By: Ravindra Sikarwar
मध्य प्रदेश के ग्वालियर जिले में उस वक्त हड़कंप मच गया जब गुड़गांव से पन्ना जा रही एक निजी यात्री बस में अचानक आग भड़क उठी। यह दिल दहला देने वाला हादसा पुरानी छावनी थाना क्षेत्र के अंतर्गत उस समय हुआ जब बस तेज रफ्तार से राजमार्ग पर दौड़ रही थी। बस में सवार लगभग 45 यात्रियों में महिलाएं, बच्चे और बुजुर्ग भी शामिल थे। अचानक हुए शॉर्ट सर्किट ने देखते ही देखते पूरी बस को अपनी चपेट में ले लिया और कुछ ही मिनटों में बस जलकर राख के ढेर में बदल गई। स्थानीय लोगों और राहगीरों की सूझबूझ व तत्परता के कारण सभी यात्री सुरक्षित बाहर निकल आए, वरना बड़ा हादसा हो सकता था।
हादसे की शुरुआत उस समय हुई जब बस का पिछला टायर अचानक फट गया। टायर फटने से जोरदार धमाका हुआ और उसकी वजह से बस के इंजन क्षेत्र में स्पार्किंग शुरू हो गई। चंद सेकंड में ही स्पार्किंग ने शॉर्ट सर्किट का रूप ले लिया और आग की लपटें पूरे बस में फैलने लगीं। बस चालक ने जैसे ही धुएं और आग की लपटें देखीं, उसने तुरंत बस को सड़क किनारे रोक दिया और यात्रियों से चिल्लाकर बाहर निकलने को कहा। उस वक्त बस में अफरा-तफरी मच गई। कई यात्री घबराहट में एक-दूसरे पर गिरने लगे, जबकि कुछ लोग खिड़कियों से कूदकर बाहर निकलने लगे। बस के अंदर धुआं इतना ज्यादा हो गया था कि सांस लेना मुश्किल हो रहा था। कई महिलाएं अपने छोटे-छोटे बच्चों को गोद में उठाकर किसी तरह दरवाजे की ओर भागीं। कुछ यात्री तो जलती बस से कूदकर बाहर आए, जिससे उन्हें मामूली चोटें भी आईं।
सौभाग्य से हादसे के समय आसपास से गुजर रहे कुछ राहगीर और स्थानीय लोग मौके पर पहुंच गए। उन्होंने यात्रियों को बस से सुरक्षित निकालने में अहम भूमिका निभाई। कुछ लोगों ने अपने वाहनों से पानी की बोतलें निकालकर आग बुझाने की कोशिश की, लेकिन आग इतनी भयानक थी कि कुछ ही मिनटों में बस पूरी तरह जलकर खाक हो गई। बस का सारा सामान, यात्रियों के बैग, कपड़े और कीमती सामान सब कुछ राख में तब्दील हो गया। दमकल विभाग को सूचना मिलते ही दो दमकल गाड़ियां मौके पर पहुंचीं, लेकिन तब तक बस पूरी तरह जल चुकी थी। दमकलकर्मियों ने केवल बची-खुची आग को बुझाया और आसपास फैलने से रोका। पुलिस ने भी तुरंत मौके पर पहुंचकर राहत और बचाव कार्य शुरू किया। सभी यात्रियों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया और जिन्हें चोटें आई थीं, उन्हें नजदीकी अस्पताल में प्राथमिक उपचार दिया गया। अच्छी बात यह रही कि इस हादसे में किसी यात्री की जान नहीं गई और सभी सुरक्षित बच गए।
यह हादसा एक बार फिर निजी बसों की खराब हालत और रखरखाव की अनदेखी को उजागर करता है। विशेषज्ञों का कहना है कि ज्यादातर लंबी दूरी की निजी बसें पुरानी होती हैं और उनके विद्युत तारों का इंसुलेशन खराब हो जाता है, जिससे शॉर्ट सर्किट की घटनाएं आम हो गई हैं। टायर फटने की घटना भी बस के अजीब रखरखाव का नतीजा मानी जा रही है। परिवहन विभाग ने इस हादसे की जांच शुरू कर दी है और बस मालिक व चालक के खिलाफ कार्रवाई की बात कही जा रही है। यात्रियों ने बताया कि बस गुड़गांव से पन्ना के लिए रात में रवाना हुई थी और सुबह के समय यह हादसा हुआ। कई यात्रियों का सामान जल जाने से उन्हें भारी नुकसान हुआ है। प्रशासन ने प्रभावित यात्रियों के लिए वैकल्पिक बस की व्यवस्था की और उन्हें उनके गंतव्य तक पहुंचाने का इंतजाम किया। यह घटना यात्रियों के लिए एक सबक भी है कि लंबी यात्रा में हमेशा सुरक्षित और मानक बसों का ही चयन करना चाहिए। कुल मिलाकर यह हादसा भले ही बिना जान-माल की क्षति के टल गया, लेकिन इसने एक बार फिर सड़क सुरक्षा के मुद्दे को प्रमुखता से सामने ला दिया है।
