by-Ravindra Sikarwar
वाशिंगटन/गाजा: लगभग दो वर्षों से चले आ रहे गाजा संघर्ष में एक महत्वपूर्ण मोड़ आ गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 8 अक्टूबर, 2025 को घोषणा की कि इज़राइल और हमास ने गाजा पट्टी में युद्धविराम के लिए प्रस्तावित योजना के ‘पहले चरण’ पर सहमति जता दी है। यह समझौता बंधकों की तत्काल रिहाई, फिलिस्तीनी कैदियों की अदला-बदली और इज़राइली सेना की आंशिक वापसी पर केंद्रित है। ट्रंप ने इसे “शांति की दिशा में ऐतिहासिक कदम” बताते हुए कहा कि सभी बंधक “बहुत जल्द” रिहा हो जाएंगे। हमास ने भी इस सौदे की पुष्टि की, जिसमें गाजा से इज़राइली सेना की पूर्ण वापसी का वादा शामिल है। यह विकास मध्य पूर्व शांति प्रक्रिया के लिए नई उम्मीद जगाता है, हालांकि विशेषज्ञों का मानना है कि पूर्ण युद्ध समाप्ति अभी दूर है।
समझौते का विस्तृत विवरण:
ट्रंप प्रशासन द्वारा प्रस्तुत इस योजना का पहला चरण छह सप्ताह का होगा, जिसमें तत्काल मानवीय राहत और युद्धविराम के उपाय शामिल हैं। प्रमुख बिंदु इस प्रकार हैं:
- बंधकों की रिहाई: हमास को लगभग 50 बंधकों (जीवित और मृत दोनों) को रिहा करना होगा। इनमें से अधिकांश अमेरिकी, इज़राइली और अन्य देशों के नागरिक हैं, जो 7 अक्टूबर, 2023 को हमास के हमले के बाद अगवा किए गए थे। ट्रंप ने कहा, “यह चरण सभी बंधकों की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित करेगा, और हम इसे प्राथमिकता देंगे।”
- फिलिस्तीनी कैदियों की अदला-बदली: बदले में, इज़राइल लगभग 2,000 फिलिस्तीनी कैदियों को रिहा करेगा। इनमें से अधिकांश लंबी सजाओं काट रहे हैं, और हमास ने इन्हें “न्याय का प्रतीक” बताया है। यह संख्या पिछले समझौतों से कहीं अधिक है, जो विवादास्पद रही है।
- सेना की वापसी और मानवीय सहायता: इज़राइल गाजा के उत्तरी हिस्सों से अपनी सेना को पीछे हटाएगा, जिससे मानवीय सहायता के लिए गलियारे खुलेंगे। संयुक्त राष्ट्र और रेड क्रॉस को तुरंत भोजन, दवाइयां और ईंधन की आपूर्ति की अनुमति मिलेगी। हमास ने पुष्टि की कि यह चरण गाजा से पूर्ण इज़राइली वापसी की दिशा में पहला कदम है।
- युद्धविराम की अवधि: यह चरण 42 दिनों तक चलेगा, जिसमें दोनों पक्षों को गोलीबारी रोकनी होगी। यदि सफल रहा, तो अगले चरणों में स्थायी शांति वार्ता शुरू होगी।
यह समझौता कतर, मिस्र और अमेरिका की मध्यस्थता से संभव हुआ, जो पिछले कई महीनों से चल रही गोपनीय बातचीत का परिणाम है। ट्रंप ने व्हाइट हाउस से जारी बयान में कहा, “हमने इज़राइल और हमास को एक मेज पर ला दिया, और अब शांति की राह प्रशस्त हो रही है।”
संघर्ष की पृष्ठभूमि: दो वर्षों का दर्द:
यह समझौता 7 अक्टूबर, 2023 को हमास के आश्चर्यजनक हमले के बाद शुरू हुए युद्ध का पहला बड़ा विराम है, जिसमें 1,200 से अधिक इज़राइली मारे गए थे और 250 से अधिक लोग बंधक बनाए गए थे। इज़राइल की जवाबी कार्रवाई में गाजा में 40,000 से अधिक फिलिस्तीनी मारे गए, और लाखों विस्थापित हुए। संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट्स के अनुसार, गाजा में भुखमरी और बीमारियों का संकट चरम पर है, जहां 90 प्रतिशत आबादी आश्रयहीन है। पिछले प्रयास, जैसे नवंबर 2023 का अस्थायी युद्धविराम, असफल रहे थे, लेकिन ट्रंप की व्यक्तिगत कूटनीति ने इस बार सफलता दिलाई।
इज़राइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा, “यह चरण हमारे बंधकों की वापसी सुनिश्चित करेगा, लेकिन हमास को पूरी तरह नष्ट करने का लक्ष्य बरकरार है।” वहीं, हमास के एक वरिष्ठ अधिकारी ने अल जजीरा को बताया, “यह सौदा फिलिस्तीनी कैदियों की रिहाई और गाजा की मुक्ति की दिशा में महत्वपूर्ण है।”
वैश्विक और क्षेत्रीय प्रतिक्रियाएं:
समझौते की घोषणा के बाद इज़राइल और फिलिस्तीन में उत्साह की लहर दौड़ गई। तेल अवीव और गाजा शहर में लोग सड़कों पर उतर आए, जहां मिठाइयां बांटी गईं और प्रार्थनाएं हुईं। संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने इसे “मानवीय संकट के अंत की शुरुआत” बताया और पूर्ण युद्ध समाप्ति की अपील की। यूरोपीय संघ और अरब लीग ने भी समर्थन जताया, जबकि ईरान ने इसे “अमेरिकी साजिश” करार दिया।
अमेरिका में, ट्रंप के समर्थकों ने इसे उनकी कूटनीतिक जीत बताया, जबकि विपक्ष ने चेतावनी दी कि यह चरण अस्थायी हो सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि अगले चरणों में गाजा का पुनर्निर्माण और सीमा सुरक्षा जैसे मुद्दे चुनौतीपूर्ण होंगे। एक अमेरिकी थिंक टैंक के अनुसार, पूर्ण शांति के लिए कम से कम तीन चरण और आवश्यक हैं।
आगे की राह: चुनौतियां और उम्मीदें
यह पहला चरण युद्ध की तीव्रता को कम करेगा, लेकिन स्थायी शांति के लिए दोनों पक्षों को विश्वास बनाना होगा। हमास ने कहा कि यदि इज़राइल वादे तोड़ेगा, तो समझौता रद्द हो जाएगा। इधर, इज़राइल ने स्पष्ट किया कि हमास के सैन्य ढांचे को नष्ट करने का अभियान जारी रहेगा। मानवीय संगठनों ने तत्काल सहायता भेजने की तैयारी शुरू कर दी है।
यह समझौता न केवल गाजा के निवासियों के लिए राहत है, बल्कि मध्य पूर्व की अस्थिरता को कम करने का संकेत भी। जैसे-जैसे विवरण स्पष्ट हो रहे हैं, दुनिया की नजरें दूसरे चरण पर टिकी हैं, जहां आर्थिक सहायता और राजनीतिक वार्ता प्रमुख होंगी। उम्मीद है कि यह कदम हिंसा के चक्र को तोड़ देगा और शांति की नींव रखेगा।
