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by-Ravindra Sikarwar

भारतीय वायुसेना (आईएएफ) के 93वें स्थापना दिवस के अवसर पर एक अनोखे डिनर मेनू की तस्वीर सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है। इस मेनू में सभी व्यंजनों के नाम पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (पीओके) के उन शहरों और स्थानों के नाम पर रखे गए हैं, जिन्हें आईएएफ ने हाल ही में ऑपरेशन सिंदूर के तहत निशाना बनाया था। ‘रावलपिंडी चिकन टिक्का मसाला’ से लेकर ‘बालाकोट तिरामिसू’ तक, यह मेनू न केवल पाकिस्तान पर व्यंग्यात्मक प्रहार करता दिखता है, बल्कि वायुसेना की सटीकता और हास्य बोध को भी उजागर करता है। हालांकि, कुछ रिपोर्टों के अनुसार यह मेनू एआई-जनरेटेड हो सकता है और वास्तविक आयोजन में परोसे गए व्यंजनों का प्रतिनिधित्व नहीं करता। फिर भी, यह तस्वीर नेटिजंस के बीच जोश भरने और चर्चा का विषय बनी हुई है।

मेनू का विवरण: पाकिस्तानी शहरों पर आधारित व्यंजन
मेनू की हेडिंग है “93 वर्षों का आईएएफ: अचूक, अभेद्य और सटीक” (93 Years of IAF: Infallible, Impervious and Precise), जो वायुसेना की ताकत को दर्शाती है। आईएएफ के प्रतीक चिन्ह के नीचे मुद्रित यह मेनू मुख्य कोर्स और डेजर्ट दोनों में पाकिस्तानी स्थानों के नामों से सजे व्यंजनों को सूचीबद्ध करता है। ये नाम ऑपरेशन सिंदूर के दौरान आतंकी ठिकानों पर किए गए हमलों का संदर्भ देते हैं। मुख्य कोर्स में शामिल हैं:

  • रावलपिंडी चिकन टिक्का मसाला: पाकिस्तान की राजधानी क्षेत्र के नाम पर, जहां आईएएफ ने सटीक हवाई हमले किए।
  • रफीकी रारा मटन: रफीकी एयरबेस पर आधारित, जो ऑपरेशन का प्रमुख निशाना था।
  • भोलारी पनीर मेथी मलाई: भोलारी शहर के नाम से प्रेरित।
  • सुक्कुर शाम सावेरा कोफ्ता: सुक्कुर क्षेत्र को समर्पित।
  • सरगोधा दाल मखनी: सरगोधा एयरबेस का नाम।
  • जाकोबाबाद मेवा पुलाव: जाकोबाबाद के आतंकी शिविरों पर हमले का प्रतीक।
  • बहावलपुर नान: बहावलपुर शहर से जुड़ा।

डेजर्ट सेक्शन में भी व्यंग्य भरा है:

  • बालाकोट तिरामिसू: 2019 के बालाकोट एयरस्ट्राइक का याद दिलाता, जहां आईएएफ ने जैश-ए-मोहम्मद के ठिकाने को नष्ट किया।
  • मुजफ्फराबाद कुल्फी फालूदा: पीओके के मुजफ्फराबाद का नाम।
  • मुरिदके मीठा पान: मुरिदके के लश्कर-ए-तैयबा कैंप का संकेत।

यह मेनू आईएएफ के एक अनाम स्थान पर आयोजित डिनर के लिए तैयार किया गया था, जो 8 अक्टूबर 2025 को हिंदोन एयरबेस पर हुए मुख्य पैरेड के बाद हुआ।

पृष्ठभूमि: ऑपरेशन सिंदूर का महत्व
यह मेनू ऑपरेशन सिंदूर से जुड़ा है, जो 7 मई 2025 को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए बड़े आतंकी हमले के जवाब में शुरू किया गया था। इस ऑपरेशन में आईएएफ ने पाकिस्तान और पीओके के अंदर गहराई तक फैले नौ प्रमुख आतंकी शिविरों को निशाना बनाया। मिराज-2000 विमानों का उपयोग कर किए गए इन हमलों ने आतंकी बुनियादी ढांचे को भारी नुकसान पहुंचाया। ऑपरेशन का नाम “सिंदूर” भारतीय संस्कृति में शुभता और शक्ति का प्रतीक है।

