by-Ravindra Sikarwar
पिट्सबर्ग: अमेरिका के पेंसिल्वेनिया राज्य के पिट्सबर्ग शहर के पास रॉबिन्सन टाउनशिप में स्थित पिट्सबर्ग मोटल के भारतीय मूल के मैनेजर राकेश एहागाबन पटेल (51) की शुक्रवार दोपहर एक मेहमान ने करीब से गोली मारकर निर्मम हत्या कर दी। राकेश गुजरात के सूरत जिले के निकट रायम गांव के निवासी थे और वे मोटल की व्यवस्था संभालते हुए कई वर्षों से अमेरिका में बसे हुए थे। घटना के समय वे मोटल के पार्किंग क्षेत्र में हुई हलचल की जांच करने निकले थे, जहां उन्होंने हमलावर से पूछा, “तुम ठीक तो हो, दोस्त?” लेकिन बदले में उन्हें सिर में एक गोली लगी, जो उनकी जान ले गई। यह घटना अमेरिकी मोटलों में भारतीय मूल के लोगों पर हो रही लगातार हिंसा की याद दिलाती है, जो पिछले एक महीने में दूसरी ऐसी वारदात है।
घटना की पूरी समयरेखा:
घटना शुक्रवार दोपहर लगभग 1 बजे (स्थानीय समय) शुरू हुई, जब मोटल में ठहरे एक मेहमान स्टैनली यूजीन वेस्ट (37) ने पार्किंग लॉट में अपनी साथी महिला पर गोली चला दी। पुलिस के अनुसार, वेस्ट इस मोटल में पिछले लगभग दो सप्ताह से एक महिला और एक बच्चे के साथ रुके हुए थे। उस समय महिला अपनी काली सेडान कार में बच्चे के साथ बैठी थी, जो कार के पिछले हिस्से में था। वेस्ट ने अचानक कार के पास पहुंचकर महिला के गले में गोली मार दी। गनीमत रही कि बच्चा बाल-बाल बच गया। घायल महिला ने घाव के बावजूद कार चलाकर मोटल से करीब निकलते हुए पास के डिक केर्निक टायर एंड ऑटो सर्विस सेंटर तक पहुंच गई, जहां पुलिस ने उन्हें पाया। वर्तमान में महिला की हालत गंभीर बनी हुई है और वह अस्पताल में भर्ती है।
इसी बीच, मोटल के अंदर गोली चलने की आवाज सुनकर राकेश पटेल बाहर निकले। वे शांति बनाए रखने और स्थिति संभालने के इरादे से पार्किंग क्षेत्र पहुंचे। मोटल के सीसीटीवी फुटेज के अनुसार, वेस्ट ने राकेश को देखते ही उनसे संपर्क किया। राकेश ने सहानुभूति से पूछा, “तुम्हें कुछ हुआ तो नहीं, भाई?” लेकिन वेस्ट ने बिना किसी चेतावनी के अपनी बंदूक उठाई और राकेश के सिर में करीब से गोली मार दी। राकेश मौके पर ही गिर पड़े और उन्हें बचाया नहीं जा सका। फुटेज में साफ दिखा कि वेस्ट ने राकेश के कुछ ही फीट दूरी पर खड़े होकर यह कृत्य किया, जो एक सोची-समझी हत्या का संकेत देता है।
पुलिस को सूचना मिलते ही रॉबिन्सन टाउनशिप के अधिकारी घटनास्थल पर पहुंचे। जांच के दौरान वेस्ट ने भागने की कोशिश की और एक यू-हॉल ट्रक में सवार होकर फरार होने लगा। लेकिन पुलिस ने उसका पीछा किया, जिसके दौरान वेस्ट और एक डिटेक्टिव दोनों घायल हो गए। वेस्ट को गिरफ्तार कर लिया गया और अब वह अस्पताल में इलाज के बाद हिरासत में है।
आरोपी पर लगे आरोप और जांच की स्थिति:
पिट्सबर्ग पुलिस ने वेस्ट के खिलाफ आपराधिक हत्या (क्रिमिनल होमिसाइड), हत्या का प्रयास (एटेम्प्टेड होमिसाइड) और दूसरों की जान को खतरे में डालने (रेक्लेसली एंडेंजर्स एनदर पर्सन) जैसे गंभीर आरोप दर्ज किए हैं। प्रारंभिक जांच में यह स्पष्ट हुआ कि वेस्ट और महिला के बीच पार्किंग लॉट में कोई विवाद हुआ था, जो हिंसक रूप ले लिया। मोटल के अन्य निवासियों ने बताया कि वेस्ट का व्यवहार पिछले कुछ दिनों से आक्रामक हो रहा था, लेकिन किसी ने इसे गंभीरता से नहीं लिया। पुलिस अब मोटल और आसपास के व्यवसायों के सीसीटीवी फुटेज, गवाहों के बयान और फोरेंसिक सबूतों की जांच कर रही है। प्रारंभिक रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह घटना किसी पूर्व नियोजित साजिश से जुड़ी नहीं लग रही, बल्कि अचानक भड़की हिंसा का नतीजा है।
पीड़ित की पृष्ठभूमि और समुदाय की प्रतिक्रिया:
राकेश पटेल एक शांतिप्रिय और मददगार व्यक्ति के रूप में जाने जाते थे। वे गुजरात के सूरत जिले के रायम गांव से ताल्लुक रखते थे और अमेरिका में मोटल उद्योग में सक्रिय थे। स्थानीय समुदाय के सदस्यों ने उन्हें “शांति का प्रतीक” बताया, जो हमेशा विवादों को सुलझाने की कोशिश करते थे। पिट्सबर्ग पुलिस के सर्जेंट माइकल शॉ ने कहा, “राकेश एक विचारशील इंसान थे, जिन्होंने सिर्फ शांति कायम करने की कोशिश की। उनकी मौत एक दुखद हादसा है।” भारतीय समुदाय में शोक की लहर दौड़ गई है। गुजरात के सूरत में उनके रिश्तेदारों ने बताया कि राकेश का परिवार अब अमेरिका में ही है और वे जल्द ही शव प्राप्त करने की प्रक्रिया शुरू करेंगे। भारतीय दूतावास ने भी परिवार को हर संभव सहायता का आश्वासन दिया है।
अमेरिकी मोटलों में भारतीयों पर बढ़ती हिंसा की चिंता:
यह घटना अमेरिका में भारतीय मूल के मोटल मालिकों और मैनेजरों पर हो रही लगातार हमलों की याद दिलाती है। मात्र एक महीने पहले, 10 सितंबर 2025 को डलास, टेक्सास में एक अन्य भारतीय मूल के मैनेजर चंद्रमौली नागमल्लैया (50) की एक सहकर्मी ने धोने की मशीन को लेकर हुए विवाद में सिर काटकर हत्या कर दी थी। नागमल्लैया भी गुजरात के खोज गांव से थे और उनकी पत्नी व बेटे की आंखों के सामने यह वारदात हुई। विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिका में भारतीय प्रवासियों द्वारा संचालित मोटलों में किरायेदारों से जुड़े विवाद अक्सर हिंसक हो जाते हैं, खासकर हथियारों की आसान उपलब्धता के कारण। भारतीय-अमेरिकी संगठनों ने संघीय सरकार से मोटल सुरक्षा के लिए विशेष दिशानिर्देश जारी करने की मांग की है।
पुलिस ने लोगों से अपील की है कि यदि उनके पास घटना से जुड़ी कोई जानकारी हो, तो वे आगे आएं। यह मामला अमेरिकी समाज में हिंसा की बढ़ती प्रवृत्ति पर सवाल खड़े करता है, जहां एक साधारण मदद का प्रयास भी जानलेवा साबित हो गया। राकेश पटेल की मौत ने न सिर्फ उनके परिवार को शोक में डुबो दिया है, बल्कि पूरे भारतीय समुदाय को सतर्क कर दिया है।
