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by-Ravindra Sikarwar

नई दिल्ली: 20 अक्टूबर 2025 को सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हुआ, जिसमें एक मध्यम आयु वर्ग का व्यक्ति पैसेंजर ट्रेन में एक नाबालिग लड़की से अनुचित तरीके से छेड़खानी करता नजर आ रहा है। वीडियो में व्यक्ति लड़की के ठीक बगल में बैठा है, जबकि ट्रेन की बोगी में कई सीटें खाली हैं। यह घटना सार्वजनिक परिवहन में महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल उठाती है। वीडियो को एक सहयात्री ने रिकॉर्ड किया, जिसने व्यक्ति को चुनौती दी और उसकी हरकत को बेनकाब किया। न्यूजएक्स और अन्य मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, इस वीडियो की प्रामाणिकता की पुष्टि नहीं हो सकी है, लेकिन इसने ऑनलाइन समुदाय में भारी आक्रोश पैदा कर दिया है। लोग ऐसे अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। इस घटना ने समाज में व्याप्त ऐसी मानसिकता पर ध्यान केंद्रित किया है, जहां निर्दोष बच्चियां लालच की शिकार बनती हैं।

घटना का विस्तृत विवरण:
वीडियो में दिखाया गया है कि एक चश्मा लगाए व्यक्ति ट्रेन की सामान्य बोगी में नाबालिग लड़की के बिल्कुल पास बैठा है। बोगी में जगह होने के बावजूद वह जानबूझकर उसके करीब आकर बैठा और अनुचित स्पर्श करने की कोशिश की। व्यक्ति की हरकतें गुप्त तरीके से की गईं, जो उसकी गंदी सोच को दर्शाती हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, लड़की अपनी उम्र में व्यक्ति की बेटी जैसी लग रही थी, फिर भी उसने ऐसी शर्मनाक हरकत की। सहयात्री ने वीडियो बनाकर इस पूरे दृश्य को कैद कर लिया, जिससे व्यक्ति की करतूत सबके सामने आ गई। घटना की जगह या ट्रेन का नाम स्पष्ट नहीं है, लेकिन यह आम पैसेंजर ट्रेन लगती है।

लड़की की स्थिति बेहद असुरक्षित थी, क्योंकि वह अकेली यात्रा कर रही थी या उसके साथ कोई अभिभावक नहीं दिख रहा था। वीडियो में उसकी प्रतिक्रिया का जिक्र नहीं है, लेकिन ऐसी घटनाओं में बच्चियां अक्सर डर के कारण चुप रह जाती हैं। यह मामला सार्वजनिक स्थानों पर बच्चों की सुरक्षा की कमी को उजागर करता है।

आगे क्या हुआ: चौंकाने वाला मोड़
घटना का सबसे चौंकाने वाला हिस्सा तब आया जब सहयात्री ने व्यक्ति को चुनौती दी। वीडियो रिकॉर्ड करने वाले व्यक्ति ने आरोपी को टोका, जिस पर आरोपी ने अपना बचाव करने की कोशिश की और बात को घुमाने का प्रयास किया। हालांकि, दबाव में आकर उसने अप्रत्यक्ष रूप से अपना अपराध स्वीकार कर लिया। सहयात्री की बहादुरी ने आरोपी को पकड़ लिया, और उसकी हरकत रुक गई। रिपोर्ट्स में इसे “चौंकाने वाला” इसलिए कहा गया है क्योंकि भीड़भाड़ वाली जगह पर भी ऐसे अपराध करने की हिम्मत दिखाने वाला व्यक्ति पकड़ा गया, और उसका सामना किया गया। इस मोड़ ने वीडियो को और अधिक वायरल बना दिया, क्योंकि यह दर्शाता है कि सतर्क नागरिक अपराध को रोक सकते हैं।

सहयात्रियों की भूमिका और हस्तक्षेप:
वीडियो बनाने वाले सहयात्री (जिसे कुछ रिपोर्ट्स में लड़का और कुछ में पुरुष कहा गया है) ने घटना को रिकॉर्ड करके महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने आरोपी को सीधे चुनौती दी, जिससे स्थिति नियंत्रण में आई। अन्य यात्रियों का कोई स्पष्ट हस्तक्षेप नहीं बताया गया है, लेकिन वीडियो की वजह से मामला सार्वजनिक हो गया। यह घटना दर्शाती है कि सतर्कता से अपराध रोके जा सकते हैं।

पुलिस कार्रवाई और परिणाम:
रिपोर्ट्स में पुलिस की कोई आधिकारिक जांच या गिरफ्तारी का जिक्र नहीं है। वीडियो की प्रामाणिकता की पुष्टि न होने के कारण कोई कानूनी कदम नहीं उठाए गए लगते हैं। हालांकि, सोशल मीडिया यूजर्स ने आरोपी की जांच और गिरफ्तारी की मांग की है। विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे मामलों में POCSO एक्ट के तहत सख्त सजा होनी चाहिए।

जनता की प्रतिक्रियाएं और सोशल मीडिया पर आक्रोश:
इस वीडियो ने इंटरनेट पर तूफान मचा दिया है। अभिनेत्री रिचा चड्ढा ने इसे “शर्मनाक” बताया और सख्त कार्रवाई की मांग की। सोशल मीडिया पर यूजर्स ने आरोपी को “गंदी मानसिकता वाला” कहा और सजा की मांग की। कुछ प्रमुख टिप्पणियां:

  • “ट्रेन की सामान्य बोगी का वीडियो है, जहां यह चश्माधारी व्यक्ति अपनी गंदी सोच से ग्रसित है। इसने एक लड़की से घिनौना तरीके से छेड़खानी की कोशिश की, जो उसकी बेटी जैसी लग रही थी।”
  • “भीड़भाड़ वाली जगह पर ऐसी हरकत करने की हिम्मत, ऐसे विकृत लोगों को कड़ी सजा मिलनी चाहिए।”
  • “वीडियो बनाने वाले ने इसे क्यों नहीं पीटा?”
  • “इसे जेल में डालना चाहिए।”
  • “यदि दोषी पाया जाए तो जांच और गिरफ्तारी होनी चाहिए।”

यह प्रतिक्रियाएं समाज में ऐसी घटनाओं के प्रति बढ़ती जागरूकता दिखाती हैं।

सामाजिक संदर्भ और सबक:
यह घटना महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा पर सवाल उठाती है। रिपोर्ट्स में कहा गया है कि ऐसी मानसिकता वाले लोग समाज में रोजाना लड़कियों को शिकार बनाते हैं। सार्वजनिक परिवहन में सीसीटीवी और सतर्कता बढ़ाने की जरूरत है। यह मामला अन्य घटनाओं की याद दिलाता है, जहां यात्रियों की बहादुरी से अपराध रुके हैं।

यह घटना हमें सिखाती है कि सतर्क रहकर हम अपराध रोक सकते हैं, लेकिन कानूनी व्यवस्था को मजबूत करने की आवश्यकता है ताकि ऐसे अपराधी बच न सकें।

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