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by-Ravindra Sikarwar

भारत सरकार की ‘आत्मनिर्भर भारत’ पहल को नई गति देने के लिए केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण, रेलवे तथा इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने शनिवार को मैपमाईइंडिया कंपनी द्वारा विकसित ‘मैपल्स’ नामक स्वदेशी नेविगेशन ऐप का परीक्षण किया। यह ऐप पूरी तरह से भारत में डिजाइन और विकसित किया गया है, जो गूगल मैप्स जैसे विदेशी ऐप्स का मजबूत विकल्प बनकर उभरा है। वैष्णव ने अपनी कार में ऐप के विभिन्न फीचर्स का जायजा लिया और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व ट्विटर) पर एक वीडियो साझा करते हुए इसे ‘स्वदेशी मैपल्स’ करार दिया। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे इस ऐप को आजमाएं, क्योंकि यह भारतीय डिजिटल नवाचार की क्षमता को दर्शाता है। यह कदम सरकार के ‘हर घर स्वदेशी’ अभियान का हिस्सा है, जिसमें जोहो मेल और आरटाई जैसे अन्य स्वदेशी ऐप्स को भी हाल ही में प्रोत्साहन दिया गया है।

स्वदेशी तकनीक को बढ़ावा: आत्मनिर्भर भारत का नया अध्याय
भारत सरकार पिछले कुछ वर्षों से डिजिटल क्षेत्र में विदेशी निर्भरता कम करने पर जोर दे रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘आत्मनिर्भर भारत’ दृष्टिकोण के तहत, स्वदेशी तकनीक को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न मंत्रालय सक्रिय हैं। वैष्णव का यह समर्थन उसी कड़ी का हिस्सा है। उन्होंने कहा कि मैपल्स जैसी नवाचार भारतीय अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। हाल ही में, अक्टूबर की शुरुआत में वैष्णव ने ही जोहो शो—एक स्वदेशी क्लाउड-आधारित प्रेजेंटेशन सॉफ्टवेयर—का उपयोग करते हुए प्रेस कॉन्फ्रेंस की थी। इसी तरह, जोहो कॉर्पोरेशन का आरटाई ऐप (व्हाट्सएप का भारतीय विकल्प) और जोहो मेल को ‘हर घर स्वदेशी’ अभियान में शामिल किया गया है।

मैपमाईइंडिया, जो सीई इंफो सिस्टम्स की सहायक कंपनी है, पिछले 30 वर्षों से भारत के हर कोने—हाईवे से लेकर ग्रामीण सड़कों तक—को मैपिंग कर रही है। कंपनी ने दावा किया है कि मैपल्स अब वैश्विक मानकों पर खरा उतर रहा है। वैष्णव के समर्थन के बाद ऐप की लोकप्रियता में उछाल आया है। एप्पल ऐप स्टोर पर यह नेविगेशन श्रेणी में नंबर 2 पर पहुंच गया है (गूगल मैप्स के ठीक पीछे), जबकि गूगल प्ले स्टोर पर इसके 1 करोड़ से अधिक डाउनलोड हो चुके हैं। पिछले दो सप्ताह में दैनिक डाउनलोड में 10 गुना वृद्धि दर्ज की गई है।

मैपल्स ऐप के प्रमुख फीचर्स: भारतीय सड़कों के लिए खास डिजाइन
मैपल्स को विशेष रूप से भारतीय परिस्थितियों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है, जहां सड़कें जटिल होती हैं—ओवरब्रिज, अंडरपास, स्पीड ब्रेकर और ट्रैफिक सिग्नल्स की भरमार। वैष्णव ने वीडियो में ऐप के कुछ उन्नत फीचर्स दिखाए, जिनमें शामिल हैं:

  • 3डी जंक्शन व्यू: यह फीचर फ्लाईओवर, अंडरपास और राउंडअबाउट्स का तीन-आयामी पूर्वावलोकन प्रदान करता है। इससे ड्राइवरों को जटिल चौराहों पर भ्रमित होने से बचाया जा सकता है। वैष्णव ने कहा, “अगर हम किसी बहुमंजिला इमारत में पहुंचें, तो मैपल्स हमें विशिष्ट दुकान या फ्लोर तक ले जा सकता है।”
  • डोरस्टेप नेविगेशन: ऐप अब मैपल्स पिन्स और डिजिपिन (डिजिटल इंडियन जियोस्पेशल पिन) के जरिए न केवल इमारत बल्कि उसके अंदरूनी हिस्सों—जैसे फ्लोर या फ्लैट—तक सटीक मार्गदर्शन देता है। यह सुविधा शहरी क्षेत्रों में विशेष रूप से उपयोगी है।
  • रियल-टाइम ड्राइविंग अलर्ट्स: ऐप उपयोगकर्ताओं को स्पीड लिमिट, दुर्घटना-प्रवण इलाके, तेज मोड़, स्पीड ब्रेकर, ट्रैफिक सिग्नल्स और सीसीटीवी कैमरों की लोकेशन के बारे में तत्काल चेतावनी देता है। इससे सुरक्षित ड्राइविंग को बढ़ावा मिलता है।
  • ट्रिप कॉस्ट कैलकुलेटर: ईंधन खपत, टोल शुल्क और अन्य खर्चों का अनुमान लगाकर यात्रा की कुल लागत बताता है, जो भारतीय ड्राइवर्स के लिए व्यावहारिक है।
  • अन्य विशेषताएं: ऑफलाइन मैप्स, ट्रैफिक अपडेट्स, इलेक्ट्रिक वाहनों के चार्जिंग स्टेशन लोकेशन और सार्वजनिक परिवहन एकीकरण।