इसके अलावा, मेनू 2019 के ऑपरेशन बंदर (बालाकोट एयरस्ट्राइक) को भी श्रद्धांजलि देता है, जहां पुलवामा हमले के बाद आईएएफ ने बालाकोट के आतंकी कैंप को ध्वस्त किया था। वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल एपी सिंह ने स्थापना दिवस पर कहा कि ऐसे ऑपरेशन राष्ट्रीय चेतना में आक्रामक हवाई कार्रवाई की सही जगह बहाल करते हैं।

वायरल होने की कहानी और सोशल मीडिया प्रतिक्रियाएं:
यह तस्वीर सबसे पहले रिटायर्ड लेफ्टिनेंट जनरल केजेएस धillon ने एक्स (पूर्व ट्विटर) पर साझा की, जो तुरंत वायरल हो गई। केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने भी इसे शेयर करते हुए लिखा, “वायुसेना दिवस के विशेष अवसर पर आईएएफ द्वारा तैयार रोचक मेनू। ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तानी एयरबेसों पर बमबारी के नाम पर व्यंजन।” भाजपा प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने इसे “आईएएफ का अगले स्तर का ट्रोलिंग” कहा।

नेटिजंस की प्रतिक्रियाएं जोशो-उत्साह से भरी हैं। मेजर (रिटायर्ड) मणिक एम जोली ने लिखा, “यह मेनू दिखाता है कि आईएएफ ने पाकिस्तानी बेसों को एक-एक कौर में निगल लिया और प्लेट से साफ कर दिया।” एक यूजर ने कहा, “आईएएफ का हास्य बोध लंबे समय तक चलने वाला है।” हालांकि, कुछ रिपोर्ट्स में संदेह जताया गया कि यह एआई-जनरेटेड इमेज हो सकती है और वास्तविक डिनर में ऐसे व्यंजन परोसे नहीं गए। फिर भी, यह मेनू वायुसेना की साहसिकता और रचनात्मकता का प्रतीक बन गया है।

स्थापना दिवस का आयोजन: हिंदोन एयरबेस पर भव्य पैरेड
8 अक्टूबर 2025 को आईएएफ का 93वां स्थापना दिवस हिंदोन एयरबेस पर धूमधाम से मनाया गया। पैरेड में राफेल, सुखोई सु-30एमकेआई, मिग-29, सी-17 ग्लोबमास्टर III, सी-130जे हर्क्यूलिस और अपाचे अटैक हेलीकॉप्टर जैसे विमानों ने आकाश में जोश भरा प्रदर्शन किया। स्वदेशी नेत्रा एडब्ल्यूएंडसी और आकाश मिसाइल सिस्टम को भी प्रदर्शित किया गया। इस दौरान, आगरा के ऊपर दो विमान—लॉकहीड मार्टिन सी-130जे और एंटोनोव एएन-32—देखे गए, जिनके कॉल साइन ‘रफीकी’ और ‘शहबाज’ थे, जो ऑपरेशन सिंदूर के संदर्भ को दोहराते हैं।

व्यापक प्रभाव: राष्ट्रीय गौरव और कूटनीतिक संदेश
यह मेनू केवल एक हल्का-फुल्का मजाक नहीं, बल्कि राष्ट्रीय गौरव का प्रतीक है। यह आईएएफ की उन कार्रवाइयों को याद दिलाता है, जो सीमा पार आतंकवाद के खिलाफ भारत की मजबूत नीति को दर्शाती हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे प्रतीकात्मक कदम सैनिकों का मनोबल बढ़ाते हैं और दुश्मन को अप्रत्यक्ष संदेश देते हैं। हालांकि, एआई-जनरेटेड होने की अफवाहों के बावजूद, यह तस्वीर सोशल मीडिया पर लाखों व्यूज बटोर चुकी है।

सटीकता का स्वाद:
‘रावलपिंडी चिकन टिक्का’ जैसे व्यंजनों वाला यह मेनू आईएएफ की सटीकता को न केवल हवाई हमलों में, बल्कि रसोई में भी दिखाता है। चाहे वास्तविक हो या काल्पनिक, यह वायरल तस्वीर भारतीय वायुसेना के साहस और हास्य को सेलिब्रेट करती है। ऑपरेशन सिंदूर और बालाकोट जैसी सफलताओं के बाद, यह मेनू एक बार फिर साबित करता है कि भारत की सेना न केवल मजबूत है, बल्कि बुद्धिमान और रचनात्मक भी। स्थापना दिवस की इस खुशी में, नेटिजंस की तरह हम भी कहेंगे: “आईएएफ जिंदाबाद!”

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