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by-Ravindra Sikarwar

राजस्थान के झुंझुनू जिले में एक दिल दहला देने वाली घटना ने पूरे इलाके को स्तब्ध कर दिया है। एक बुजुर्ग महिला के साथ हुई क्रूरता की यह वारदात मानवता को शर्मसार करने वाली है। चांदी के पायल के लालच में कुछ बदमाशों ने 70 वर्षीय महिला को भोजन का लालच देकर अपने जाल में फंसाया और फिर उसके दोनों पैर काट दिए। पीड़िता को गंभीर चोटें आई हैं और वह अस्पताल में भर्ती है, जहां उसकी हालत नाजुक बनी हुई है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और तीन संदिग्धों को हिरासत में ले लिया गया है। इस घटना ने न केवल स्थानीय समुदाय को हिलाकर रख दिया है, बल्कि महिलाओं की सुरक्षा और ग्रामीण इलाकों में अपराध की बढ़ती प्रवृत्ति पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। आइए, इस पूरे मामले को विस्तार से जानते हैं।

यह संगीन वारदात 9 अक्टूबर 2025 की रात को झुंझुनू जिले के नवरातन गढ़ गांव में हुई। पीड़िता, 70 वर्षीय सरोज देवी, एक विधवा हैं जो अकेले अपने छोटे से मिट्टी के घर में रहती हैं। परिवार के अन्य सदस्य शहरों में नौकरी के सिलसिले में रहते हैं, जिसके कारण वह अक्सर अकेली ही रह जाती हैं। पुलिस के अनुसार, आरोपी- एक स्थानीय मजदूर रामलाल (45 वर्ष), उसका साथी श्यामलाल (38 वर्ष) और एक अन्य व्यक्ति हरिया (50 वर्ष) – सरोज देवी के घर के आसपास कई दिनों से भटक रहे थे। उन्होंने देखा था कि सरोज देवी के पैरों में पुराने लेकिन चमकदार चांदी के पायल पहने हुए हैं, जो गांव के बाजार में 50,000 रुपये से अधिक कीमत के हो सकते थे।

आरोपियों ने योजना बनाई और सरोज देवी को भोजन का लालच दिया। रामलाल, जो गांव में कभी-कभी मजदूरी करता था, ने सरोज देवी से कहा कि वह और उसके साथी रात के भोजन के लिए कुछ ताजा सब्जियां लाए हैं और बदले में थोड़ी रोटी मांग रहे हैं। भूखी और अकेली सरोज देवी ने दया आ जाने पर उन्हें घर में घुसने की इजाजत दे दी। जैसे ही वे अंदर दाखिल हुए, उन्होंने दरवाजा बंद कर दिया और सरोज देवी पर हमला बोल दिया। पहले तो उन्होंने उसके हाथ-पैर बांध दिए, फिर धारदार हंसिया से उसके दोनों पैरों को काट डाला। पीड़िता की चीखें सुनकर पड़ोसी जागे, लेकिन तब तक आरोपी मौके से फरार हो चुके थे। पायल लूटने के बाद उन्होंने पीड़िता को वहीं लावारिस छोड़ दिया।

स्थानीय निवासी रमेश कुमार ने बताया, “रात के करीब 11 बजे सरोज जी की चीखें सुनाई दीं। हम दौड़े तो घर का दरवाजा खुला था और खून से सना कमरा। पैर कटे हुए थे, लेकिन पायल गायब थे। हमने तुरंत डायल 100 पर कॉल किया।” सरोज देवी को नजदीकी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां से उन्हें सदर अस्पताल रेफर कर दिया गया। डॉक्टरों के मुताबिक, भारी खून बहने से उनकी हालत गंभीर है और गैंग्रीन का खतरा मंडरा रहा है।

