By: Ravindra Sikarwar
मध्यप्रदेश विधानसभा ने मंगलवार को ‘मध्यप्रदेश दुकान एवं स्थापना (संशोधन) विधेयक-2025’ को मंजूरी दे दी। इस नए कानून से प्रदेश में व्यापार करने के नियम काफी आसान और आधुनिक हो जाएंगे। सबसे बड़ी राहत यह है कि अब दुकान, होटल, रेस्तरां या किसी भी व्यावसायिक प्रतिष्ठान का पंजीकरण पूरी तरह ऑनलाइन हो जाएगा। पहले व्यापारियों को श्रम विभाग के दफ्तरों के चक्कर काटने पड़ते थे, लंबी लाइनें लगती थीं और कागजी कार्यवाही में दिन गुजर जाते थे। अब सिर्फ एक क्लिक पर 24 घंटे में रजिस्ट्रेशन पूरा हो जाएगा। इसके साथ ही 24×7 खुली रहने वाली दुकानों, मॉल्स, होटलों और रेस्तरां में महिलाएं रात की शिफ्ट में भी काम कर सकेंगी। सरकार ने साफ कहा है कि रात में काम करने वाली महिलाओं को पुरुष कर्मचारियों के बराबर वेतन मिलेगा और उनकी सुरक्षा की पूरी जिम्मेदारी राज्य सरकार की होगी।
विधेयक में महिलाओं की सुरक्षा के लिए विशेष प्रावधान किए गए हैं। रात में काम करने वाली महिला कर्मचारियों के लिए सुरक्षित परिवहन, सीसीटीवी निगरानी, महिला सिक्योरिटी गार्ड और पैनिक बटन जैसी व्यवस्थाएं अनिवार्य होंगी। श्रम मंत्री प्रह्लाद सिंह पटेल ने सदन में भरोसा दिलाया कि सरकार इन नियमों का सख्ती से पालन करवाएगी। इसके अलावा हर कर्मचारी को हफ्ते में एक दिन छुट्टी अनिवार्य कर दी गई है, यानी अब कोई भी कर्मचारी लगातार सात दिन काम नहीं कर सकेगा। अधिकतम छह दिन काम और एक दिन पूरा आराम – यह प्रावधान कर्मचारियों के स्वास्थ्य और पारिवारिक जीवन के लिए बेहद जरूरी माना जा रहा है। गुमास्ता लाइसेंस की फीस को 250 रुपये से बढ़ाकर अधिकतम 2500 रुपये तक करने का प्रावधान भी शामिल है, हालांकि मंत्री ने स्पष्ट किया कि सभी दुकानों पर 2500 रुपये नहीं लगेंगे। छोटी दुकानों के लिए फीस कम ही रहेगी, बड़ी कंपनियों और चेन स्टोर्स के लिए ज्यादा होगी। साथ ही 20 से कम कर्मचारियों वाली दुकानों में श्रम निरीक्षक बिना श्रम आयुक्त की अनुमति के नहीं जा सकेंगे, जिससे छोटे व्यापारियों को राहत मिलेगी।
विधानसभा के इसी सत्र में विपक्षी दल कांग्रेस ने किसानों की स्थिति को लेकर जोरदार हंगामा किया। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार के नेतृत्व में कांग्रेस विधायकों ने ‘चिड़िया चुग गई खेत’ की झांकी प्रदर्शित कर सरकार पर किसान-विरोधी नीतियों का आरोप लगाया। दूसरी तरफ कांग्रेस विधायक डॉ. अभिलाष पांडे ने 14 साल से कम उम्र के बच्चों में स्मार्टफोन और इंटरनेट की लत का मुद्दा उठाया। उन्होंने मांग की कि स्कूलों और आंगनवाड़ियों में जागरूकता अभियान चलाए जाएं। जवाब में महिला एवं बाल विकास मंत्री निर्मला भूरिया ने बताया कि विभाग इस दिशा में लगातार काम कर रहा है। इसी बीच कृषि मंत्री ऐदल सिंह कंसाना सदन में अचानक बेहोश हो गए, जिसके बाद उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर समेत कई मंत्री और विधायक उनका हालचाल जानने अस्पताल पहुंचे। सदन की कार्यवाही शुरू होते ही भोपाल गैस त्रासदी के शहीदों को श्रद्धांजलि भी दी गई और नव नियुक्त प्रमुख सचिव अरविंद शर्मा का स्वागत किया गया।
कुल मिलाकर यह संशोधन मध्यप्रदेश को व्यापार के लिए और अधिक अनुकूल राज्य बनाने की दिशा में बड़ा कदम है। महिलाओं को रात में काम करने की छूट और समान वेतन का प्रावधान न केवल लैंगिक समानता को बढ़ावा देगा बल्कि रात में खुलने वाले व्यवसायों में स्टाफ की कमी की समस्या भी दूर करेगा। व्यापारियों को ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन और कम छेड़छाड़ की सुविधा मिलने से ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ में मध्यप्रदेश की रैंकिंग सुधरेगी। अब देखना यह है कि ये नए नियम धरातल पर कितनी तेजी और पारदर्शिता के साथ लागू होते हैं।
