Spread the love

by-Ravindra Sikarwar

नई दिल्ली: भारत निर्वाचन आयोग (ईसीआई) ने 27 अक्टूबर 2025 को विज्ञान भवन में आयोजित प्रेस वार्ता में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के दूसरे चरण की शुरुआत की घोषणा की। मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार सहित निर्वाचन आयुक्तों ने बताया कि बिहार में पहले चरण की सफलता के बाद अब 12 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में 51 करोड़ मतदाताओं की सूची को शुद्ध करने का अभियान चलेगा। यह 2026 के विधानसभा चुनावों से पहले घर-घर जाकर सत्यापन का ऐतिहासिक कदम है, जो 2002-04 के पिछले पुनरीक्षण के बाद पहली बार हो रहा है।

किन 12 राज्यों-केंद्रशासित प्रदेशों में होगा SIR चरण-2?
ईसीआई ने इन क्षेत्रों की मतदाता सूचियों को 27 अक्टूबर मध्यरात्रि से फ्रीज कर दिया है। पूरी सूची इस प्रकार है:

  • अंडमान एवं निकोबार द्वीपसमूह
  • छत्तीसगढ़
  • गोवा
  • गुजरात
  • केरल
  • लक्षद्वीप
  • मध्य प्रदेश
  • पुदुच्चेरी
  • राजस्थान
  • तमिलनाडु
  • उत्तर प्रदेश
  • पश्चिम बंगाल

नोट: असम को अलग रखा गया है, क्योंकि वहां नागरिकता अधिनियम के तहत सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में जांच चल रही है। उसके लिए अलग आदेश जारी होगा।

समय-सारणी: कब-क्या होगा?

  • 28 अक्टूबर से 3 नवंबर: बूथ लेवल अधिकारी (BLO) प्रशिक्षण और फॉर्म छपाई।
  • 4 नवंबर से 4 दिसंबर: घर-घर गणना (एक महीने का अभियान)।
  • 9 दिसंबर: प्रारंभिक मतदाता सूची का प्रकाशन।
  • 9 दिसंबर 2025 से 8 जनवरी 2026: दावा-आपत्ति दर्ज करने की अवधि।
  • 9 दिसंबर 2025 से 31 जनवरी 2026: सुनवाई, सत्यापन और नोटिस।
  • 7 फरवरी 2026: अंतिम मतदाता सूची जारी।

प्रक्रिया: BLO घर आएंगे, आपका क्या करना है?

  1. गणना फॉर्म (EF) वितरण: BLO हर मतदाता को पूर्व-भरा EF देंगे, जिसमें वर्तमान विवरण होंगे। कम से कम 3 बार घर आएंगे।
  2. मैचिंग-लिंकिंग: 2002-04 की पुरानी सूची से अपना या रिश्तेदार का नाम https://voters.eci.gov.in/ पर जोड़ें।
  3. फॉर्म भरें: ऑनलाइन या ऑफलाइन। नए मतदाता फॉर्म-6 भरें।
  4. कोई दस्तावेज जरूरी नहीं: गणना के दौरान नहीं, लेकिन दावा-आपत्ति में आधार, पासपोर्ट, जन्म प्रमाण-पत्र, जाति प्रमाण-पत्र आदि से साबित करें।
  5. राजनीतिक दलों की मदद: बूथ लेवल एजेंट (BLA) 50 फॉर्म रोज इकट्ठा कर BLO को देंगे।
  6. क्या हटेगा? मृत, स्थानांतरित, डुप्लिकेट या अवैध विदेशी नाम।

स्टेटस चेक: वोटर हेल्पलाइन ऐप, ईसीआई वेबसाइट या SMS (वोटर ID भेजें 1950 पर)।

:

  • प्रवासन, मल्टीपल रजिस्ट्रेशन, मृत नाम न हटना जैसी समस्याएं।
  • विदेशी घुसपैठ रोकना, हर पात्र को जोड़ना।
  • 21 साल बाद ऐसा पुनरीक्षण। स्वतंत्रता के बाद 9वां।
  • ईपीआईसी कार्ड: बदलाव पर ही नया जारी।

पहले चरण की सफलता: बिहार मॉडल
बिहार में 68 लाख नाम हटे, कोई अपील नहीं। 7.42 करोड़ अंतिम सूची 30 सितंबर को जारी।

विवाद और सफाई:
पश्चिम बंगाल (टीएमसी), तमिलनाडु (डीएमके) ने विरोध किया। कांग्रेस ने “वोट चोरी” का आरोप लगाया। सीईसी: “संवैधानिक कर्तव्य”, राज्य सरकारें सहयोग देंगी।

यह अभियान लोकतंत्र की रीढ़ मतदाता सूची को मजबूत करेगा। नागरिक सक्रिय रहें, BLO का इंतजार करें! अधिक जानकारी: eci.gov.in

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *