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by-Ravindra Sikarwar

मध्य प्रदेश के मंडला जिले के नैनपुर क्षेत्र से एक चौंकाने वाली घटना ने पूरे राज्य में हड़कंप मचा दिया है। यहां एक सरकारी शराब दुकान पर स्कूल यूनिफॉर्म पहने कुछ नाबालिग लड़कियां बिना किसी रुकावट के शराब खरीदती नजर आईं। यह घटना 24 अक्टूबर 2025 को दोपहर के समय हुई, जब लड़कियां दुकान में प्रवेश कर काउंटर पर पहुंचीं और शराब की बोतलें खरीदकर चली गईं। सोशल मीडिया पर वायरल हुए सीसीटीवी फुटेज ने न केवल स्थानीय स्तर पर आक्रोश पैदा किया है, बल्कि यह राज्य सरकार की कानून प्रवर्तन व्यवस्था और नाबालिगों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है।

घटना का पूरा विवरण: वीडियो में क्या दिखा?
सीसीटीवी कैमरे में कैद इस वीडियो में दिखाया गया है कि चार से पांच लड़कियां, जो स्पष्ट रूप से सरकारी स्कूल की यूनिफॉर्म पहने हुए हैं, दुकान में प्रवेश करती हैं। वे अपनी पहचान छिपाने के लिए दुपट्टों या स्कार्फ से सिर ढक लेती हैं। काउंटर पर पहुंचते ही वे शराब की बोतलें मांगती हैं, और दुकान का कर्मचारी बिना उम्र की जांच किए उन्हें बेच देता है। लड़कियां बोतलों को अपने बैग में रखकर शांतिपूर्वक दुकान से बाहर निकल जाती हैं। वीडियो की अवधि लगभग 2 मिनट है, और यह स्पष्ट रूप से दिखाता है कि दुकानदार ने कोई सवाल नहीं किया या रोकटोक नहीं की।

यह घटना नैनपुर के एक व्यस्त बाजार क्षेत्र में स्थित सरकारी शराब दुकान पर हुई, जो स्थानीय स्तर पर काफी चर्चित है। वीडियो पहली बार 25 अक्टूबर 2025 को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर अपलोड किया गया, जिसके बाद यह तेजी से वायरल हो गया। स्थानीय लोगों के अनुसार, यह दुकान स्कूलों और कॉलेजों के निकट स्थित है, जिससे नाबालिगों की पहुंच आसान हो जाती है। विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसी घटनाएं न केवल कानूनी उल्लंघन हैं, बल्कि सामाजिक स्तर पर भी चिंताजनक हैं, क्योंकि यह नाबालिगों के बीच शराब के प्रति बढ़ती लत को दर्शाता है।

प्रशासन की प्रतिक्रिया: लाइसेंस रद्द, कर्मचारी पर कार्रवाई
वीडियो वायरल होते ही स्थानीय प्रशासन हरकत में आ गया। मंडला के उप-विभागीय मजिस्ट्रेट (एसडीएम) आशुतोष ठाकुर ने तुरंत दुकान का निरीक्षण किया और सीसीटीवी फुटेज की जांच की। एसडीएम ने पुष्टि की कि वीडियो में दिखाई गई लड़कियां वास्तव में स्कूल छात्राएं हैं और दुकानदार ने उन्हें शराब बेची है। जिला आबकारी अधिकारी रामजी पांडे ने बताया, “घटना की पुष्टि हो चुकी है। जल्द ही कलेक्टर को रिपोर्ट भेजी जाएगी। शराब दुकान का लाइसेंस रद्द कर दिया जाएगा और जुर्माना लगाया जाएगा। नाबालिगों को शराब बेचने वाले कर्मचारी को नौकरी से बर्खास्त किया जाएगा।”

दुकान मालिक को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। अधिकारी यह भी जांच कर रहे हैं कि क्या लड़कियां खुद से शराब खरीदने आईं या किसी अन्य व्यक्ति ने उन्हें भेजा था। कलेक्टर ने सख्त निर्देश जारी किए हैं कि पूरे जिले में ऐसी दुकानों पर विशेष निगरानी रखी जाए। मध्य प्रदेश आबकारी अधिनियम 2022 के तहत नाबालिगों को शराब बेचना गंभीर अपराध है, जिसमें 5 वर्ष तक की कैद और 50,000 रुपये तक का जुर्माना हो सकता है। इस मामले में लड़कियों की उम्र की भी सत्यापन किया जा रहा है, ताकि उन्हें काउंसलिंग या कानूनी सहायता प्रदान की जा सके।

