Spread the love

by-Ravindra Sikarwar

भाई दूज क्या है?
भाई दूज कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि को मनाया जाता है, जब बहनें अपने भाइयों का तिलक करती हैं और उनके दीर्घायु-स्वस्थ जीवन की कामना करती हैं। इस दिन भाई अपनी बहन को उपहार देते हैं, प्यार व सुरक्षा का वचन देते हैं।

पौराणिक कथा के अनुसार, इस दिन यमराज अपनी बहन यमुना के घर गए थे, यमुना ने उन्हें भोज व स्वागत दिया था — इसलिए यह दिन “यम द्वितीया” भी कहा जाता है।

राज्यों के अनुसार धारणाएँ एवं रीति-रिवाज:
भाई दूज (या इसके समकक्ष त्योहार) पूरे भारत में मनाया जाता है, लेकिन हर राज्य-क्षेत्र में कुछ-न-कुछ अलग होता है। नीचे कुछ उदाहरण हैं:

  • उत्तर भारत में इसे आमतौर पर भाई दूज नाम से जानते हैं, जहाँ बहन भाई को तिलक लगाती है, उनकी लंबी उम्र की कामना करती है।
  • पश्चिम-भारत (महाराष्ट्र, गुजरात, गोवा) में इसे भाऊ बीज या अन्य स्थानीय नाम से मनाया जाता है।
  • पूर्व-भारत, विशेषकर बंगाल में इसे भाई फोंटा नाम से जाना जाता है, जिसमें खास तिलक व भोजन की परंपरा होती है।
  • बिहार-पूर्वांचल में भी कुछ विशेष रीति हैं—उदाहरणस्वरूप बहन मुस्कुराहट-मजाक व हल्की टोक-टिप्पणी के बाद भाई को तिलक लगाती है।

ये विविधता दिखाती है कि पूरा त्योहार “भाई-बहन का बंधन” मानकर एक ही भावना है, लेकिन लोक-संस्कृति के अनुसार रूप बदलती है।

शुभ मुहूर्त:

  • इस वर्ष भाई दूज 23 अक्टूबर 2025 को मनाया जा रहा है।
  • भाई की तिका (माथे पर तिलक) के लिए सबसे शुभ समय दोपहर 1:13 बजे से दोपहर 3:28 बजे तक माना गया है।
  • इस समय में तिलक लगाना विशेष लाभदायक माना जाता है।

पूजन विधि व तिका संस्कार:

  1. सुबह-जल्दी उठें, स्नान करें और साफ-स्वच्छ वस्त्र पहनें। बहन अपनी घर पर सज-धज कर तैयारी करें।
  2. बहन एक पूजा-चौकी तैयार करें जहाँ भाई बैठेंगे। चौकी को उत्तर-पूर्व दिशा की ओर रखा जाना शुभ माना जाता है।
  3. पूजा थाली में रोली-अक्षत, दीपक, फूल, सुपारी, नारियल, मिठाई, कलावा (राखी की तरह) तथा भाई के लिए उपहार रखे जाते हैं।
  4. बहन भाई को दीपक दिखाती हैं, तिलक लगाती हैं, कलावा बांधती हैं, भाई को मिठाई खिलाती हैं और उसकी लंबी आयु-सुख-समृद्धि की कामना करती हैं।
  5. भाई अपनी बहन को आशीर्वाद देते हैं और उपहार देते हैं। इस तरह प्रेम-स्नेह का यह पर्व सम्पन्न होता है।

बहन की पूजा थाली में क्या-क्या होना चाहिए:
बहन की तैयारी में निम्न सामग्री शामिल होनी चाहिए:

  • पूजा थाली
  • रोली (तिलक के लिए)
  • अक्षत (चावल)
  • दीपक (घी या तेल वाला)
  • फूल-माला
  • सुपारी व नारियल
  • मिठाई (भाई को खिलाने के लिए)
  • कलावा या राखी-प्रकार का धागा
  • भाई को देने के लिए उपहार
  • संभव हो तो लाल या पिंक रंग का वस्त्र (बहन के लिए)

  यह सारी सामग्री मिलकर तिकोहार को सुशोभित व पूर्ण बनाती है।

क्यों जरूरी है यह पर्व:

  • यह भाई-बहन के बीच प्रेम, समर्पण और रक्षा के बंधन को मजबूत करता है।
  • धार्मिक मान्यता है कि इस दिन तिलक लगाना भाइयों के जीवन को लंबा व सुरक्षित बनाता है।
  • यह सामाजिक और पारिवारिक एकता को बढ़ावा देता है — माता-पिता, रिश्तेदारों के बीच मेल-मिलाप का अवसर होता है।
  • परंपरा व सांस्कृतिक मूल्यों की जीवंत प्रस्तुति है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

× Whatsapp