by-Ravindra Sikarwar
बेंगलुरु के उत्तराहल्ली इलाके में एक सनसनीखेज हत्याकांड ने पूरे शहर को हिलाकर रख दिया। नेट्रावती नाम की 34 वर्षीय महिला को उनकी ही 17 वर्षीय बेटी और उसके चार नाबालिग पुरुष साथियों ने क्रूरता से गला दबाकर मार डाला। इसके बाद उन्होंने शव को साड़ी से छत के पंखे पर लटका दिया ताकि इसे आत्महत्या का रूप दिया जा सके।
नेट्रावती एक लोन रिकवरी कंपनी में टेलीकॉलर और सहायक के रूप में काम करती थीं। वह अपने पति से अलग हो चुकी थीं और पिछले पांच वर्षों से एक पुरुष साथी के साथ रह रही थीं। दोनों मां-बेटी उत्तराहल्ली के 6ठे मेन रोड, सर्कल मरम्मा टेम्पल रोड** स्थित घर में अकेले रहती थीं। नेट्रावती को शराब पीने की आदत थी, जो वह सोने से पहले लेती थीं।
लड़की की उम्र 17 वर्ष थी और वह 10वीं कक्षा में फेल हो चुकी थी, इसलिए स्कूल छोड़ चुकी थी। वह अपने एक 17 वर्षीय बॉयफ्रेंड के साथ प्रेम संबंध में थी, जो 9वीं कक्षा का ड्रॉपआउट था। यह लड़का लड़की के चचेरे भाई का दोस्त था। इसके अलावा तीन अन्य लड़के भी शामिल थे – सभी की उम्र 16-17 वर्ष के बीच, स्कूल ड्रॉपआउट, जिनमें बॉयफ्रेंड का 13 वर्षीय चचेरा भाई (7वीं कक्षा का छात्र) भी था।
हत्याकांड का कारण बना लड़की का यह अवैध संबंध। नेट्रावती को बेटी का यह रिश्ता बिल्कुल मंजूर नहीं था। वह बार-बार बॉयफ्रेंड को घर आने से मना करतीं, उसे डांटतीं और चेतावनी देतीं। 24 अक्टूबर को लड़की और उसके बॉयफ्रेंड ने एक शॉपिंग मॉल में मुलाकात की और अगले दिन घर पर मिलने की योजना बनाई।
25 अक्टूबर की रात करीब 9-10:30 बजे घटना घटी। लड़की ने साथियों को घर बुलाया और बताया कि मां शराब पीकर सो रही हैं। जैसे ही चारों लड़के घर में घुसे, नेट्रावती जाग गईं। उन्होंने समूह को देखा, गुस्से में बॉयफ्रेंड का फोन छीन लिया और पुलिस बुलाने की धमकी दी।
गुस्साए लड़कों ने नेट्रावती को पकड़ लिया। उन्होंने तौलिए से उसका गला घोंट दिया। मां के मरते ही शव को दूसरे कमरे में खींचा और साड़ी से पंखे पर लटका दिया। फिर घर का ताला लगाकर फरार हो गए। लड़की भी उनके साथ चली गई।
घटना के बाद: लड़की तीन दिन बॉयफ्रेंड की एक महिला दोस्त के घर रुकी, जहां उसे शक होने पर भगा दिया गया। 30-31 अक्टूबर को वह कग्गलिपुरा स्थित दादी के घर लौटी। वहां उसके अजीब व्यवहार से चाची अनिता (नेट्रावती की बड़ी बहन) को शक हुआ। पूछताछ पर लड़की ने कबूल किया कि उसके दोस्तों ने मां को मारा और चाकू दिखाकर चुप रहने को कहा।
खोजबीन: 26 अक्टूबर को नेट्रावती का साथी घर लौटा, ताला लगा देख चला गया। 28 अक्टूबर को अनिता और साथी ने खिड़की से झांका तो शव लटका देखा। शुरू में आत्महत्या माना। 29 अक्टूबर को लड़की के लापता होने पर अपहरण की शिकायत दर्ज।
पुलिस कार्रवाई: सुब्रमण्यपुरा पुलिस स्टेशन में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 103 (हत्या) के तहत मुकदमा दर्ज। डीसीपी (दक्षिण-पश्चिम) अनिता बी हद्दनावर के नेतृत्व में जांच। लड़की ने पूछताछ में सब कबूल कर लिया। पांचों नाबालिगों को हिरासत में लेकर किशोर न्यायालय भेजा गया, सिवाय 13 वर्षीय लड़के के जो फरार है। जांच जारी है।
यह घटना नाबालिगों के बीच बढ़ते अपराधों और पारिवारिक कलह की गंभीर समस्या को उजागर करती है। पुलिस ने परिवारों से सतर्क रहने की अपील की है।
