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by-Ravindr Sikarwar

भोपाल: मध्य प्रदेश ने अपने 70वें स्थापना दिवस पर पर्यटन क्षेत्र को एक अनोखा उपहार दिया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने रविवार, 2 नवंबर 2025 को राजा भोज अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से ‘पीएम श्री एयर टूरिज्म हेलीकॉप्टर सेवा’ का उद्घाटन किया, जो भारत का पहला इंट्रा-स्टेट हेलीकॉप्टर पर्यटन नेटवर्क है। इस पहल से राज्य के प्रमुख धार्मिक, वन्यजीव और सांस्कृतिक स्थलों के बीच हवाई संपर्क मजबूत होगा, जिससे पर्यटकों को तेज और रोमांचक यात्रा का अनुभव मिलेगा। केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री किंजरापु राम मोहन नायidu और अन्य गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति में आयोजित इस समारोह ने मध्य प्रदेश को पर्यटन मानचित्र पर नई पहचान दिलाई है।

स्थापना दिवस की भव्यता में नया अध्याय:
मध्य प्रदेश का 70वां स्थापना दिवस 1 नवंबर को मनाया गया, लेकिन हेलीकॉप्टर सेवा का उद्घाटन अगले दिन किया गया, जो राज्य की प्रगति का प्रतीक बन गया। सीएम डॉ. यादव ने तीन हेलीकॉप्टरों को हरी झंडी दिखाई, जो भोपाल से उज्जैन की ओर रवाना हुए। यह सेवा सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी) मॉडल पर आधारित है, जिसके तहत मध्य प्रदेश पर्यटन बोर्ड ने दो निजी कंपनियों के साथ तीन वर्षीय अनुबंध किए हैं। पहले सेक्टर के लिए एम/एस ट्रांस भारत एविएशन और दूसरे-तीसरे सेक्टर के लिए एम/एस जेट सर्व एविएशन प्राइवेट लिमिटेड को जिम्मेदारी सौंपी गई है। प्रत्येक हेलीकॉप्टर में न्यूनतम छह यात्रियों की क्षमता है, और सेवा सप्ताह में पांच दिन चलेगी।

उद्घाटन समारोह में पारंपरिक दीप प्रज्वलन के साथ शुरुआत हुई। सीएम ने पर्यटन, संस्कृति एवं धार्मिक न्यास मंत्री धर्मेंद्र सिंह लोधी और अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कृष्णा गौर को प्रतीकात्मक रूप से बोर्डिंग पास सौंपे। केंद्रीय कानून एवं न्याय राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) अर्जुन राम मेघवाल और एयरपोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया के चेयरमैन विपिन कुमार भी मौजूद रहे। इस अवसर पर सीएम ने कहा, “यह सेवा न केवल पर्यटन को बढ़ावा देगी, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार सृजन, होमस्टे को प्रोत्साहन और स्थानीय हस्तशिल्प को बाजार उपलब्ध कराएगी। हमारा लक्ष्य 2030 तक पर्यटकों की संख्या दोगुनी करना है।”

सेवा के तीन प्रमुख सेक्टर: पर्यटन स्थलों को जोड़ने वाली हवाई सड़कें
यह हेलीकॉप्टर सेवा राज्य को तीन महत्वपूर्ण सेक्टरों में विभाजित कर पर्यटन को नई गति देगी। नियमित संचालन 20 नवंबर 2025 से शुरू होगा, जो आध्यात्मिक, साहसिक और सांस्कृतिक यात्राओं को आसान बनाएगा। विवरण निम्नलिखित हैं:

  • सेक्टर 1: इंदौर-उज्जैन-ओमकारेश्वर – यह सेक्टर मध्य प्रदेश के प्रमुख ज्योतिर्लिंग स्थलों को जोड़ेगा। उज्जैन का महाकालेश्वर मंदिर और ओमकारेश्वर का विश्व प्रसिद्ध मंदिर भक्तों के लिए हवाई मार्ग से सुलभ हो जाएंगे। इंदौर से उज्जैन की दूरी, जो सामान्यतः सड़क मार्ग से 2-3 घंटे लेती है, अब कुछ मिनटों में तय हो सकेगी। यह सेक्टर धार्मिक पर्यटन को विशेष रूप से मजबूत करेगा, जहां हर वर्ष लाखों श्रद्धालु आते हैं।
  • सेक्टर 2: भोपाल-मढ़ई-पचमढ़ी – राजधानी भोपाल से पचमढ़ी के प्राकृतिक सौंदर्य और मढ़ई के झरनों तक की यात्रा अब हेलीकॉप्टर से संभव होगी। पचमढ़ी, जो सतपुड़ा रेंज में स्थित है, को ‘क्वीन ऑफ सतपुड़ा’ कहा जाता है। यह सेक्टर साहसिक पर्यटन को बढ़ावा देगा, जहां पर्यटक ट्रेकिंग, वाटरफॉल्स और हिल स्टेशनों का आनंद ले सकेंगे। भोपाल से पचमढ़ी की हवाई यात्रा राज्य के केंद्रीय भाग को नई ऊर्जा प्रदान करेगी।
  • सेक्टर 3: जबलपुर-बांधवगढ़-कान्हा – जबलपुर से बांधवगढ़ और कान्हा नेशनल पार्कों तक की पहुंच आसान हो जाएगी। ये पार्क भारत के प्रमुख बाघ अभयारण्य हैं, जहां रुडयार्ड किपलिंग की ‘द जंगल बुक’ की प्रेरणा मिलती है। पर्यटक अब जंगल सफारी और वन्यजीव अवलोकन के लिए हवाई मार्ग चुन सकेंगे, जो सड़क यात्रा की तुलना में समय और थकान बचाएगा। यह सेक्टर इको-टूरिज्म को प्रोत्साहित करेगा।

