by-Ravindra Sikarwar
नई दिल्ली: भारत की सबसे बड़ी पहचान व्यवस्था आधार कार्ड अब ज्यादा आसान, डिजिटल और सुरक्षित होने जा रहा है। यूनिक आइडेंटिफिकेशन अथॉरिटी ऑफ इंडिया (यूआईडीएआई) ने 1 नवंबर 2025 से आधार से संबंधित तीन अहम बदलावों को लागू करने का ऐलान किया है। ये नए प्रावधान देश के 143 करोड़ से ज्यादा आधार धारकों के लिए फायदेमंद साबित होंगे, लेकिन नियमों का पालन न करने पर सख्त कार्रवाई भी हो सकती है। इन बदलावों का मुख्य मकसद आधार अपडेट को तेज बनाना, सुरक्षा बढ़ाना, कागजों की जरूरत खत्म करना और वित्तीय लेन-देन में स्पष्टता लाना है। आइए इन तीन नए नियमों की पूरी जानकारी, लागू होने का तरीका, लाभ और जरूरी सतर्कता पर नजर डालते हैं।
पहला बदलाव: व्यक्तिगत जानकारी का ऑनलाइन अपडेट – केंद्र जाने की मजबूरी खत्म
1 नवंबर 2025 से आधार कार्डधारक अपना नाम, पता, जन्म तिथि, जेंडर या मोबाइल नंबर जैसी डेमोग्राफिक डिटेल्स को बिना किसी आधार एनरोलमेंट सेंटर (एईके) गए घर बैठे ऑनलाइन बदल सकेंगे। यह फैसिलिटी myAadhaar पोर्टल (myaadhaar.uidai.gov.in) पर मिलेगी। यहां यूजर को सिर्फ ओटीपी वेरिफिकेशन और अन्य सरकारी डेटाबेस (जैसे पासपोर्ट, वोटर आईडी या ड्राइविंग लाइसेंस) से लिंक करके सत्यापन करना होगा। अब दस्तावेज अपलोड करने की कोई अनिवार्यता नहीं रहेगी, जिससे पूरी प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन और तेज हो जाएगी।
ऑनलाइन अपडेट करने की आसान स्टेप-बाय-स्टेप गाइड:
- myAadhaar पोर्टल पर आधार नंबर और ओटीपी डालकर लॉगिन करें।
- ‘डेमोग्राफिक अपडेट’ ऑप्शन सिलेक्ट करें।
- जिस डिटेल में बदलाव चाहिए (नाम, पता वगैरह), उसे चुनें।
- सरकारी डेटाबेस से ऑटोमैटिक वेरिफिकेशन चुनें – कोई डॉक्यूमेंट अपलोड न करें।
- ओटीपी से कन्फर्म करें; बदलाव 3 से 5 वर्किंग डेज में लागू हो जाएगा।
लाभ क्या हैं?:
- आधार केंद्रों पर लंबी लाइनों और यात्रा की झंझट से छुटकारा।
- दूरदराज के गांवों में रहने वालों के लिए बड़ी राहत, जहां सेंटर दूर पड़ते हैं।
- समय की भारी बचत: पहले 7-15 दिन लगते थे, अब मिनटों में हो जाएगा।
किन बातों का ध्यान रखें?:
- अपडेट के लिए मोबाइल नंबर का आधार से पहले से लिंक्ड होना जरूरी है।
- फिंगरप्रिंट, आईरिस स्कैन या फोटो जैसे बायोमेट्रिक बदलाव के लिए अभी भी सेंटर जाना पड़ेगा।
- अपडेट सफल होने पर ईमेल या एसएमएस से कन्फर्मेशन जरूर चेक करें।
दूसरा बदलाव: अपडेट फीस में बदलाव – डिजिटल तरीकों को प्राथमिकता
यूआईडीएआई ने आधार अपडेट की फीस स्ट्रक्चर में संशोधन किया है, जो 1 नवंबर 2025 से पूरी तरह लागू हो जाएगा। डेमोग्राफिक अपडेट (नाम, पता आदि) के लिए अब 75 रुपये और बायोमेट्रिक अपडेट के लिए 125 रुपये देने होंगे। हालांकि, ऑनलाइन डॉक्यूमेंट अपडेट 14 जून 2026 तक फ्री रहेंगे। 5-7 साल और 15-17 साल के बच्चों का बायोमेट्रिक अपडेट हमेशा मुफ्त रहेगा, जो यूआईडीएआई की चाइल्ड एनरोलमेंट पॉलिसी का हिस्सा है।
