by-Ravindra Sikarwar
फ्रेडरिक, मैरीलैंड: अमेरिकी वैज्ञानिकों और एक स्टार्टअप कंपनी ने लकड़ी को एक नई क्रांतिकारी रूप देने में सफलता हासिल की है। इस नई सामग्री को ‘सुपरवुड’ नाम दिया गया है, जो वजन के हिसाब से स्टील से 10 गुना अधिक मजबूत है और छह गुना हल्की है। यह विकास निर्माण उद्योग, फर्नीचर डिजाइन और यहां तक कि वाहनों तथा विमानों में उपयोग के लिए एक पर्यावरण-अनुकूल विकल्प प्रदान कर सकता है। इनवेंटवुड नामक कंपनी, जो मैरीलैंड विश्वविद्यालय के पूर्व शोधकर्ता लियांगबिंग हू द्वारा सह-स्थापित है, ने हाल ही में इस सामग्री का व्यावसायिक उत्पादन शुरू किया है। यह 2018 में प्रकाशित एक अध्ययन पर आधारित है, जिसमें लकड़ी की संरचना को मौलिक स्तर पर बदलकर उसकी ताकत बढ़ाने का तरीका वर्णित है।
कंपनी और विकास की पृष्ठभूमि:
इनवेंटवुड की स्थापना सामग्री वैज्ञानिक लियांगबिंग हू ने की थी, जो पहले मैरीलैंड विश्वविद्यालय में कार्यरत थे और अब येल विश्वविद्यालय में हैं। कंपनी के पास इस तकनीक से जुड़े 140 से अधिक पेटेंट हैं। हू ने एक दशक पहले लकड़ी की सेल्युलोज फाइबर को मजबूत बनाने पर प्रयोग शुरू किए थे। प्रारंभिक प्रयोगों में लकड़ी को पारदर्शी बनाने के लिए उसके लिग्निन (जो रंग और कुछ मजबूती प्रदान करता है) को आंशिक रूप से हटाया गया। 2018 में ‘नेचर’ जर्नल में प्रकाशित शोध में इस प्रक्रिया को विस्तार से बताया गया, जिसमें साधारण लकड़ी को उच्च-प्रदर्शन वाली संरचनात्मक सामग्री में बदलने की सरल रणनीति का वर्णन है। कंपनी का पहला व्यावसायिक उत्पादन संयंत्र फ्रेडरिक, मैरीलैंड में स्थापित किया गया है, जहां अब बड़े पैमाने पर उत्पादन शुरू हो चुका है।
निर्माण प्रक्रिया का विस्तृत विवरण:
सुपरवुड बनाने की प्रक्रिया अपेक्षाकृत सरल लेकिन प्रभावी है। सबसे पहले, साधारण लकड़ी (जैसे पाइन या बाल्सा जैसी तेजी से बढ़ने वाली प्रजातियां) को पानी और विशेष रसायनों (जैसे सोडियम हाइड्रॉक्साइड और सोडियम सल्फाइट) के मिश्रण में डुबोया जाता है। यह स्नान लकड़ी के लिग्निन को आंशिक रूप से हटाता है, जो लकड़ी को भूरा और कठोर बनाता है। इसके बाद, लकड़ी को लगभग 150 डिग्री फारेनहाइट (66 डिग्री सेल्सियस) की गर्मी पर दबाव डालकर संकुचित किया जाता है। यह दबाव लकड़ी की सेलुलर संरचना को ध्वस्त कर देता है, जिससे फाइबर अत्यधिक घने हो जाते हैं और छिद्र या गांठें जैसी कमजोरियां समाप्त हो जाती हैं। परिणामस्वरूप, लकड़ी की मोटाई पांच गुना कम हो जाती है, लेकिन उसकी मजबूती कई गुना बढ़ जाती है। इस प्रक्रिया में फाइबर मजबूत हाइड्रोजन बॉन्ड बनाते हैं, जो सामग्री को असाधारण ताकत प्रदान करते हैं। अन्य इंजीनियर्ड लकड़ियों के विपरीत, इसमें चिपकाने वाले पदार्थों का उपयोग नहीं होता; परिवर्तन आणविक स्तर पर होता है। यह विधि 19 विभिन्न लकड़ी प्रजातियों और बांस पर काम करती है।
