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by-Ravindra Sikarwar

ड्रिप प्राइसिंग एक छिपी हुई कीमत निर्धारण की रणनीति है, जिसमें ई-कॉमर्स वेबसाइट्स या ऐप्स पर उत्पाद की शुरुआती कीमत आकर्षक रूप से कम दिखाई जाती है, लेकिन चेकआउट के अंतिम चरण में कर, डिलीवरी शुल्क, पैकेजिंग फीस या अन्य अनिवार्य आरोप जोड़ दिए जाते हैं, जिससे कुल राशि अप्रत्याशित रूप से बढ़ जाती है। यह एक प्रकार का ‘डार्क पैटर्न’ माना जाता है, जो उपभोक्ताओं को गुमराह करता है और उन्हें अधूरी जानकारी के आधार पर खरीदारी करने के लिए प्रेरित करता है। उदाहरण के तौर पर, अगर कोई स्मार्टफोन 10,000 रुपये में दिख रहा है, तो भुगतान पेज पर 1,500 रुपये का अतिरिक्त शुल्क जोड़कर यह 11,500 रुपये हो जाता है, जो खरीदार को आश्चर्यचकित कर देता है।

भारतीय सरकार ने 22 अक्टूबर 2025 को उपभोक्ता मामलों के विभाग के आधिकारिक हैंडल @jagograhakjago के माध्यम से ऑनलाइन शॉपर्स को इस धोखाधड़ी से सावधान रहने की चेतावनी दी है। यह अलर्ट दीवाली 2025 के त्योहारी सीजन के दौरान जारी किया गया, जब ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स जैसे अमेज़न, फ्लिपकार्ट और अन्य पर ऑर्डर वॉल्यूम में 24% और सकल माल्य मूल्य (जीएमवी) में 23% की वृद्धि दर्ज की गई। यूनिकॉमर्स की रिपोर्ट के अनुसार, 25 दिनों के त्योहारी काल में 15 करोड़ से अधिक लेन-देन हुए, जिसमें क्विक कॉमर्स ऐप्स में 120% की उछाल आई। ऐसे में, जब उपभोक्ता छूट की होड़ में जल्दबाजी करते हैं, तो ये छिपे शुल्क अधिक प्रभावी हो जाते हैं।

सरकार का उद्देश्य उपभोक्ताओं को जागरूक करना और पारदर्शिता सुनिश्चित करना है। केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण (सीसीपीए) ने पहले भी इस तरह के उल्लंघनों पर जुर्माना लगाया है, जैसे सितंबर 2025 में फर्स्टक्राई कंपनी पर 2 लाख रुपये का दंड। एक हालिया सर्वे में पाया गया कि 75% ऑनलाइन शॉपर्स को गुप्त शुल्कों से अधिक भुगतान करना पड़ रहा है, जो बाजार की निष्पक्षता को प्रभावित करता है।

ड्रिप प्राइसिंग की पहचान कैसे करें?

  • अगर भुगतान पेज पर कीमत में अचानक वृद्धि हो।
  • अनिवार्य शुल्क हटाने का विकल्प न हो।
  • अंतिम क्षण में टैक्स या सर्विस फीस सामने आए।

क्या करें अगर आपको धोखा महसूस हो?

  • राष्ट्रीय उपभोक्ता हेल्पलाइन 1915 पर कॉल करें या एनसीएच ऐप के जरिए शिकायत दर्ज करें।
  • हमेशा कुल कीमत (टैक्स सहित) की जांच करें और आवेगी खरीदारी से बचें।
  • ई-कॉमर्स कंपनियों से अपेक्षा है कि वे शुरुआत में ही सभी शुल्क स्पष्ट करें, वरना सख्त कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है।

यह चेतावनी न केवल उपभोक्ताओं की बचत करेगी, बल्कि ऑनलाइन बाजार को अधिक विश्वसनीय बनाएगी, ताकि त्योहार खुशियों भरा रहे, न कि आर्थिक झटकों का।

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