by-Ravindra Sikarwar
भारत की प्रथम आदिवासी राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने 28 अक्टूबर 2025 को पुणे वायुसेना स्टेशन पर एक यादगार और प्रेरणादायक कारनामा किया। उन्होंने फ्रांस निर्मित दसॉल्ट राफेल – दुनिया के सबसे उन्नत मल्टीरोल लड़ाकू विमानों में से एक – में 30 मिनट की सॉर्टी (उड़ान) भरी। यह न केवल राष्ट्रपति के रूप में उनकी साहसिक छवि को मजबूत करता है, बल्कि भारतीय वायुसेना की तकनीकी क्षमता और महिला पायलटों के बढ़ते योगदान का भी जीवंत प्रदर्शन है।
उड़ान का रोमांचक विवरण:
राफेल की पिछली सीट पर सवार होकर राष्ट्रपति ने महाराष्ट्र के आसमां को चीरते हुए पुणे से लगभग 100 किलोमीटर दूर तक उड़ान भरी। इस दौरान विमान ने सुपरसोनिक स्पीड को छुआ और जी-फोर्स का अनुभव कराया। राष्ट्रपति ने बाद में बताया, “यह अनुभव अविस्मरणीय था। वायुसेना के जांबाजों की तरह आसमान में उड़ना गर्व की बात है।”
उड़ान के दौरान कॉकपिट में उनके साथ थीं विंग कमांडर शिवांगी सिंह – भारतीय वायुसेना की पहली महिला राफेल पायलट। दोनों ने उड़ान के बाद राफेल के सामने खड़े होकर मुस्कुराते हुए तस्वीरें खिंचवाईं, जो सोशल मीडिया पर वायरल हो गईं।
शिवांगी सिंह: पाकिस्तान के फेक क्लेम की शिकार बहादुर पायलट
शिवांगी सिंह राजस्थान के बाड़मेर जिले की रहने वाली हैं। वर्ष 2017 में फाइटर स्ट्रीम में कमीशन प्राप्त करने वाली वे पहली महिला पायलट थीं, जिन्हें मिग-21 बाइसन उड़ाने का प्रशिक्षण मिला। बाद में उन्हें राफेल स्क्वाड्रन (17 गोल्डन एरोज) में शामिल किया गया।
पाकिस्तान का फर्जी दावा:
27 फरवरी 2019 को बालाकोट एयरस्ट्राइक के बाद पाकिस्तानी वायुसेना ने भारतीय विमान को निशाना बनाया। इस दौरान विंग कमांडर अभिनंदन वर्थमान का मिग-21 क्रैश हो गया और वे पाकिस्तान में गिरफ्तार हुए। लेकिन पाकिस्तानी मीडिया और सोशल मीडिया पर एक फर्जी सूची वायरल हुई, जिसमें शिवांगी सिंह का नाम “पकड़ी गई महिला पायलट” के रूप में दिखाया गया।
वास्तव में:
- शिवांगी उस मिशन में शामिल नहीं थीं।
- उस समय वे अंबाला एयरबेस पर तैनात थीं।
- पाकिस्तान ने यह प्रोपेगैंडा महिला पायलट की छवि को धूमिल करने के लिए फैलाया।
शिवांगी ने इस पर मुस्कुराते हुए कहा था, “मेरा नाम लेना उनके लिए सम्मान की बात है, लेकिन सच तो यही है कि मैं अभी भी आसमान में उड़ रही हूँ।”
राष्ट्रपति का संदेश: महिला सशक्तिकरण और रक्षा तत्परता
उड़ान के बाद राष्ट्रपति ने वायुसेना के जवानों को संबोधित करते हुए कहा:
“आज मैंने न केवल राफेल की ताकत देखी, बल्कि हमारी बेटियों की हिम्मत भी। शिवांगी जैसी पायलट देश का गर्व हैं।”
इस आयोजन में:
- राफेल का फुल आफ्टरबर्नर टेकऑफ दिखाया गया।
- मिराज-2000 और सुखोई-30 MKI ने फ्लाईपास्ट किया।
- राष्ट्रपति ने महिला अग्निवीरों से भी मुलाकात की।
रोचक तथ्य:
| विवरण | जानकारी |
| राफेल की स्पीड | 1.8 मैक (लगभग 2200 किमी/घंटा) |
| शिवांगी का रिकॉर्ड | 1000+ घंटे फाइटर उड़ान |
| राष्ट्रपति की उम्र | 67 वर्ष (फाइटर जेट उड़ाने वाली सबसे उम्रदराज महिला राष्ट्राध्यक्ष) |
| पाकिस्तान का फेक क्लेम | 2019 में 48 घंटे तक चला, बाद में डिलीट |
यह उड़ान केवल एक सैन्य प्रदर्शन नहीं थी – यह भारत की नारी शक्ति, आत्मनिर्भर रक्षा क्षमता, और साहस की नई परिभाषा का प्रतीक बन गई। राष्ट्रपति और शिवांगी की वह तस्वीर अब लाखों युवतियों के लिए प्रेरणा बन चुकी है, जो कहती है:
“आसमान किसी का मोहताज नहीं – बस हिम्मत चाहिए!”
