by-Ravindra Sikarwar
नई दिल्ली: ऑनलाइन शब्दकोश डिक्शनरी.कॉम ने अपने वार्षिक ‘वर्ड ऑफ द ईयर’ पुरस्कार के तहत 2025 के लिए ’67’ को चुना है। यह कोई सामान्य शब्द नहीं, बल्कि एक मजेदार, बेतुका स्लैंग है जो खासतौर पर जेन अल्फा (2010 के बाद पैदा हुई पीढ़ी) के बच्चों और किशोरों के बीच छा गया है। उच्चारण ‘सिक्स- सेवन’ (six-seven) का होता है, न कि ‘सिक्स्टी- सेवन’ (sixty-seven) का। यह शब्द इतना वायरल हो चुका है कि स्कूलों, सोशल मीडिया और रोजमर्रा की बातचीत में इसका इस्तेमाल आम हो गया है, भले ही इसके सटीक अर्थ पर सब सहमत न हों।
’67’ का उदय: एक वायरल स्लैंग की कहानी
यह शब्द 2025 की गर्मियों में अचानक उभरा। डिक्शनरी.कॉम के अनुसार, जून 2025 से इसकी खोजें छह गुना से ज्यादा बढ़ गईं, और अक्टूबर तक यह डिजिटल मीडिया में 2024 के औसत उपयोग से छह गुना अधिक दिखाई देने लगा। टिकटॉक पर #67 हैशटैग के साथ दो मिलियन से ज्यादा वीडियो अपलोड हो चुके हैं, खासकर पिछले कुछ महीनों में।
इसकी शुरुआत एक गाने से मानी जाती है। फिलाडेल्फिया के रैपर स्क्रिला (Skrilla) का ट्रैक “Doot Doot (6 7)” फरवरी 2025 में रिलीज हुआ, जिसमें “6-7” का जिक्र है। गाने के बोलों में यह एक स्विच (बंदूक का हिस्सा) या फिलाडेल्फिया की 67वीं स्ट्रीट का संकेत देता प्रतीत होता है। लेकिन धीरे-धीरे यह बेतुका स्लैंग बन गया। मार्च में, कंटेंट क्रिएटर कैम वाइल्डर ने एक यूथ बास्केटबॉल मैच का वीडियो अपलोड किया, जिसमें एक उत्साही लड़का कैमरे की ओर देखते हुए “6-7” चिल्लाता है और दोनों हथेलियां ऊपर करके वजन तौलने जैसा इशारा करता है। यह वीडियो वायरल हो गया, और लड़के को “67 किड” के नाम से जाना जाने लगा।
इसके बाद, यह स्कूलों में फैल गया। शिक्षक और अभिभावक शिकायत करने लगे कि बच्चे क्लास में हर बात पर “67” बोल रहे हैं। कुछ इसे “सो-सो” (ठीक-ठाक), “मेबी दिस, मेबी दैट” (शायद ये, शायद वो) या अनिर्णय की अभिव्यक्ति मानते हैं। लेकिन असल में, इसका कोई निश्चित मतलब नहीं। यह “ब्रेनरोट” स्लैंग का हिस्सा है – जानबूझकर बकवास और हास्यपूर्ण, जो युवाओं को अपनी बेतुकी दुनिया में जोड़ता है। डिक्शनरी.कॉम के लिक्सिकोग्राफर स्टीव जॉनसन, पीएचडी, कहते हैं, “यह आंतरिक मजाक, सामाजिक संकेत और प्रदर्शन का मिश्रण है। लोग इसे सिर्फ मीम दोहराने के लिए नहीं बोलते, बल्कि एक भावना व्यक्त करने के लिए। यह पहला ऐसा वर्ड ऑफ द ईयर है जो एकरार (interjection) की तरह काम करता है – ऊर्जा का एक झटका जो लोगों को जोड़ता है, बिना अर्थ पर सहमति के।”
क्यों चुना गया ’67’ को वर्ड ऑफ द ईयर?
डिक्शनरी.कॉम हर साल समाचार शीर्षक, सोशल मीडिया ट्रेंड्स, सर्च इंजन डेटा और वास्तविक दुनिया की बातचीत का विश्लेषण करता है। 2025 में ’67’ ने सबसे ज्यादा प्रभाव डाला क्योंकि यह नई पीढ़ी की तेजी से बदलती भाषा को दर्शाता है। जॉनसन के शब्दों में, “यह दिखाता है कि एक नया शब्द कितनी तेजी से दुनिया भर में फैल सकता है, जब उभरती पीढ़ी वैश्विक संवाद में शामिल होती है।” यह शब्द बेतुका होने के बावजूद महत्वपूर्ण है क्योंकि यह कनेक्शन बनाता है – बच्चे इसे बोलकर अपनी पहचान जताते हैं, वयस्कों को भ्रमित करते हैं।
इस साल की शॉर्टलिस्ट में अन्य शब्द भी थे जो 2025 की सांस्कृतिक प्रवृत्तियों को प्रतिबिंबित करते हैं:
- एजेंटिक (Agentic): एआई और स्वायत्तता से जुड़ा।
- ऑरा फार्मिंग (Aura Farming): ऑनलाइन छवि बनाने की प्रक्रिया।
- जेन जेड स्टेयर (Gen Z Stare): उदासीन नजर का स्लैंग।
- ओवरटूरिज्म (Overtourism): पर्यटन से पर्यावरणीय नुकसान।
- टैरिफ (Tariff): व्यापार युद्धों का प्रतीक।
- ट्रेडवाइफ (Tradwife): पारंपरिक गृहिणी की भूमिका को फिर से जीवंत करने का ट्रेंड।
इनमें से ’67’ सबसे अलग था क्योंकि यह अर्थहीन होते हुए भी सर्वव्यापी हो गया। ऑक्सफोर्ड ने 2024 के लिए “ब्रेन रॉट” चुना था, जो ’67’ की जड़ों से जुड़ा लगता है।
सोशल मीडिया पर प्रतिक्रियाएं: भ्रम और हंसी का मिश्रण
घोषणा के बाद एक्स (पूर्व ट्विटर) पर लोग हैरान थे। एक यूजर ने लिखा, “यह तो शब्द भी नहीं है!” जबकि एक कॉमेडियन ने कहा, “मैं खुद को बूढ़ा महसूस कर रहा हूं।” लेकिन युवा इसे अपना बनाए हुए हैं। शिक्षक ऑनलाइन टिप्स शेयर कर रहे हैं कि क्लास में ’67’ को कैसे रोका जाए, जबकि बच्चे इसे और ज्यादा इस्तेमाल कर रहे हैं।
’67’ 2025 का आईना है – जहां भाषा वायरल स्पीड से बदलती है, और बेतुकापन ही कूलनेस बन जाता है। यह हमें याद दिलाता है कि भाषा सिर्फ शब्दों का संग्रह नहीं, बल्कि भावनाओं और कनेक्शनों का पुल है। अगले साल क्या आएगा? वक्त बताएगा, लेकिन फिलहाल, “67” ही राज कर रहा है।
