by-Ravindra Sikarwar
केरल के कोझिकोड में एक नौ वर्षीय बच्ची की “मस्तिष्क खाने वाले अमीबा” (brain-eating amoeba) के संक्रमण से मृत्यु हो गई है, जिसे प्राइमरी अमीबिक मेनिंगोएन्सेफलाइटिस (PAM) के नाम से भी जाना जाता है। इस घटना के बाद, इस क्षेत्र में संक्रमण के कुल तीन मामले सामने आए हैं, जिनमें यह बच्ची भी शामिल है। बच्ची को शुरुआत में बुखार के साथ अस्पताल में भर्ती कराया गया था, लेकिन उसकी हालत तेजी से बिगड़ी, जिसके बाद उसे कोझिकोड मेडिकल कॉलेज में स्थानांतरित किया गया, जहाँ उसकी मृत्यु हो गई। स्वास्थ्य अधिकारी संक्रमण के स्रोत की जांच कर रहे हैं, क्योंकि यह अमीबा दूषित पानी या धूल में पाया जा सकता है।
प्रमुख बिंदु
- जानलेवा संक्रमण: बच्ची की मौत नेग्लेरिया फाउलेरी (Naegleria fowleri) नामक दुर्लभ अमीबा के कारण हुए मस्तिष्क संक्रमण से हुई है।
- तीन मामले: कोझिकोड में अब तक PAM के तीन पुष्ट मामले सामने आए हैं, जिनमें यह बच्ची और एक तीन महीने का बच्चा भी शामिल है।
- सार्वजनिक स्वास्थ्य चेतावनी: स्वास्थ्य अधिकारियों ने लोगों को सावधानी बरतने और संभावित रूप से दूषित पानी के स्रोतों में तैरने या नहाने से बचने की सलाह दी है।
- जांच: अधिकारी संक्रमण के स्रोत की पहचान करने और इसके आगे प्रसार को रोकने के लिए काम कर रहे हैं।
- लक्षण और उपचार: इसके लक्षणों में बुखार, सिरदर्द, गर्दन में अकड़न और दौरे पड़ना शामिल हैं, जो अक्सर कोमा और मृत्यु का कारण बनते हैं। उपचार में एम्फोटेरेसिन बी (Amphotericin B), एज़िथ्रोमाइसिन (Azithromycin), और मिल्टेफोसिन (Miltefosine) जैसी दवाओं का संयोजन शामिल है।
मस्तिष्क खाने वाला अमीबा क्या है?
इस बीमारी के लिए जिम्मेदार जीव नेग्लेरिया फाउलेरी (Naegleria fowleri) है, जो गर्म ताजे पानी और मिट्टी में पाया जाने वाला एक सूक्ष्म अमीबा है।
- यह नाक के माध्यम से शरीर में प्रवेश कर सकता है जब कोई व्यक्ति दूषित पानी को साँस के साथ अंदर लेता है। यह नाक से मस्तिष्क तक जाता है और PAM का कारण बनता है।
- यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि दूषित पानी को निगलने से संक्रमण नहीं होता है।
- नेग्लेरिया फाउलेरी एकमात्र अमीबा नहीं है जो PAM का कारण बन सकता है। एकांथामीबा (Acanthamoeba) जैसे अन्य वंश भी इस बीमारी का कारण बन सकते हैं, लेकिन उनका संक्रमण जरूरी नहीं कि पानी के संपर्क से जुड़ा हो।