अतिरिक्त मुख्य सचिव (पर्यटन) एवं मध्य प्रदेश पर्यटन बोर्ड के प्रबंध निदेशक शिव शेखर शुक्ला ने बताया, “यह पहल राज्य को इंट्रा-स्टेट हवाई संपर्क में अग्रणी बनाएगी। पर्यटकों को ऊपरी दृश्यों का आनंद मिलेगा, जो यात्रा को यादगार बना देगा।” सेवा से न केवल घरेलू पर्यटकों को लाभ होगा, बल्कि अंतरराष्ट्रीय सैलानियों के लिए भी मध्य प्रदेश अधिक आकर्षक बनेगा।

पर्यटन को बढ़ावा देने वाली व्यापक पहलें:
मध्य प्रदेश सरकार पर्यटन को राज्य की अर्थव्यवस्था का प्रमुख स्तंभ बनाने के लिए लगातार प्रयासरत है। इस सेवा के अलावा, राज्य ने हाल ही में रीवा, सतना और दतिया में तीन नए हवाई अड्डे चालू किए हैं, साथ ही एयर एम्बुलेंस सेवाओं का विस्तार किया है। सीएम डॉ. यादव ने कहा कि यह परियोजना ग्रामीण विकास को भी गति देगी, क्योंकि दूरस्थ क्षेत्रों में पहुंच बढ़ने से स्थानीय अर्थव्यवस्था मजबूत होगी। पर्यटन मंत्री धर्मेंद्र सिंह लोधी ने जोर दिया कि यह सेवा साहसिक, धरोहर और आध्यात्मिक पर्यटन के नए द्वार खोलेगी।

स्थापना दिवस पर अन्य आकर्षणों में 2,000 ड्रोनों का देश का सबसे बड़ा शो शामिल था, जो राज्य की ‘विरासत से विकास’ यात्रा को दर्शाता था। प्रसिद्ध गायक जubin नौटियाल का लाइव परफॉर्मेंस भी आयोजित हुआ, जिसने समारोह को भव्यता प्रदान की। इसके अलावा, ‘एमपी ई-सेवा’ और ‘इन्वेस्ट एमपी 3.0’ जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म लॉन्च किए गए, जो निवेशकों और उद्योगों को पारदर्शी सेवाएं देंगे। ‘अभ्युदय मध्य प्रदेश’ कार्यक्रम में ‘विकसित मध्य प्रदेश 2047’ का विजन डॉक्यूमेंट भी जारी किया गया।

भविष्य की संभावनाएं: पर्यटन अर्थव्यवस्था में क्रांति
यह हेलीकॉप्टर सेवा मध्य प्रदेश को पर्यटन में अग्रणी राज्य बनाने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगी। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे राज्य में पर्यटकों की संख्या में 20-30% की वृद्धि हो सकती है। सेवा की सफलता के बाद और सेक्टर जोड़े जा सकते हैं, जैसे खजुराहो के मंदिरों या भीमबेटका की गुफाओं को शामिल करना। पर्यटन बोर्ड ने बुकिंग के लिए ऑनलाइन पोर्टल विकसित किया है, जहां पर्यटक आसानी से टिकट बुक कर सकेंगे।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने समारोह के अंत में कहा, “मध्य प्रदेश की प्राकृतिक और सांस्कृतिक संपदा अब आसमान से जुड़ गई है। यह सेवा हमारी आस्था, प्रकृति और विकास की कहानी को नई उड़ान देगी।” यह पहल न केवल पर्यटन को बढ़ावा देगी, बल्कि राज्य की छवि को वैश्विक स्तर पर मजबूत करेगी। उम्मीद है कि यह सेवा लाखों पर्यटकों को आकर्षित कर मध्य प्रदेश को ‘टूरिज्म हब’ के रूप में स्थापित करेगी।

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