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by-Ravindra Sikarwar

नई दिल्ली: कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) की दुनिया में अग्रणी कंपनी ओपनएआई ने भारत को अपने दूसरे सबसे बड़े बाजार के रूप में मजबूत करने के लिए एक बड़ा ऐलान किया है। कंपनी ने घोषणा की है कि उसके मध्यम स्तर के सब्सक्रिप्शन प्लान चैटजीपीटी गो को भारत के सभी उपयोगकर्ताओं के लिए पूरे एक वर्ष तक मुफ्त उपलब्ध कराया जाएगा। यह पेशकश 4 नवंबर 2025 से शुरू हो रही एक सीमित समय की प्रचार योजना के तहत उपलब्ध होगी, जो कंपनी के पहले डेवडे एक्सचेंज इवेंट के साथ मेल खाती है। सामान्यतः 399 रुपये प्रति माह कीमत वाले इस प्लान को मुफ्त करने से लाखों भारतीय छात्रों, पेशेवरों और डेवलपर्स को एआई टूल्स की उन्नत सुविधाओं तक आसान पहुंच मिलेगी। ओपनएआई के सीईओ सैम ऑल्टमैन ने पहले ही कहा था कि भारत जल्द ही अमेरिका के बाद कंपनी का सबसे बड़ा बाजार बन सकता है।

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चैटजीपीटी गो ओपनएआई का एक किफायती सब्सक्रिप्शन टियर है, जो फ्री वर्जन और महंगे चैटजीपीटी प्लस (1,999 रुपये/माह) या प्रो (19,990 रुपये/माह) के बीच का विकल्प प्रदान करता है। यह प्लान उपयोगकर्ताओं को चैटजीपीटी के उन्नत मॉडल जीपीटी-5 तक विस्तारित पहुंच देता है, जिसमें संदेश सीमा अधिक होती है और जटिल कार्यों को संभालने की क्षमता बढ़ी हुई है। भारत में अगस्त 2025 में लॉन्च होने के बाद से इसकी मांग इतनी तेज रही कि पहले महीने में ही पेड सब्सक्राइबर्स की संख्या दोगुनी हो गई। अब यह 90 से अधिक वैश्विक बाजारों में उपलब्ध है, लेकिन भारत को प्राथमिकता देकर कंपनी ने यहां की सस्ती पहुंच पर जोर दिया।

मुख्य विशेषताएं:

  • बढ़ी हुई संदेश सीमा: फ्री वर्जन की तुलना में अधिक चैट सेशन और लंबे संवाद संभव।
  • इमेज जेनरेशन: डाल-ई 3 मॉडल से उच्च गुणवत्ता वाली तस्वीरें बनाना।
  • फाइल अपलोड और एनालिसिस: दस्तावेज, स्प्रेडशीट या कोड अपलोड कर एआई से विश्लेषण करवाना।
  • उन्नत मेमोरी फीचर: व्यक्तिगत प्रतिक्रियाओं के लिए बेहतर स्मृति, जो उपयोगकर्ता की प्राथमिकताओं को याद रखता है।
  • डीप रिसर्च टूल्स: सीमित पहुंच के साथ जटिल शोध कार्य, जैसे डेटा सारांशण या कोड जेनरेशन।
  • अन्य लाभ: वॉयस मोड, कस्टम जीपीटी निर्माण और प्राथमिकता समर्थन।

यह प्लान विशेष रूप से भारतीय उपयोगकर्ताओं के लिए डिजाइन किया गया, जो रचनात्मकता, उत्पादकता, शिक्षा और कोडिंग जैसे क्षेत्रों में एआई का उपयोग बढ़ा रहे हैं। निक टर्ले, ओपनएआई के वाइस प्रेसिडेंट और चैटजीपीटी हेड, ने कहा, “भारत में चैटजीपीटी गो लॉन्च के बाद से उपयोगकर्ताओं की रचनात्मकता ने हमें प्रेरित किया है। यह पेशकश अधिक लोगों को एआई के लाभ पहुंचाने का प्रयास है।”

पेशकश का समय-सारणी: कैसे और कब दावा करें?

  • शुरुआत: 4 नवंबर 2025 से, कंपनी के बेंगलुरु में होने वाले पहले डेवडे एक्सचेंज इवेंट के साथ।
  • अवधि: सीमित समय की प्रचार योजना, लेकिन समाप्ति तिथि की घोषणा नहीं की गई। जल्दी साइन अप करें।
  • पात्रता: भारत के सभी नए और मौजूदा उपयोगकर्ता। मौजूदा चैटजीपीटी गो सब्सक्राइबर्स को भी एक साल का मुफ्त एक्सटेंशन मिलेगा, जिसकी दावा प्रक्रिया जल्द बताई जाएगी।
  • दावा कैसे करें:

  1. chatgpt.com पर जाएं या ऐप डाउनलोड करें।

  2. प्रोफाइल सेटिंग्स में सब्सक्रिप्शन सेक्शन पर जाएं।

  3. प्रचार अवधि के दौरान ‘चैटजीपीटी गो’ चुनें – कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं लगेगा।

  4. ईमेल या ऐप नोटिफिकेशन से पुष्टि प्राप्त करें।

नोट: यह ऑफर केवल भारत-आधारित आईपी एड्रेस या खाते पर लागू। वैश्विक उपयोगकर्ताओं के लिए अलग नियम।

प्लान प्रकारमासिक कीमतमुख्य फायदेभारत में उपलब्धता
फ्री0 रुपयेबेसिक चैट, सीमित संदेशसभी के लिए
चैटजीपीटी गो399 रुपये उन्नत मॉडल, इमेज, फाइल4 नवंबर से 1 साल मुफ्त
प्लस1,999 रुपयेअनलिमिटेड एक्सेस, प्राथमिकतावैश्विक
प्रो19,990 रुपयेएंटरप्राइज टूल्सवैश्विक

भारत में ओपनएआई की रणनीति: क्यों यह कदम महत्वपूर्ण?
भारत ओपनएआई का दूसरा सबसे बड़ा बाजार है, जहां लाखों उपयोगकर्ता रोजाना चैटजीपीटी का उपयोग करते हैं। 700 मिलियन से अधिक स्मार्टफोन उपयोगकर्ता और 1 अरब इंटरनेट सब्सक्राइबर्स के साथ, यहां एआई की मांग तेजी से बढ़ रही है। कंपनी ने भारत को ‘प्राथमिकता बाजार’ मानते हुए कई कदम उठाए हैं:

  • लॉन्च और विस्तार: चैटजीपीटी गो को अगस्त में भारत में सबसे पहले उतारा गया, जिसके बाद 90 बाजारों में फैलाव।
  • डेवलपर फोकस: 4 नवंबर को बेंगलुरु में डेवडे एक्सचेंज इवेंट, जहां स्थानीय डेवलपर्स और उद्यमों के लिए भारत-केंद्रित घोषणाएं होंगी।
  • भारतएआई मिशन समर्थन: यह पेशकश भारत सरकार के एआई पहल को मजबूत करती है, खासकर अगले साल होने वाले एआई इम्पैक्ट समिट से पहले।
  • रोजगार और विज्ञापन: भारत में सेल्स भूमिकाओं के लिए भर्तियां, बिलबोर्ड और ऑनलाइन विज्ञापन अभियान।

ओपनएआई ने कहा कि यह प्रचार उपयोगकर्ताओं की ‘उत्साहपूर्ण रचनात्मकता’ को सम्मानित करने का तरीका है। पहले महीने में पेड सब्सक्राइबर्स दोगुने होने से कंपनी को विश्वास हुआ कि किफायती प्लान सफल होंगे।

प्रतिस्पर्धा का दौर: गूगल और पेरप्लेक्सिटी की चुनौती
यह घोषणा एआई बाजार में बढ़ती होड़ का परिणाम है। प्रतिद्वंद्वी कंपनियां भी भारत पर निशाना साध रही हैं:

  • गूगल: अपने जेमिनी एआई प्रो प्लान को छात्रों के लिए एक साल मुफ्त (कीमत 19,500 रुपये)।
  • पेरप्लेक्सिटी: भारती एयरटेल के साथ साझेदारी कर 360 मिलियन ग्राहकों को प्रीमियम प्लान मुफ्त।
  • ओपनएआई का जवाब: यह पेशकश इन कदमों का प्रत्यक्ष प्रतिकार है, जो उपयोगकर्ता अधिग्रहण को तेज करने पर केंद्रित है। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे एआई का लोकतंत्रीकरण होगा, लेकिन डेटा प्राइवेसी और स्थानीय भाषा समर्थन जैसे मुद्दे बाकी हैं।

सैम ऑल्टमैन ने जून में कहा था, “भारत न केवल हमारा दूसरा सबसे बड़ा बाजार है, बल्कि सबसे तेज बढ़ता भी।” यह कदम कंपनी की ‘भारत-प्रथम’ नीति को मजबूत करता है।

भविष्य की संभावनाएं और सलाह:
यह पेशकश एआई को भारत में और सुलभ बनाएगी, जहां छात्र शिक्षा, पेशेवर उत्पादकता और डेवलपर्स कोडिंग के लिए इसका उपयोग बढ़ा रहे हैं। कंपनी ने डेटा सेंटर स्थापना की योजना भी जाहिर की है। उपयोगकर्ताओं से अपील: प्रचार अवधि में जल्द साइन अप करें, क्योंकि ऑफर सीमित है। अधिक जानकारी के लिए chatgpt.com या ओपनएआई की आधिकारिक वेबसाइट देखें। यह कदम न केवल बाजार विस्तार का है, बल्कि एआई की क्रांति को लोकतांत्रिक बनाने का भी।

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