by-Ravindra Sikarwar
रियाध: सऊदी अरब ने 2034 फीफा विश्व कप की मेजबानी के लिए अपनी महत्वाकांक्षी योजनाओं को नई ऊंचाई प्रदान करते हुए दुनिया का पहला ‘स्काई स्टेडियम’ प्रस्तुत किया है। यह क्रांतिकारी स्टेडियम, जिसे नीओम स्काई स्टेडियम नाम दिया गया है, रेगिस्तानी इलाके के ऊपर 350 मीटर (लगभग 1,150 फीट) की ऊंचाई पर लटका होगा। यह सऊदी अरब के बहु अरब डॉलर के नीओम मेगासिटी प्रोजेक्ट का अभिन्न हिस्सा है, जो देश की ‘विजन 2030’ पहल के तहत बनाया जा रहा है। स्टेडियम में 46,000 दर्शक क्षमता होगी और यह विश्व कप के मैचों के अलावा भविष्य में खेल-मनोरंजन आयोजनों का केंद्र बनेगा। यह घोषणा सऊदी अरब की वैश्विक खेल जगत में अपनी छाप छोड़ने की कोशिश को दर्शाती है, जहां नवाचार और स्थिरता को जोड़कर फुटबॉल को नई दिशा दी जाएगी।
स्काई स्टेडियम का डिजाइन: कैसे बनेगा यह हवाई चमत्कार?
नीओम स्काई स्टेडियम सऊदी अरब की भविष्यवादी सोच का प्रतीक है, जो पारंपरिक स्टेडियमों से कोसों आगे है। यह द लाइन नामक रैखिक शहर के ऊपरी हिस्से में एकीकृत होगा, जो देश के उत्तर-पश्चिमी तट पर 170 किलोमीटर लंबा फैला होगा। स्टेडियम का निर्माण कांच और स्टील की संरचना पर आधारित होगा, जो हवा में लटका हुआ दिखेगा। दर्शकों को हाई-स्पीड लिफ्टों और स्वायत्त परिवहन पॉड्स के माध्यम से पहुंचाया जाएगा, जिससे रेगिस्तान के मनोरम दृश्य का आनंद लिया जा सकेगा।
मुख्य तकनीकी विशेषताएं:
- डिजाइन फर्म: डार्स्ट + लिनमैन द्वारा डिजाइन, जो नवीनतम 3डी रेंडरिंग्स के साथ पेश किया गया।
- ऊंचाई और संरचना: 350 मीटर ऊपर निलंबित, जो एक दर्पण जैसी मेगास्ट्रक्चर पर टिका होगा। यह स्टेडियम द लाइन शहर की ऊर्ध्वाधर वास्तुकला में पूरी तरह घुलमिल जाएगा।
- क्षमता: 46,000 सामान्य सीटें, साथ ही 2,000 से अधिक बॉक्स सीटें (विशेष वीआईपी क्षेत्र)।
- प्रवेश प्रणाली: इलेक्ट्रिक ट्रांजिट सिस्टम, जिसमें तेज गति वाले लिफ्ट और पॉड्स शामिल। कोई पारंपरिक सड़क या पार्किंग नहीं – सब कुछ ऊर्ध्वाधर।
- अतिरिक्त सुविधाएं: चार प्रशिक्षण मैदान, आवासीय क्षेत्र, खुदरा दुकानें और मनोरंजन जोन। स्टेडियम के आसपास एक खेल जिला विकसित होगा, जो पूर्णतः शून्य-कार्बन उत्सर्जन वाला होगा।
| विशेषता | विवरण |
| ऊंचाई | 350 मीटर (1,150 फीट) ऊपर रेगिस्तान से |
| क्षमता | 46,000 दर्शक + 2,000 बॉक्स सीटें |
| ऊर्जा स्रोत | हवा और सौर ऊर्जा (नेट-जीरो कार्बन) |
| पहुंच | हाई-स्पीड लिफ्ट और पॉड्स |
| एकीकरण | द लाइन शहर के ऊपरी स्तर पर |
यह डिजाइन न केवल फुटबॉल मैचों के लिए है, बल्कि स्टेडियम को एक बहुउद्देशीय केंद्र बनाया जाएगा, जिसमें संगीत समारोह और सांस्कृतिक कार्यक्रम भी होंगे।
निर्माण समय-सारिणी: 2027 से शुरू, 2032 तक तैयार
सऊदी अरब ने स्टेडियम के निर्माण को विश्व कप की समयसीमा से जोड़ा है।
- शुरुआत: 2027 में आधारभूत कार्य प्रारंभ।
- समापन: 2032 तक पूर्ण रूप से चालू, ताकि 2034 विश्व कप के लिए तैयार हो।
