Spread the love

by-Ravindra Sikarwar

मथुरा (उत्तर प्रदेश): एक 28 वर्षीय विवाहिता को पुत्र प्राप्ति के लिए अंधविश्वासपूर्ण रिवाज के नाम पर पति के भाई के साथ शारीरिक संबंध बनाने के लिए कमरे में बंद कर दिया गया। यह सनसनीखेज मामला मथुरा जिले के एक गांव में सामने आया है, जहां सास-ससुर और पति ने मिलकर महिला पर मानसिक और शारीरिक यातना दी। पुलिस ने 31 अक्टूबर 2025 को आईपीसी की धारा 498ए (पति या रिश्तेदार द्वारा क्रूरता), 376 (बलात्कार), 342 (गलत तरीके से बंदी बनाना), 506 (आपराधिक धमकी) और दहेज प्रतिषेध अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर पति, सास, ससुर और देवर को गिरफ्तार कर लिया है।

महिला की आपबीती:

  • नाम: रेखा (बदला हुआ नाम), उम्र 28 वर्ष।
  • विवाह: 2019 में, गांव के ही रामवीर (32 वर्ष) से।
  • पहला बच्चा: 2021 में बेटी।
  • दूसरा बच्चा: 2023 में दूसरी बेटी।
  • परिवार का दबाव: “घर में बेटा नहीं है, कुल की लक्ष्मी मिट जाएगी” कहकर सास-ससुर ने पुत्र प्राप्ति का अंधविश्वासपूर्ण उपाय बताया।

अंधविश्वास: “जेठानी (बड़ी भाभी) यदि छोटे भाई (देवर) के साथ संबंध बनाए, तो अगला बच्चा निश्चित रूप से पुत्र होगा।”

यह रिवाज कथित तौर पर गांव के एक तांत्रिक ने बताया था।

कैसी थी यातना? – पूरी समयरेखा:

तारीख/समयघटना
अक्टूबर 2025 की शुरुआतसास-ससुर ने तांत्रिक से सलाह ली। महिला को बताया गया कि “कुल की रक्षा” के लिए यह जरूरी है।
20 अक्टूबर 2025महिला ने स्पष्ट मना किया। पति ने मारपीट की, फोन छीन लिया।
25 अक्टूबर 2025, रात 10 बजेदेवर (रामवीर का छोटा भाई, 26 वर्ष) को घर बुलाया गया। महिला को कमरे में बंद कर दिया गया।
26 अक्टूबर 2025, सुबह तकसास-ससुर ने दरवाजे पर पहरे पर बैठे रहे। “नहीं मानी तो बेटियों को घर से निकाल देंगे” की धमकी दी।
27 अक्टूबर 2025महिला ने चिल्लाकर मदद मांगी, पड़ोसी आए, लेकिन सास-ससुर ने “पारिवारिक मामला” कहकर भगा दिया।
29 अक्टूबर 2025महिला खिड़की से कूदकर भागी, मायके पहुंची।

पुलिस कार्रवाई:

  • शिकायत: 30 अक्टूबर 2025 को महिला थाना, मथुरा में दर्ज।
  • एफआईआर नंबर: 412/2025
  • गिरफ्तारियां:
  1. रामवीर (पति)
  2. कमला देवी (सास)
  3. रामस्वरूप (ससुर)
  4. मुकेश (देवर)
  • मेडिकल परीक्षण: महिला का मेडिकल कराया गया, चोट के निशान और मानसिक आघात की पुष्टि।
  • तांत्रिक की तलाश: पुलिस तांत्रिक को भी खोज रही है, जिसने यह घटिया रिवाज सुझाया था।

महिला की मौजूदा स्थिति:

  • मायके में सुरक्षित, दो बेटियों के साथ।
  • कानूनी मदद: महिला अधिकार संगठन और वकील ने मुफ्त कानूनी सहायता देने का वादा किया।
  • बयान: “मैंने मना किया, लेकिन उन्होंने कहा – ‘बेटा चाहिए तो यह करना पड़ेगा’। मुझे लगा, मेरी बेटियों की जान खतरे में है।”

कानूनी प्रावधान:

धाराअपराधसजा
IPC 498Aपति/रिश्तेदार द्वारा क्रूरता3 साल तक + जुर्माना
IPC 376बलात्कार (देवर द्वारा प्रयास/दबाव)10 साल से आजीवन
IPC 342गलत बंदी बनाना1 साल तक
IPC 506आपराधिक धमकी2 साल तक
दहेज अधिनियमपुत्र के लिए दबाव3 साल तक

सामाजिक प्रतिक्रिया:

  • महिला आयोग ने स्वतः संज्ञान लिया।
  • ग्राम पंचायत ने सास-ससुर को सामाजिक बहिष्कार की चेतावनी दी।
  • शिक्षाविद् और कार्यकर्ता ने “अंधविश्वास उन्मूलन अभियान” की मांग की।

पुलिस अधीक्षक (मथुरा) का बयान: 
“यह घृणित अंधविश्वास और महिला उत्पीड़न का जघन्य मामला है। हम तांत्रिक को भी जल्द पकड़ेंगे। समाज को ऐसे रिवाजों से दूर रहना चाहिए।”

यह घटना ग्रामीण भारत में अंधविश्वास, पुत्र मोह और महिलाओं पर दबाव की काली सच्चाई को उजागर करती है। जांच जारी है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

× Whatsapp