गुण और तुलनात्मक विशेषताएं:
सुपरवुड दिखने में साधारण लकड़ी जैसा लगता है, लेकिन उसके गुण स्टील या यहां तक कि टाइटेनियम मिश्र धातुओं से तुलनीय हैं। वजन के अनुपात में यह स्टील से 10 गुना मजबूत है और छह गुना हल्का है। प्राकृतिक लकड़ी की तुलना में यह 10-20 गुना अधिक मजबूत, 10 गुना अधिक डेंट-प्रतिरोधी, और फंगस तथा कीटों से सुरक्षित है। अग्नि-प्रतिरोधी परीक्षणों में यह उच्च अंक प्राप्त करता है। शोधकर्ताओं ने परीक्षण में पाया कि यह प्राकृतिक लकड़ी की तुलना में टूटने के लिए 10 गुना अधिक ऊर्जा सोखता है। एक प्रयोग में, गोली जैसी प्रोजेक्टाइल को इस पर दागा गया, जो सामग्री में आंशिक रूप से ही घुस सकी। यह कार्बन फाइबर जैसी महंगी सामग्रियों का सस्ता विकल्प है। उत्पादन के दौरान कार्बन उत्सर्जन साधारण लकड़ी से अधिक होता है, लेकिन स्टील उत्पादन की तुलना में 90 प्रतिशत कम है, जो इसे पर्यावरण-अनुकूल बनाता है।
संभावित अनुप्रयोग और लाभ:
सुपरवुड का प्राथमिक उपयोग निर्माण क्षेत्र में है। कंपनी पहले बाहरी अनुप्रयोगों जैसे डेकिंग और क्लैडिंग पर ध्यान केंद्रित कर रही है, जबकि अगले वर्ष आंतरिक उपयोग जैसे फर्श, दीवार पैनलिंग और फर्नीचर की योजना है। इसके हल्के वजन के कारण इमारतें चार गुना हल्की बन सकती हैं, जो नींव पर कम दबाव डालती हैं और निर्माण को तेज तथा सरल बनाती हैं। यह भूकंप-प्रतिरोधी संरचनाओं के लिए आदर्श है। भविष्य में, यह कारों, विमानों और अन्य क्षेत्रों में स्टील की जगह ले सकता है। पर्यावरणीय दृष्टि से, तेजी से बढ़ने वाली लकड़ियां जैसे पाइन या बाल्सा का उपयोग कार्बन भंडारण को बढ़ावा देता है और कंक्रीट तथा स्टील की तुलना में उत्सर्जन कम करता है। वैश्विक स्तर पर, लकड़ी से बने गगनचुंबी भवनों का चलन बढ़ रहा है, जैसे मिल्वौकी में बने। हालांकि, निर्माण उद्योग जोखिम से बचता है, इसलिए पायलट परियोजनाएं, शिक्षा और नियामक समर्थन आवश्यक हैं।
विशेषज्ञों की राय और चुनौतियां:
इनवेंटवुड के सीईओ एलेक्स लाउ ने कहा, “यह सामग्री लकड़ी जैसी व्यवहार करती है लेकिन बहुत मजबूत और हल्की है, जो इमारतों को चार गुना हल्का बनाने, निर्माण को आसान करने और भूकंप-प्रतिरोधी बनाने में मदद कर सकती है।” न्यू साउथ वेल्स विश्वविद्यालय के वास्तुकार फिलिप ओल्डफील्ड ने बताया कि सुपरवुड बड़े स्पैन और टिकाऊ फिनिश की अनुमति दे सकता है, लेकिन उद्योग की रूढ़िवादिता एक चुनौती है। उन्होंने पायलट प्रोजेक्ट्स और बेहतर शिक्षा की आवश्यकता पर जोर दिया।
यह विकास सामग्री विज्ञान में एक महत्वपूर्ण कदम है, जो टिकाऊ और मजबूत विकल्प प्रदान करता है। कंपनी का लक्ष्य सुपरवुड को स्टील के साथ प्रतिस्पर्धी बनाना है, जो निर्माण और अन्य उद्योगों को बदल सकता है। आने वाले वर्षों में इसके व्यावहारिक उपयोग से और अधिक जानकारी सामने आएगी।