- लागत: अनुमानित 1 अरब डॉलर (करीब 8,400 करोड़ रुपये), जो नीओम प्रोजेक्ट के 500 अरब डॉलर के कुल बजट का हिस्सा है।
- प्राथमिकता: हालांकि नीओम प्रोजेक्ट में देरी हो रही है (मूल योजना 2039 तक पूरी), लेकिन विश्व कप स्टेडियम को प्राथमिकता दी गई है।
फीफा ने इसकी प्रारंभिक मंजूरी दी है, लेकिन अंतिम स्वीकृति 2034 टूर्नामेंट के करीब होगी। स्टेडियम क्वार्टर-फाइनल स्तर तक के मैचों की मेजबानी करेगा।
सस्टेनेबिलिटी फोकस: पर्यावरण-अनुकूल डिजाइन
सऊदी अरब का दावा है कि स्काई स्टेडियम विजन 2030 की स्थिरता नीति को मजबूत करेगा।
- ऊर्जा: पारंपरिक बिजली की बजाय हवा और सौर ऊर्जा से संचालित, जो पूर्णतः नेट-जीरो कार्बन लक्ष्य को पूरा करेगा।
- पर्यावरण प्रभाव: कोई ईंधन निर्भरता नहीं, और निर्माण में पर्यावरण-अनुकूल सामग्री का उपयोग।
- फीफा का समर्थन: फीफा अध्यक्ष जियानी इन्फांतिनो ने कहा, “फुटबॉल को नवाचार के साथ खुला मन अपनाना चाहिए।” यह स्टेडियम फीफा की सस्टेनेबिलिटी मानकों को पूरा करने का प्रयास है।
हालांकि, आलोचक पूछ रहे हैं कि क्या एक हवाई महल बनाना वास्तव में पर्यावरण के अनुकूल है? फिर भी, यह प्रोजेक्ट सऊदी अरब की तेल-निर्भर अर्थव्यवस्था से हटकर नवीन ऊर्जा पर जोर देता है।
2034 विश्व कप का संदर्भ: सऊदी अरब की मेजबानी यात्रा
सऊदी अरब ने अक्टूबर 2023 में 2034 फीफा विश्व कप की मेजबानी हासिल की, जब वह एकमात्र आवेदक था। यह 48 टीमों वाला विस्तारित टूर्नामेंट होगा, जो नवंबर-दिसंबर में आयोजित होगा ताकि गर्मी से बचा जा सके। कुल 15 स्टेडियम बनेंगे, जो रियाध, जेद्दाह, अल खोबार, अभा और नीओम जैसे पांच क्षेत्रों में फैले होंगे। अन्य प्रमुख स्टेडियमों में प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान स्टेडियम (रियाध) शामिल है।
यह मेजबानी कतर 2022 के बाद मध्य पूर्व का दूसरा विश्व कप होगा। सऊदी अरब का लक्ष्य खेल के माध्यम से वैश्विक छवि सुधारना है, जहां तेल से बनी संपत्ति को खेल से मानवीय रूप दिया जाए।
विवाद और आलोचना: क्या यह सिर्फ एक प्रचार स्टंट है?
हालांकि घोषणा ने दुनिया को आकर्षित किया, लेकिन कई सवाल उठे हैं:
- निर्माण चुनौतियां: नीओम प्रोजेक्ट में देरी, मजदूर स्थितियां और सुरक्षा जोखिम। सोशल मीडिया पर लोग कह रहे हैं, “यह सुंदर लगता है, लेकिन क्या कभी बनेगा?”
- लॉजिस्टिक्स: दर्शकों को ऊपर ले जाना, आपातकालीन निकासी और मौसम प्रभाव।
- मानवाधिकार: फीफा की सस्टेनेबिलिटी के बीच सऊदी अरब की छवि पर सवाल।
- तुलना: कतर 2022 के स्टेडियमों से आगे, लेकिन आलोचक इसे ‘ब्लेड रनर जैसा विज्ञान कथा’ कह रहे हैं।
फिर भी, सऊदी प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान ने इसे “21वीं सदी की वैश्विक कथा का मालिक बनने” का प्रयास बताया। यदि सफल हुआ, तो 2034 विश्व कप न केवल फुटबॉल के लिए, बल्कि वास्तुकला के लिए भी याद रखा जाएगा।
यह प्रोजेक्ट सऊदी अरब की महत्वाकांक्षा को उजागर करता है। अपडेट्स के लिए फीफा और नीओम की आधिकारिक वेबसाइट देखें।