झुंझुनू पुलिस ने घटना की सूचना मिलते ही विशेष टीम गठित कर दी। एसपी राजेश कुमार ने बताया कि प्रारंभिक जांच में पता चला कि आरोपी स्थानीय हैं और पहले भी छोटे-मोटे चोरी के मामले दर्ज हैं। तीनों को 10 अक्टूबर को एक खेत में छिपे हुए गिरफ्तार किया गया। उनके पास से खून लगी हंसिया और लूटी गई चांदी के पायल बरामद हो गए। पूछताछ में रामलाल ने कबूल किया कि पायल की चमक देखकर लालच में आ गए और योजना बनाई। “हमने सोचा था कि रात के अंधेरे में कोई नहीं जागेगा, लेकिन चीखें सुनकर भागना पड़ा,” उसने कहा।

पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 103 (हत्या का प्रयास), 332 (मारपीट) और 317 (लूट) के तहत मामला दर्ज किया है। एसपी ने कहा कि फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल से साक्ष्य एकत्र किए हैं और सीसीटीवी फुटेज की भी जांच की जा रही है। आरोपी को 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि क्या इस गिरोह के अन्य सदस्य शामिल थे या यह अकेले इन तीनों का कृत्य था।

यह घटना राजस्थान के ग्रामीण इलाकों में महिलाओं के खिलाफ हो रही हिंसा की बढ़ती संख्या को उजागर करती है। राज्य महिला आयोग की सदस्य मीरा शर्मा ने कहा, “अकेली बुजुर्ग महिलाओं को निशाना बनाना एक खतरनाक ट्रेंड है। लालच और अवसरवादिता के कारण ऐसे अपराध बढ़ रहे हैं। सरकार को ग्रामीण क्षेत्रों में नाइट पैट्रोलिंग और जागरूकता अभियान तेज करने चाहिए।” आंकड़ों के अनुसार, 2025 में राजस्थान में महिलाओं के खिलाफ हिंसा के 15% मामले लूट और शारीरिक हमले से जुड़े हैं, जिनमें 40% पीड़ित 60 वर्ष से अधिक आयु की हैं।

गांव में सरोज देवी के पड़ोसियों ने शोक व्यक्त किया और मांग की कि उन्हें आर्थिक सहायता और सुरक्षा प्रदान की जाए। स्थानीय एनजीओ ‘महिला सुरक्षा मंच’ ने पीड़िता के परिवार को कानूनी और चिकित्सा सहायता देने का वादा किया है। सरोज देवी के बेटे, जो जयपुर में रहते हैं, ने बताया, “मां को हमेशा कहा था कि रात में किसी को घर न आने दें, लेकिन उनकी दयालुता ही उनकी कमजोरी बनी। अब न्याय मिलना चाहिए।”

सबक और सावधानियां: सुरक्षा के लिए क्या करें
यह घटना समाज को सतर्क करती है कि ग्रामीण क्षेत्रों में अकेले रहने वाली महिलाओं को विशेष सुरक्षा की जरूरत है। विशेषज्ञ सलाह देते हैं:

  • जागरूकता: संदिग्ध व्यक्तियों को घर में न घुसने दें, भले ही वे परिचित लगें।
  • सहायता: पड़ोसियों के साथ संपर्क बनाए रखें और इमरजेंसी नंबर हमेशा तैयार रखें।
  • सरकारी योजनाएं: ‘मिशन शक्ति’ जैसी योजनाओं का लाभ लें, जो महिलाओं को सेल्फ-डिफेंस ट्रेनिंग देती हैं।
  • कानूनी कार्रवाई: पीड़ितों को तुरंत एफआईआर दर्ज कराएं और वकील की मदद लें।

सरोज देवी की यह दर्दनाक कहानी न केवल एक परिवार का दुख है, बल्कि पूरे समाज के लिए चेतावनी है। पुलिस और प्रशासन की सतर्कता से ही ऐसी क्रूरताओं को रोका जा सकता है। उम्मीद है कि न्याय जल्द मिलेगा और पीड़िता को उचित इलाज उपलब्ध होगा। राजस्थान सरकार ने मामले को गंभीरता से लेते हुए विशेष जांच टीम का गठन किया है, जिसकी रिपोर्ट एक सप्ताह में आने की संभावना है। यह घटना हमें याद दिलाती है कि समृद्धि के बीच लालच कभी-कभी सबसे बड़ा खतरा बन जाता है।

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