by-Ravindra Sikarwar
नई दिल्ली: भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के लिए अपनी दूसरी उम्मीदवार सूची 15 अक्टूबर 2025 को जारी कर दी है। इस सूची में 12 उम्मीदवारों के नाम शामिल हैं, जिन्हें पार्टी की केंद्रीय चुनाव समिति (सीईसी) ने मंजूरी दी है। सूची में बिहार की प्रसिद्ध लोक गायिका मैथिली ठाकुर और पूर्व आईपीएस अधिकारी आनंद मिश्रा जैसे उल्लेखनीय नाम हैं, जो चुनावी मैदान में नए चेहरे के रूप में उतर रहे हैं। यह घोषणा राष्ट्रीय महासचिव और मुख्यालय प्रभारी अरुण सिंह द्वारा जारी की गई प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से की गई। भाजपा कुल 101 सीटों पर चुनाव लड़ रही है, जो राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के सीट बंटवारे का हिस्सा है। चुनाव दो चरणों में 6 नवंबर और 11 नवंबर 2025 को होंगे, जबकि मतगणना 14 नवंबर को होगी। कुल 243 विधानसभा सीटों के लिए पहले चरण में 121 सीटों पर मतदान होगा। यह सूची पार्टी की रणनीति को दर्शाती है, जिसमें अनुभवी नेता, नए चेहरे और क्षेत्रीय प्रभाव वाले व्यक्तियों का मिश्रण है।
दूसरी सूची का विवरण और उम्मीदवारों की सूची
भाजपा की यह दूसरी सूची विभिन्न जिलों की विधानसभा सीटों को कवर करती है, जिसमें दरभंगा, मुजफ्फरपुर, गोपालगंज, सारण, रोसड़ा, पटना, भोजपुर और बक्सर जैसे क्षेत्र शामिल हैं। सूची में महिलाओं और अनुसूचित जाति (एससी) आरक्षित सीटों पर भी ध्यान दिया गया है। उम्मीदवारों का चयन क्षेत्रीय संतुलन, जातीय प्रतिनिधित्व और पार्टी की मजबूती को ध्यान में रखकर किया गया है। निम्नलिखित तालिका में सभी 12 उम्मीदवारों के नाम, विधानसभा क्षेत्र और अन्य विवरण दिए गए हैं:
| क्रमांक | विधानसभा क्षेत्र (संख्या और नाम) | उम्मीदवार का नाम | विशेष टिप्पणी |
| 1 | 81 – अलीनगर | सुश्री मैथिली ठाकुर | लोक गायिका, मिथिलांचल से प्रभाव |
| 2 | 84 – हायाघाट | श्री राम चंद्र प्रसाद | अनुभवी स्थानीय नेता |
| 3 | 94 – मुजफ्फरपुर | श्री रंजन कुमार | मौजूदा विधायक सुरेश शर्मा की जगह |
| 4 | 101 – गोपालगंज | श्री सुभाष सिंह | पार्टी के वरिष्ठ कार्यकर्ता |
| 5 | 115 – बनियापुर | श्री केदार नाथ सिंह | क्षेत्रीय प्रभावशाली |
| 6 | 118 – छपरा | श्रीमती छोटी कुमारी | महिला उम्मीदवार |
| 7 | 122 – सोनपुर | श्री विनय कुमार सिंह | स्थानीय संगठन से जुड़े |
| 8 | 139 – रोसड़ा (एससी) | श्री बीरेंद्र कुमार | एससी आरक्षित सीट |
| 9 | 179 – बाढ़ | डॉ. सियाराम सिंह | चिकित्सक और सामाजिक कार्यकर्ता |
| 10 | 195 – अगिआंव (एससी) | श्री महेश पासवान | एससी आरक्षित सीट |
| 11 | 198 – शाहपुर | श्री राकेश ओझा | पार्टी के सक्रिय सदस्य |
| 12 | 200 – बक्सर | श्री आनंद मिश्रा (आईपीएस) | पूर्व आईपीएस अधिकारी |
यह सूची पार्टी की पहली सूची (71 उम्मीदवारों) के बाद आई है, और बाद में तीसरी सूची (18 उम्मीदवारों) भी जारी की गई, जिससे भाजपा के कुल 101 उम्मीदवारों की घोषणा पूरी हो गई।
प्रमुख उम्मीदवारों का प्रोफाइल:
दूसरी सूची में शामिल कुछ उम्मीदवारों की पृष्ठभूमि विशेष रूप से ध्यान आकर्षित कर रही है, जो पार्टी की रणनीति को दर्शाती है:
- मैथिली ठाकुर (अलीनगर से): बिहार की मशहूर लोक गायिका मैथिली ठाकुर मिथिलांचल क्षेत्र से आती हैं और मैथिली भाषा में भजन, लोक गीत और भक्ति संगीत के लिए जानी जाती हैं। उन्होंने हाल ही में 14 अक्टूबर 2025 को भाजपा जॉइन की है। मैथिली का कहना है कि वे “मिथिला की बेटी” हैं और अपनी मातृभूमि बिहार की सेवा करना चाहती हैं। उनकी उम्मीदवारी से मिथिलांचल क्षेत्र में मतदाताओं को जोड़ने की उम्मीद है, जहां सांस्कृतिक और क्षेत्रीय भावनाएं मजबूत हैं। मैथिली की लोकप्रियता युवाओं और महिलाओं के बीच विशेष है, जो चुनाव में पार्टी के लिए फायदेमंद साबित हो सकती है।
- आनंद मिश्रा (बक्सर से): पूर्व आईपीएस अधिकारी आनंद मिश्रा असम-मेघालय कैडर से हैं और उन्होंने हाल ही में सेवा से इस्तीफा दिया है। वे प्रारंभ में प्रशांत किशोर की जन सुराज पार्टी में शामिल हुए थे, लेकिन बाद में भाजपा में आए। मिश्रा ने कहा कि जन सुराज से जुड़ना उनके लिए “एक निशान जैसा” था, लेकिन अब वे भाजपा के साथ “नया बक्सर” बनाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। वे 100 प्रतिशत विश्वास रखते हैं कि भाजपा यहां जीतेगी। उनकी पृष्ठभूमि कानून व्यवस्था और प्रशासन में है, जो बक्सर जैसे क्षेत्र में सुरक्षा मुद्दों पर फोकस कर सकती है।
अन्य उम्मीदवारों में रंजन कुमार (मुजफ्फरपुर) जैसे नाम हैं, जो मौजूदा विधायक सुरेश शर्मा की जगह ले रहे हैं, जो पार्टी के भीतर बदलाव का संकेत है।
चुनावी संदर्भ और एनडीए की रणनीति:
बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में भाजपा एनडीए गठबंधन का हिस्सा है, जिसमें जनता दल (यूनाइटेड) (जेडीयू), लोक जनशक्ति पार्टी (एलजेपी) और अन्य शामिल हैं। एनडीए ने सीट बंटवारे के तहत भाजपा को 101 सीटें दी हैं, जबकि जेडीयू ने अपनी दूसरी सूची में 44 उम्मीदवार घोषित किए हैं। भाजपा की रणनीति में नए चेहरों को शामिल करके युवा और सांस्कृतिक मतदाताओं को आकर्षित करना शामिल है। विपक्षी महागठबंधन (आरजेडी, कांग्रेस आदि) भी अपनी सूचियां जारी कर रहा है, जैसे कांग्रेस ने 17 उम्मीदवारों की घोषणा की है। चुनाव में मुख्य मुद्दे विकास, रोजगार, कानून व्यवस्था और जातीय समीकरण रहेंगे। भाजपा का लक्ष्य बिहार में मजबूत प्रदर्शन कर सत्ता बरकरार रखना है, जहां नीतीश कुमार के नेतृत्व वाली सरकार वर्तमान में सत्ता में है।
प्रतिक्रियाएं और भविष्य की संभावनाएं:
उम्मीदवारों की घोषणा पर पार्टी कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने उत्साह व्यक्त किया है। मैथिली ठाकुर और आनंद मिश्रा जैसे नामों से क्षेत्रीय स्तर पर उत्साह बढ़ा है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह सूची भाजपा की विविधता और नए चेहरों पर जोर देती है, जो चुनावी लड़ाई को रोचक बना सकती है। आने वाले दिनों में अन्य पार्टियां भी अपनी सूचियां जारी करेंगी, और चुनाव प्रचार तेज होगा। यह चुनाव बिहार की राजनीति में महत्वपूर्ण मोड़ साबित हो सकता है, जहां जाति, विकास और गठबंधन की भूमिका निर्णायक होगी। पार्टी ने स्पष्ट किया कि सभी उम्मीदवारों का चयन योग्यता और स्थानीय प्रभाव के आधार पर किया गया है।