मैपमाईइंडिया के सह-संस्थापक राकेश वर्मा ने बताया कि यह ऐप भारतीय सड़कों की जटिलताओं—जैसे अचानक बदलते ट्रैफिक पैटर्न और ग्रामीण इलाकों की खराब सड़कें—के लिए अनुकूलित है। विदेशी ऐप्स अक्सर इन स्थानीय चुनौतियों को नजरअंदाज कर देते हैं, जिससे दुर्घटनाएं होती हैं। उदाहरण के तौर पर, नवंबर 2024 में उत्तर प्रदेश में एक विदेशी ऐप के गलत निर्देशों से तीन लोगों की मौत हो गई थी। मैपल्स ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए संदर्भ-आधारित बुद्धिमत्ता पर जोर देता है।

रेलवे के साथ एमओयू: सरकारी क्षेत्र में विस्तार
वैष्णव ने एक महत्वपूर्ण घोषणा भी की कि भारतीय रेलवे और मैपमाईइंडिया के बीच जल्द ही एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर होंगे। इस एमओयू के तहत मैपल्स की तकनीक रेलवे सिस्टम में एकीकृत की जाएगी, जैसे ट्रेन नेविगेशन, स्टेशन लोकेशन और यात्री सुविधाओं के लिए। यह कदम रेलवे को डिजिटल रूप से मजबूत बनाएगा और स्वदेशी तकनीक को सरकारी सेवाओं में स्थान देगा। स्रोतों के अनुसार, राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) के फास्टैग सिस्टम के साथ भी मैपल्स का एकीकरण प्रस्तावित है।

मैपमाईइंडिया ने सरकार से यह भी अनुरोध किया है कि प्रोडक्शन-लिंक्ड इंसेंटिव (पीएलआई) योजना के तहत निर्मित स्मार्टफोन्स में मैपल्स को पूर्व-स्थापित (प्री-इंस्टॉल) किया जाए। इससे स्वदेशी ऐप्स को बड़े पैमाने पर अपनाने में मदद मिलेगी। कंपनी के शेयर (सीई इंफो सिस्टम्स) हाल ही में 1,704 रुपये प्रति शेयर पर कारोबार कर रहे थे, जो इस समर्थन से और मजबूत हुए हैं।

स्वदेशी तकनीक का व्यापक प्रभाव: वैश्विक चुनौतियों के बीच भारत का आत्मविश्वास
वैश्विक स्तर पर डिजिटल अस्थिरता और भू-राजनीतिक तनाव के बीच, भारत का स्वदेशी तकनीक आंदोलन एक मिसाल बन रहा है। जोहो से मैपल्स तक, ये नवाचार न केवल वैश्विक दिग्गजों से मुकाबला कर रहे हैं, बल्कि अक्सर उनसे आगे निकल जाते हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यह अभियान डिजिटल संप्रभूति (डिजिटल सोवरेन्टी) को मजबूत करेगा, जहां डेटा और तकनीक पर भारतीय नियंत्रण सुनिश्चित होगा।

वैष्णव ने कहा, “मैपल्स जैसी तकनीकें दिखाती हैं कि भारत अब विश्व-स्तरीय डिजिटल समाधान विकसित करने में सक्षम है।” यह समर्थन न केवल मैपमाईइंडिया को बल देगा, बल्कि सेमीकंडक्टर, फिनटेक और मोबिलिटी जैसे क्षेत्रों में स्वदेशी प्रयासों को प्रेरित करेगा।

स्वदेशी का सफर जारी:
मैपल्स का उदय भारत के डिजिटल परिवर्तन की कहानी का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। यह ऐप न केवल नेविगेशन को आसान बनाता है, बल्कि देश की तकनीकी क्षमता को वैश्विक पटल पर स्थापित करता है। सरकार का यह प्रयास साबित करता है कि ‘स्वदेशी’ केवल नारा नहीं, बल्कि वास्तविक विकास का आधार है। यदि आप भी स्वदेशी तकनीक का हिस्सा बनना चाहते हैं, तो मैपल्स को डाउनलोड करें और अनुभव करें। क्या यह ऐप गूगल मैप्स को पीछे छोड़ देगा? आने वाले समय में इसका जवाब मिलेगा।

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