फीस की पुरानी और नई तुलना (टेबल फॉर्मेट में):
| अपडेट का प्रकार | पुरानी फीस (अक्टूबर 2025 तक) | नई फीस (1 नवंबर 2025 से) | खास छूट |
| डेमोग्राफिक (नाम/पता/जन्म तिथि/मोबाइल) | 50 रुपये | 75 रुपये | ऑनलाइन फ्री (14 जून 2026 तक) |
| बायोमेट्रिक (फिंगरप्रिंट/आईरिस/फोटो) | 100 रुपये | 125 रुपये | बच्चों के लिए सदैव फ्री |
| डॉक्यूमेंट अपडेट (ऑनलाइन) | फ्री (सीमित अवधि) | फ्री (14 जून 2026 तक) | – |
इस बदलाव के पीछे वजह और प्रभाव:
- फीस बढ़ोतरी का मकसद नई डिजिटल वेरिफिकेशन टेक्नोलॉजी के रखरखाव और अपग्रेड का खर्च पूरा करना है।
- बैंकिंग, इन्वेस्टमेंट और अन्य फाइनेंशियल सर्विसेज पर असर: अपडेटेड आधार से ई-केवाईसी प्रोसेस तेज होगा, लेकिन पुरानी डिटेल्स पर ट्रांजेक्शन ब्लॉक हो सकते हैं।
- एक्सपर्ट टिप: कम आय वाले लोग फ्री पीरियड का फायदा उठाएं; वरना लेट फीस या सर्विस सस्पेंशन का खतरा।
तीसरा बदलाव: आधार-पीएएन लिंकिंग जरूरी – न करने पर डीएक्टिवेशन
सबसे क्रिटिकल अपडेट आधार और पैन कार्ड को लिंक करने से जुड़ा है। सभी पैन होल्डर्स को 31 दिसंबर 2025 तक लिंकिंग कंप्लीट करनी होगी। अगर नहीं किया, तो 1 जनवरी 2026 से पैन इनएक्टिव हो जाएगा, जिससे इनकम टैक्स रिटर्न फाइलिंग, म्यूचुअल फंड्स, डीमैट अकाउंट और अन्य फाइनेंशियल डीलिंग्स रुक जाएंगी। नए पैन अप्लाई करने वालों के लिए आधार वेरिफिकेशन अनिवार्य होगा।
लिंकिंग की सिंपल प्रोसेस:
- इनकम टैक्स ई-फाइलिंग वेबसाइट (incometaxindiaefiling.gov.in) पर लॉगिन करें।
- ‘लिंक आधार’ सेक्शन पर क्लिक करें।
- आधार नंबर एंटर करें और ओटीपी से वेरिफाई करें।
- महज 30 मिनट में कंप्लीट; कन्फर्मेशन ईमेल पर आएगा।
फायदे और रिस्क:
- फायदे: डुप्लीकेट पैन पर रोक, टैक्स इवेजन कम होना, डिजिटल पेमेंट्स में ट्रांसपेरेंसी।
- रिस्क: लिंक न करने पर पैन ‘इनएक्टिव’ हो जाएगा, बैंक अकाउंट फ्रीज या इन्वेस्टमेंट ब्लॉक हो सकते हैं।
- स्टेटिस्टिक्स: अभी 60% से ज्यादा पैन लिंक्ड हैं; बाकियों को फौरन ऐक्शन लेना चाहिए।
यूआईडीएआई का आधिकारिक स्टेटमेंट: एक सीनियर ऑफिसर ने बताया, “ये अपडेट आधार को सिर्फ आईडी प्रूफ नहीं, बल्कि फाइनेंशियल इंक्लूजन और गवर्नेंस की बैकबोन बनाएंगे। हमारा विजन पेपरलेस, सिक्योर सिस्टम है जो हर भारतीय को एम्पावर करे।”
इन बदलावों का ओवरऑल इम्पैक्ट:
ये तीनों नियम आधार को डिजिटल इंडिया मिशन का मजबूत हिस्सा बनाएंगे। बैंकिंग, पेंशन, सब्सिडी और गवर्नमेंट स्कीम्स में ई-केवाईसी आसान होगा, लेकिन कंप्लायंस न करने पर 1 करोड़ से ज्यादा पैन यूजर्स प्रभावित हो सकते हैं। स्पेशलिस्ट एडवाइस: अभी myAadhaar पर जाकर चेक करें कि मोबाइल लिंक्ड है या नहीं। कोई इश्यू हो तो नजदीकी एईके या हेल्पलाइन 1947 पर कॉन्टैक्ट करें।
महत्वपूर्ण नोट: ये डिटेल्स यूआईडीएआई की ऑफिशियल नोटिफिकेशंस पर आधारित हैं। किसी बदलाव से पहले uidai.gov.in पर वेरिफाई जरूर करें। यह जानकारी जनहित में शेयर की गई है।
