by-Ravindra Sikarwar
नई दिल्ली/विशाखापत्तनम: बंगाल की खाड़ी में उठा गंभीर चक्रवात ‘मोन्ठा’ (थाई भाषा में सुंदर फूल का नाम) ने 28 अक्टूबर 2025 की शाम भारत के पूर्वी तट को बुरी तरह आहत कर दिया। काकीनाड़ा के पास आंध्र प्रदेश तट पर लगभग 7:30 बजे लैंडफॉल शुरू हुआ, जो 4 घंटे तक चला। हवाओं की रफ्तार 100-117 किमी/घंटा तक रही, जिससे 2 लोगों की मौत, लाखों की फसलें जलमग्न और हजारों घर-बार उजड़ गए। राज्य सरकारों ने 76,000 से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया, लेकिन नुकसान भारी है। ओडिशा में भारी वर्षा से भूस्खलन हुआ, जिससे 15 जिलों में सड़कें बंद और घर क्षतिग्रस्त।
‘मोन्ठा’ का मार्ग और तीव्रता: कैसे बनी आपदा?
- उदय: 25 अक्टूबर को बंगाल की खाड़ी के ऊपर कम दबाव का क्षेत्र।
- लैंडफॉल: मछलीपट्टनम और कालिंगपत्तनम के बीच, काकीनाड़ा/नरसापुरम/अमलापुरम के निकट।
- वर्तमान स्थिति: 30 अक्टूबर तक गहन अवसाद में बदल गया, तेलंगाना की ओर बढ़ा। छत्तीसगढ़ में और कमजोर होगा।
IMD का पूर्वानुमान: तेलंगाना, प. बंगाल में भारी बारिश 31 अक्टूबर तक।
हादसे: 2 मौतें, एक लापता
- आंध्र प्रदेश:
1. कोनसीमा जिले के माकनागुडेम गांव में 43 वर्षीय महिला पर ताड़ का पेड़ गिरा।
2. दूसरी मौत की पुष्टि सीएम चंद्रबाबू नायडू ने की।
- कुल: 2 मौतें (कुछ रिपोर्ट्स में 3), 1 मछुआरा लापता।
- ओडिशा: कोई मौत नहीं।
आंध्र प्रदेश में विनाश: फसलें और बुनियादी ढांचा ध्वस्त
चक्रवात ने 22 जिलों के 403 मंडलों को चपेट में लिया। प्रभावित क्षेत्र:
| जिला | मुख्य नुकसान | प्रभावित क्षेत्र (हेक्टेयर) |
| काकीनाड़ा | 61 घर क्षतिग्रस्त, 55 सौ एकड़ फसलें | 5,500 एकड़ |
| कोनसीमा/पश्चिम गोदावरी | पेड़ गिरे, सड़कें डूबी | – |
| प्रकाशम/नेल्लोर | 25 सेमी बारिश, फसलें जलमग्न | 87,000 कुल |
| गुन्टूर/भापतला | पुल-कुल्वर्ट क्षतिग्रस्त | – |
- फसल हानि: 87,000 हेक्टेयर प्रभावित, 59,000 हेक्टेयर डूबे (धान, कपास, मक्का, उड़द)। 78,796 किसान प्रभावित।
- बुनियादी ढांचा: 2,294 किमी सड़कें, 14 पुल, नुकसान ₹1,424 करोड़। बिजली सबस्टेशन खराब।
- अन्य: उप्पाड़ा में 10 फीट ऊंची लहरें, तटबंध टूटे। 8 उड़ानें रद्द।
ओडिशा में भारी बारिश का कहर: भूस्खलन से यातायात ठप
- 15 जिलों प्रभावित: गंजम, गजपति, खुरदा, कटक, पुरी।
- भूस्खलन: आर. उदयगिरि, पार्लाखेमुंडी, हुमा, काशीपुर में सड़कें अवरुद्ध। पेड़ गिरे।
- बारिश: मयूरभंज 105 मिमी, बालासोर 93.5 मिमी।
- नुकसान: घर टूटे, फसलें डूबी।
बचाव और राहत: ‘जीरो कैजुअल्टी’ मिशन सफल
| राज्य | निकासी | राहत उपाय |
| आंध्र | 76,000-1.8 लाख (2,200 कैंप) | 11,000 बिजली कर्मी, 1,447 जेसीबी, 321 ड्रोन, 219 मेडिकल कैंप। **उपमुख्यमंत्री पवन कल्याण** ने फसल निरीक्षण किया। |
| ओडिशा | 11,000+ (2,000 शेल्टर) | 158 इमरजेंसी टीम, 5 NDRF |
- सीएम नायडू: हवाई सर्वे, ₹5 लाख मृतक परिवार को, 50 किलो चावल + ₹3,000 मछुआरों को। बुधवार तक 100% बिजली बहाली।
- NDRF/SDRF: नावें, हेलिपैड तैयार। 3.6 करोड़ अलर्ट एसएमएस।
- सीएम माझी (ओडिशा): फसल सहायता एक सप्ताह में।
चुनौतियां और सबक
- किसान परेशान: 80,000+ प्रभावित, तत्काल मुआवजा जरूरी।
- पुनर्वास: बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में सतर्कता।
- सफलता: पूर्व तैयारी से बड़ी जानमाल हानि रुकी।
IMD चेतावनी: 31 अक्टूबर तक सतर्क रहें। यह मौसम का पहला बड़ा चक्रवात था, जो जलवायु परिवर्तन की चेतावनी देता है। अपडेट्स के लिए IMD/TRAI ऐप चेक करें।
