by-Ravindra Sikarwar
जम्मू: भारतीय सेना के पश्चिमी कमांड के कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल मनोज कुमार कटियार ने पाकिस्तान को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा है कि पड़ोसी देश अपनी पुरानी रणनीति के तहत फिर से पहलगाम जैसी आतंकी घटना को अंजाम देने की कोशिश कर सकता है। उन्होंने जोर देकर कहा कि पाकिस्तान के पास भारत से सीधी जंग लड़ने की क्षमता नहीं है, लेकिन वह ‘हजार घावों से भारत को कमजोर करने’ की नीति पर चलते हुए ऐसी शरारतें जारी रखेगा। जनरल कटियार ने यह बयान जम्मू में 1965 के भारत-पाक युद्ध की 60वीं वर्षगांठ (डायमंड जुबली) के अवसर पर एक पूर्व सैनिक रैली को संबोधित करते हुए दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि पाकिस्तान ने ऐसा कोई प्रयास किया, तो भारत की ओर से ‘ऑपरेशन सिंदूर 2.0’ जैसी कार्रवाई और भी घातक होगी, जो पहले से ज्यादा शक्तिशाली और प्रभावी साबित होगी।
कार्यक्रम का विवरण और ऐतिहासिक संदर्भ:
यह कार्यक्रम भारतीय सेना की टाइगर डिवीजन द्वारा आयोजित किया गया था, जिसमें 1965 के युद्ध में शहीद हुए सैनिकों की बहादुरी को याद किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत बलिदान स्तंभ पर 50 फुट ऊंचे राष्ट्रीय ध्वज के फहराने से हुई, जहां लेफ्टिनेंट जनरल कटियार ने शहीदों को पुष्पांजलि अर्पित की। उन्होंने स्कूली बच्चों, एनसीसी कैडेट्स, स्काउट्स और गाइड्स से बातचीत की और उन्हें देशभक्ति तथा अनुशासन के मूल्यों को अपनाने के लिए प्रेरित किया। सतवारी ग्राउंड पर आयोजित मेगा पूर्व सैनिक रैली में 3,000 से अधिक पूर्व सैनिकों, वीर नारियों (युद्ध विधवाओं) और वीर माताओं (शहीदों की माताओं) ने हिस्सा लिया। इस रैली का थीम ‘शौर्य, समर्पण और समाधान’ रखा गया था, और इसमें जम्मू-कश्मीर के लेफ्टिनेंट गवर्नर मनोज सिन्हा भी शामिल हुए। रैली का उद्देश्य 1965 के युद्ध के नायकों को सम्मानित करना और सेना के पूर्व सदस्यों की भलाई सुनिश्चित करने की प्रतिबद्धता दोहराना था।
जनरल कटियार ने 1965 के युद्ध का जिक्र करते हुए कहा कि पाकिस्तान की हार का मुख्य कारण जम्मू-कश्मीर की जनता की देशभक्ति को कम आंकना था। उन्होंने बताया, “पाकिस्तान का उद्देश्य जम्मू-कश्मीर पर कब्जा करना था। उन्होंने लगभग 10,000 रजाकारों को प्रशिक्षित करके घुसपैठ कराई, लेकिन जम्मू-कश्मीर के लोगों की देशभक्ति को गलत आंका। जनता की मदद से भारतीय सेना ने उन्हें खदेड़ दिया।” इस ऐतिहासिक पृष्ठभूमि ने पाकिस्तान की वर्तमान हरकतों पर सवाल उठाए और सतर्कता की आवश्यकता पर बल दिया।
पहलगाम आतंकी हमले का संदर्भ:
पहलगाम हमला जम्मू-कश्मीर के अनंतनाग जिले में हाल ही में हुआ एक आतंकी घटना थी, जिसमें निर्दोष नागरिकों की जान गई। जनरल कटियार ने इसे पाकिस्तान की ‘नीच हरकत’ करार दिया और कहा कि “पाकिस्तान ने पहलगाम में आतंकी हमले के जरिए फिर से एक नीच हरकत की कोशिश की, लेकिन भारतीय सेना ने मजबूती से जवाब दिया।” इस हमले में आतंकवादियों ने निर्दोष लोगों को निशाना बनाया था, और यह पाकिस्तान समर्थित आतंकवाद का एक उदाहरण था। जनरल ने जोर दिया कि सेना ने इस घटना पर त्वरित और प्रभावी प्रतिक्रिया दी, जिसमें पाकिस्तान को भारी नुकसान पहुंचाया गया।
ऑपरेशन सिंदूर और पाकिस्तान को चेतावनी:
पहलगाम हमले के जवाब में भारत ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ चलाया, जो एक सफल सैन्य अभियान था। जनरल कटियार ने इसे सराहते हुए कहा, “ऑपरेशन सिंदूर में हमने पाकिस्तान के पोस्टों और एयर बेसों को नष्ट किया। इस अभियान की सफलता में जनता, पूर्व सैनिकों, राज्य और नागरिक प्रशासन तथा सभी का पूरा समर्थन मिला।” उन्होंने सशस्त्र बलों की प्रशंसा की और कहा कि यह पाकिस्तान को ‘उचित जवाब’ था।
पाकिस्तान की मंशा पर सवाल उठाते हुए जनरल ने चेतावनी दी कि पाकिस्तान अपनी सोच में बदलाव नहीं लाएगा और फिर से पहलगाम जैसा हमला करने की कोशिश कर सकता है। उनके प्रमुख उद्धरण इस प्रकार हैं:
- “पाकिस्तान के पास हमारे साथ युद्ध लड़ने की क्षमता नहीं है। वे युद्ध नहीं लड़ना चाहते। वे ‘हजार घावों से भारत को कमजोर करने’ की नीति के तहत ऐसी शरारतें करते हैं।”
- “जब तक पाकिस्तान की सोच में बदलाव नहीं आता, वे ऐसी हरकतें जारी रखेंगे।”
- “हम मानते हैं कि पाकिस्तान की नीयत नहीं बदलेगी। वे फिर से हम पर हमला करने की कोशिश करेंगे। उनमें सीधे मुकाबले की हिम्मत नहीं है, इसलिए वे पहलगाम जैसा आतंकी हमला दोहरा सकते हैं। हमें सतर्क रहना जरूरी है। भारतीय सेना पाकिस्तान की किसी भी नीच हरकत को नाकाम करने के लिए तैयार है।”
- ऑपरेशन सिंदूर 2.0 पर: “इस बार जो कार्रवाई हम करेंगे, वह पहले से ज्यादा घातक होगी। यह अधिक शक्तिशाली होगी। हां, आप बिल्कुल सही कह रहे हैं – ऑपरेशन सिंदूर 2.0 को ज्यादा घातक होना ही चाहिए। इसमें कोई संदेह नहीं है।”
जनरल ने एक सवाल के जवाब में पुष्टि की कि यदि पाकिस्तान ने दोबारा ऐसी कोशिश की, तो भारत की प्रतिक्रिया पहले से कहीं ज्यादा तीव्र होगी। उन्होंने सेना की पूर्ण तैयारी पर विश्वास जताया।
प्रतिक्रियाएं और व्यापक प्रभाव:
इस बयान ने सुरक्षा विशेषज्ञों और राजनीतिक हलकों में चर्चा छेड़ दी है। कई विशेषज्ञों का मानना है कि यह चेतावनी जम्मू-कश्मीर में बढ़ते आतंकी खतरों के मद्देनजर महत्वपूर्ण है, जहां पाकिस्तान समर्थित समूह सक्रिय हैं। पूर्व सैनिकों ने जनरल के बयान का स्वागत किया और कहा कि सेना की सतर्कता ही देश की सुरक्षा की गारंटी है। लेफ्टिनेंट गवर्नर मनोज सिन्हा ने रैली में सेना की भूमिका की सराहना की और पूर्व सैनिकों के कल्याण के लिए प्रतिबद्धता दोहरी।
यह घटना 1965 के युद्ध के बाद से भारत-पाकिस्तान संबंधों में जारी तनाव को रेखांकित करती है। जनरल कटियार ने जोर दिया कि 1965 की जीत के बाद राष्ट्र की जनता का विश्वास सेना पर बरकरार है, और पाकिस्तान की हरकतें इसे कमजोर नहीं कर सकतीं। उन्होंने कहा, “1965 के युद्ध में पाकिस्तान को हराने के बाद हमने राष्ट्र की जनता का विश्वास जीता, और वह विश्वास आज भी कायम है।”
आगे की तैयारी और संदेश:
जनरल कटियार ने सेना की तैयारी पर जोर देते हुए कहा कि भारतीय फौज किसी भी खतरे से निपटने के लिए पूरी तरह सक्षम है। यह चेतावनी पाकिस्तान को स्पष्ट संदेश है कि भारत किसी भी आक्रामकता का मुंहतोड़ जवाब देगा। रैली ने न केवल ऐतिहासिक बहादुरी को याद किया बल्कि वर्तमान चुनौतियों के प्रति सतर्क रहने का आह्वान भी किया। यह कार्यक्रम देशभक्ति की भावना को मजबूत करने वाला साबित हुआ, जहां युवाओं को सेना में शामिल होने के लिए प्रोत्साहित किया गया।
यह बयान भारत की राष्ट्रीय सुरक्षा नीति को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जो सीमा पर शांति बनाए रखने के साथ-साथ आंतरिक एकता पर बल देता है। सेना ने पूर्व सैनिकों के लिए कल्याण योजनाओं की भी चर्चा की, ताकि मेरा मतलब है योगदान को सम्मानित किया जा सके।