राजनीतिक विवाद: विपक्ष का हमला, महिलाओं की सुरक्षा पर सवाल
यह घटना राजनीतिक रंग भी ले चुकी है। मध्य प्रदेश कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. अशोक मारस्कोले ने भाजपा सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा, “जब जितु पटवारी ने राज्य में बढ़ते शराबबंदी के मुद्दे पर सरकारी रिपोर्ट का हवाला दिया था, तो भाजपा नेता विरोध कर रहे थे। अब नैनपुर में स्कूली लड़कियां खुलेआम शराब खरीद रही हैं, तो वे महिलाओं की इज्जत बचाने का दावा करने वाले नेता कहां हैं? यह महिलाओं सशक्तिकरण का क्या हाल है?” मारस्कोले ने राज्य में शराब की बिक्री पर लगाम लगाने और नाबालिगों की सुरक्षा के लिए तत्काल कदम उठाने की मांग की।

भाजपा नेताओं ने अभी तक इस पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है, लेकिन स्थानीय स्तर पर कुछ नेताओं ने इसे “व्यक्तिगत लापरवाही” बताते हुए प्रशासन की कार्रवाई का समर्थन किया है। यह घटना राज्य में बढ़ते शराबखोरी के व्यापक मुद्दे को फिर से उजागर कर रही है। एक सरकारी रिपोर्ट के अनुसार, मध्य प्रदेश में शराब की खपत पिछले पांच वर्षों में 20% बढ़ी है, और ग्रामीण क्षेत्रों में नाबालिगों के बीच इसका सेवन चिंता का विषय बन रहा है।

सामाजिक प्रभाव: जागरूकता की जरूरत
स्थानीय निवासियों ने इस घटना पर गुस्सा जाहिर किया है। एक स्थानीय शिक्षक ने कहा, “स्कूल का समय होने पर बच्चियां कक्षा में होनी चाहिए, न कि शराब दुकान पर। यह समाज की गिरती सांस्कृतिक स्तर को दिखाता है।” सोशल मीडिया पर #SaveOurChildren और #BanLiquorShopsNearSchools जैसे हैशटैग ट्रेंड कर रहे हैं, जहां लोग मांग कर रहे हैं कि स्कूलों के आसपास शराब दुकानों पर प्रतिबंध लगाया जाए। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसी घटनाओं से बच्चों में शराब के प्रति जिज्ञासा बढ़ सकती है, जो लंबे समय में सामाजिक समस्या पैदा करेगी।

कानूनी प्रावधान और बचाव के उपाय:
मध्य प्रदेश में शराब बिक्री पर सख्त नियम हैं:

  • उम्र सीमा: 21 वर्ष से कम उम्र वालों को शराब बेचना या खरीदना प्रतिबंधित।
  • दंड: दुकानदार को लाइसेंस रद्द, जुर्माना और जेल।
  • निगरानी: दुकानों पर सीसीटीवी अनिवार्य, लेकिन इस मामले में यह विफल रहा।

क्या करें ऐसी स्थिति में?

  • अभिभावक: बच्चों की गतिविधियों पर नजर रखें और जागरूकता फैलाएं।
  • समाज: स्थानीय प्रशासन को शिकायत करें; हेल्पलाइन 181 (महिला हेल्पलाइन) या 100 (पुलिस) पर कॉल।
  • सरकार: स्कूलों के आसपास 500 मीटर के दायरे में शराब दुकानें बंद करने का नियम सख्ती से लागू करें।
  • जांच: लड़कियों को ट्रैक करके उन्हें काउंसलिंग प्रदान करें, ताकि वे गलत रास्ते पर न जाएं।

यह घटना मध्य प्रदेश में शराब नियंत्रण और नाबालिग सुरक्षा के लिए एक चेतावनी है। प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि दोषियों को सजा मिलेगी, लेकिन असली बदलाव जागरूकता और सख्त प्रवर्तन से ही आएगा। अन्यथा, ऐसी घटनाएं समाज के भविष्य को खतरे में डाल सकती हैं।

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