दिया गया, क्योंकि उनकी चोटें गंभीर नहीं थीं।
नाबालिग चालक की पृष्ठभूमि:
पुलिस पूछताछ में पता चला कि नाबालिग 11वीं कक्षा का छात्र है और एक प्रतिष्ठित परिवार से है। उसके पिता एक सरकारी कर्मचारी हैं और घटना के समय घर पर नहीं थे। नाबालिग ने बताया कि उसने अपने पिता की अनुपस्थिति में चुपके से कार की चाबी ली थी और दोस्त के साथ “मजा करने” के लिए ड्राइव पर निकला था। उसने स्वीकार किया कि उसे ड्राइविंग का ज्यादा अनुभव नहीं था और वह तेज गति को नियंत्रित नहीं कर सका। प्रारंभिक जांच में शराब के सेवन का कोई सबूत नहीं मिला, लेकिन पुलिस ने पुष्टि के लिए ब्लड सैंपल भेजे हैं। नाबालिग का दोस्त, जो कार में सहयात्री था, सदमे में था और उसने पुलिस को बताया कि वे सिर्फ “शहर में राउंड मार रहे थे।”
पीड़ित और स्थानीय लोगों की प्रतिक्रिया:
बाइक सवार संजय चौहान ने बताया कि वह अपने कार्यालय से घर लौट रहे थे जब यह हादसा हुआ। उन्होंने कहा, “मैं अचानक गिर पड़ा और समझ ही नहीं पाया कि क्या हुआ। भगवान की कृपा से मैं बच गया।” संजय ने नाबालिग के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की और कहा कि उनकी बाइक को हुए नुकसान की भरपाई की जानी चाहिए। स्थानीय निवासियों ने हादसे पर गुस्सा जताया और सिविल लाइन जैसे व्यस्त क्षेत्र में सड़क सुरक्षा उपायों की कमी पर सवाल उठाए। एक निवासी, श्यामलाल यादव, ने कहा, “यहां आए दिन तेज गति से गाड़ियां चलती हैं। प्रशासन को स्पीड ब्रेकर और ट्रैफिक सिग्नल लगाने चाहिए।”
घटना के बाद आसपास के लोग मौके पर जमा हो गए, और कुछ ने दीवार के मलबे को हटाने में मदद की। सोशल मीडिया पर हादसे की तस्वीरें वायरल हो गईं, जिसमें कार का अगला हिस्सा दीवार में धंसा हुआ दिख रहा है। कई लोगों ने नाबालिग ड्राइविंग को रोकने के लिए सख्त कानूनों की वकालत की।
पुलिस कार्रवाई और कानूनी प्रक्रिया:
सिविल लाइन थाना प्रभारी अजय शर्मा ने बताया कि नाबालिग के खिलाफ आईपीसी की धारा 337 (लापरवाही से चोट पहुंचाना) और मोटर व्हीकल एक्ट की धारा 180 (नाबालिग को वाहन चलाने की अनुमति देना) और 181 (बिना लाइसेंस ड्राइविंग) के तहत मामला दर्ज किया गया है। नाबालिग को जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड के समक्ष पेश किया जाएगा। पुलिस ने कार को जब्त कर लिया है और भवन के मालिक से नुकसान का आकलन करने को कहा है। प्रारंभिक अनुमान के अनुसार, दीवार को हुए नुकसान की लागत 30,000-40,000 रुपये हो सकती है।
प्रभारी शर्मा ने कहा, “नाबालिगों द्वारा वाहन चलाना गैरकानूनी और खतरनाक है। हम अभिभावकों से अपील करते हैं कि वे अपने बच्चों को वाहन न सौंपें।” पुलिस ने इलाके में ट्रैफिक चेकिंग बढ़ाने और जागरूकता अभियान शुरू करने का फैसला किया है। नाबालिग के पिता को भी नोटिस जारी किया गया है, और उनसे पूछताछ की जाएगी।
सड़क सुरक्षा पर सवाल और समुदाय की मांग:
यह हादसा देवास में नाबालिग ड्राइविंग की बढ़ती समस्या को रेखांकित करता है। स्थानीय निवासियों ने सिविल लाइन चौराहे पर सीसीटीवी कैमरे, स्पीड ब्रेकर और ट्रैफिक पुलिस की तैनाती की मांग की है। सड़क सुरक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि मध्य प्रदेश में नाबालिगों द्वारा वाहन चलाने के मामले बढ़ रहे हैं, और इसके लिए स्कूलों में जागरूकता कार्यक्रम और अभिभावकों के लिए सख्त जवाबदेही जरूरी है।
स्थानीय एनजीओ ‘सुरक्षित सड़क’ ने इस घटना के बाद एक अभियान शुरू करने की घोषणा की है, जिसमें स्कूलों में नाबालिगों को ड्राइविंग के खतरों के बारे में बताया जाएगा। यह हादसा एक चेतावनी है कि लापरवाही और नियमों की अनदेखी कितने खतरनाक परिणाम ला सकती है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे सड़क सुरक्षा नियमों का पालन करें और किसी भी असामान्य गतिविधि की सूचना तुरंत हेल्पलाइन नंबर 100 पर दें।
