by-Ravindra Sikarwar
नई दिल्ली: भारत की प्रमुख विमानन कंपनी एयर इंडिया गंभीर वित्तीय चुनौतियों से जूझ रही है। जून 2025 में अहमदाबाद में हुई भयावह विमान दुर्घटना और पाकिस्तान द्वारा लगाए गए हवाई क्षेत्र प्रतिबंधों के कारण भारी नुकसान झेलने के बाद, एयर इंडिया ने अपने मालिकों टाटा संस (74.9% हिस्सेदारी) और सिंगापुर एयरलाइंस (25.1% हिस्सेदारी) से कम से कम 10,000 करोड़ रुपये (लगभग 1.14 अरब डॉलर) की तत्काल वित्तीय सहायता की मांग की है। यह खबर ब्लूमबर्ग द्वारा सूत्रों के हवाले से रिपोर्ट की गई है।
मालिकाना हक और फंडिंग का ढांचा:
- टाटा संस: एयर इंडिया में 74.9% हिस्सा, जो 2022 में सरकारी खरीद के बाद मजबूत हुआ।
- सिंगापुर एयरलाइंस (एसआईए): 25.1% हिस्सा, जो हाल ही में विस्तारा मर्जर के बाद मिला।
फंडिंग हिस्सेदारी के अनुपात में दी जाएगी। मालिक यह तय करेंगे कि यह ब्याज-मुक्त ऋण के रूप में होगा या ताजा इक्विटी निवेश।
सहायता का उद्देश्य:
राशि का उपयोग निम्नलिखित क्षेत्रों में होगा:
- सिस्टम और सेवाओं का व्यापक उन्नयन: डिजिटल बुकिंग, क्रू मैनेजमेंट और लॉयल्टी प्रोग्राम को मजबूत करना।
- अंदरूनी इंजीनियरिंग व मेंटेनेंस विभाग स्थापना: रखरखाव को आत्मनिर्भर बनाना।
- फ्लीट आधुनिकीकरण: 470 विमानों का ऑर्डर (एयरबस-बोइंग), जिसमें 2026 से नई डिलीवरी शुरू।
- स्टाफ ट्रेनिंग और केबिन अपग्रेड: सुरक्षा, रखरखाव और यात्री अनुभव में सुधार।
मुख्य चुनौतियां जो संकट पैदा कर रही हैं:
- अहमदाबाद विमान हादसा (12 जून 2025):
– बोइंग 787 ड्रीमलाइनर (फ्लाइट एआई-171), लंदन जा रही उड़ान।
– टेकऑफ के तुरंत बाद कॉलेज भवन से टकराई, 241 यात्रियों की मौत (242 में से 1 सर्वाइवर)।
– एविएशन रेगुलेटर द्वारा सिस्टम-वाइड ऑडिट, 15% वाइडबॉडी उड़ानों में कटौती (जून-अगस्त)।
– जांच: ईंधन सप्लाई कटौती से इंजन फेलियर, लेकिन प्रारंभिक रिपोर्ट में एयर इंडिया की कोई गलती नहीं।
- पाकिस्तान हवाई क्षेत्र बंद:
– मई में भारत-पाक सीमा तनाव के बाद।
– यूरोप रूट्स पर लंबे मार्ग, 4,000 करोड़ रुपये का अतिरिक्त नुकसान।
- बाजार दबाव:
– इंडिगो का 64% बाजार हिस्सा, एकमात्र लाभदायक।
– वैश्विक प्रतिस्पर्धा (ईमारत्स, कतर) और कैश बर्न।
लक्ष्य: मार्च 2026 तक ऑपरेशनल ब्रेक-ईवन हासिल करना।
कंपनियों के बयान:
- सिंगापुर एयरलाइंस: “हम टाटा संस के साथ मिलकर एयर इंडिया के ट्रांसफॉर्मेशन प्रोग्राम को सपोर्ट कर रहे हैं। विशेषज्ञता और सहायता प्रदान करेंगे।” फंडिंग पर टिप्पणी से इनकार।
- एयर इंडिया व टाटा संस: कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं।
सीईओ कैम्पबेल विल्सन का बयान:
एविएशन इंडिया 2025 समिट में: “प्रारंभिक जांच रिपोर्ट में हमारी प्रक्रियाओं या मेंटेनेंस में कोई कमी नहीं। लेकिन उद्योग की हर घटना से आत्ममंथन होता है। सिस्टम सुधार जारी।”
पिछला निवेश और पृष्ठभूमि:
- 2022: टाटा ने एयर इंडिया खरीदी।
- वित्तीय वर्ष 2024-25: 9,558 करोड़ रुपये का निवेश (मार्च में 4,306 करोड़)।
- विस्तारा मर्जर (नवंबर 2024): एसआईए को 25.1% हिस्सा।
- भविष्य: 2026 से नई बोइंग 787-9 और एयरबस A350-1000 डिलीवरी।
यह फंडिंग एयर इंडिया के महाराजा को हवाई पट्टी पर टिकाए रखने का टेस्ट है। विशेषज्ञों का मानना है कि समय पर सहायता मिली तो राष्ट्रीय वाहक की पुनर्रचना सफल हो सकती है, वरना और चुनौतियां बढ़ेंगी। जांच जारी है।
