by-Ravindra Sikarwar
नई दिल्ली: भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को एक ऐतिहासिक क्षण को याद किया, जब उन्होंने 24 वर्ष पहले गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली थी। 7 अक्टूबर 2025 को सरकारी प्रमुख के रूप में अपने 25वें वर्ष में प्रवेश करते हुए, उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर भावुक पोस्ट साझा की, जिसमें पुरानी तस्वीरें शामिल हैं। इस अवसर पर उन्होंने देशवासियों का आभार जताया और अपनी यात्रा को गरीबी उन्मूलन, आर्थिक सुधारों और सामाजिक कल्याण से जोड़ा। यह पोस्ट न केवल उनकी व्यक्तिगत स्मृतियों को उजागर करती है, बल्कि भाजपा के राष्ट्रीय विस्तार और भारत की प्रगति की कहानी भी बयां करती है।
पोस्ट का पूरा विवरण और साझा की गई तस्वीरें:
एक्स पर पोस्ट किए गए थ्रेड में प्रधानमंत्री मोदी ने लिखा, “7 अक्टूबर 2001 को मैंने गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में पहली बार शपथ ली। मेरे देशवासियों के अटूट आशीर्वाद के कारण मैं सरकारी प्रमुख के रूप में सेवा करने का 25वां वर्ष शुरू कर रहा हूं। भारत के लोगों के प्रति मेरी कृतज्ञता। इन सभी वर्षों में, यह हमेशा लोगों के जीवन को बेहतर बनाने और इस महान राष्ट्र की प्रगति में योगदान देने का प्रयास रहा है, जिसने हमें पाला-पोसा है।”
इसके साथ उन्होंने दो पुरानी तस्वीरें साझा कीं। पहली तस्वीर 2001 की शपथ ग्रहण समारोह की है, जिसमें युवा मोदी गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेते नजर आ रहे हैं। यह तस्वीर उस कठिन दौर की याद दिलाती है, जब गुजरात भूकंप और राजनीतिक अस्थिरता से जूझ रहा था। दूसरी तस्वीर 2014 की है, जब वे राष्ट्रपति भवन में प्रधानमंत्री के रूप में शपथ ले रहे थे। यह तस्वीर भाजपा की राष्ट्रीय विजय और मोदी के नेतृत्व में नए युग की शुरुआत का प्रतीक है। पोस्ट में उन्होंने अपनी मां की सलाह को भी याद किया: “जब मैंने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली, तो मां ने कहा- ‘मुझे तुम्हारे काम की ज्यादा समझ नहीं, लेकिन दो बातें याद रखना। पहली, हमेशा गरीबों के लिए काम करना। दूसरी, कभी रिश्वत मत लेना।’ मैंने भी लोगों से कहा था कि जो भी करूंगा, वह सर्वोत्तम इरादे से होगा और अंतिम व्यक्ति तक पहुंचने के दृष्टिकोण से प्रेरित होगा।”
यह पोस्ट तुरंत वायरल हो गई, जिसमें लाखों लाइक्स और शेयर मिले। कई प्रमुख हस्तियों ने इसे रीट्वीट कर अपनी प्रतिक्रियाएं साझा कीं, जैसे कि भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा ने लिखा, “आपके नेतृत्व में भारत ने अभूतपूर्व ऊंचाइयों को छुआ है।”
मोदी की राजनीतिक यात्रा: गुजरात से दिल्ली तक के प्रमुख पड़ाव
प्रधानमंत्री मोदी की सरकारी सेवा की यात्रा 7 अक्टूबर 2001 से शुरू हुई, जब केशुभाई पटेल के स्थान पर वे गुजरात के मुख्यमंत्री बने। उस समय राज्य भयानक भूकंप (26 जनवरी 2001), सुपर साइक्लोन, लगातार सूखे और राजनीतिक संकट से गुजर रहा था। मोदी ने न केवल राज्य को पटरी पर लाने का काम किया, बल्कि गुजरात को आर्थिक शक्ति केंद्र के रूप में स्थापित किया। वे गुजरात के सबसे लंबे समय तक सेवा करने वाले मुख्यमंत्री बने, जहां उन्होंने ‘वाइब्रेंट गुजरात’ जैसे निवेश सम्मेलनों के माध्यम से औद्योगिक विकास को गति दी।
2014 में राष्ट्रीय राजनीति में प्रवेश करते हुए, मोदी ने भाजपा को 30 वर्षों बाद पूर्ण बहुमत दिलाया। यूपीए सरकार के भ्रष्टाचार, पक्षपात और नीतिगत ठहराव के दौर में, उन्होंने ‘अच्छे दिन आने वाले हैं’ का नारा दिया। 2014 और 2019 के लोकसभा चुनावों में भाजपा की जीत ने गठबंधन राजनीति को समाप्त कर एकछत्र शासन की नींव रखी। 2024 में तीसरी बार प्रधानमंत्री बनने के बाद, उन्होंने एनडीए को मजबूत बहुमत दिलाया। इन वर्षों में भाजपा का विस्तार राज्य स्तर पर भी हुआ, जहां पार्टी ने कई विपक्षी गढ़ों को तोड़ा।
प्रमुख उपलब्धियां: आंकड़ों में भारत की प्रगति
मोदी के नेतृत्व में भारत ने कई ऐतिहासिक उपलब्धियां हासिल की हैं। नीचे दी गई तालिका कुछ प्रमुख मील के पत्थरों को दर्शाती है:
| वर्ष | घटना | प्रमुख उपलब्धि |
| 2001 | गुजरात भूकंप पुनर्निर्माण | राज्य को आपदा से उबारने में 1 लाख से अधिक घरों का निर्माण, आर्थिक पुनरुद्धार। |
| 2014 | जीएसटी लॉन्च | एक राष्ट्र, एक कर व्यवस्था से टैक्स संरचना सरल, राजस्व में 15% वार्षिक वृद्धि। |
| 2016 | नोटबंदी | काला धन पर प्रहार, डिजिटल भुगतान में 50 गुना उछाल। |
| 2019 | अनुच्छेद 370 हटाना | जम्मू-कश्मीर का पूर्ण एकीकरण, विकास परियोजनाओं में तेजी। |
| 2020 | कोविड वैक्सीनेशन | 200 करोड़ से अधिक डोज, दुनिया का सबसे बड़ा अभियान। |
| 2024 | राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा | अयोध्या में भव्य मंदिर का उद्घाटन, सांस्कृतिक एकता का प्रतीक। |
इनके अलावा, गरीबी रेखा से 25 करोड़ लोगों को ऊपर उठाने, ‘मेक इन इंडिया’ से विनिर्माण क्षेत्र में 7% जीडीपी योगदान, और ‘डिजिटल इंडिया’ से 1.2 अरब आधार कार्ड जारी करने जैसी योजनाओं ने भारत को वैश्विक पटल पर मजबूत किया। मोदी ने पोस्ट में कहा, “राष्ट्र सेवा सबसे बड़ा सम्मान है।”
राजनीतिक और सामाजिक प्रभाव:
यह अवसर भाजपा के लिए भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि मोदी के नेतृत्व में पार्टी ने गुजरात से दिल्ली तक का सफर तय किया। 2001 में गुजरात में अस्थिरता के बीच बने मोदी ने 2014 में राष्ट्रीय स्तर पर भ्रष्टाचार-विरोधी लहर पैदा की। विशेषज्ञों का मानना है कि उनकी लोकप्रियता ने विपक्ष को कमजोर किया और सुधारों को गति दी। विपक्षी दलों ने इसे ‘प्रचार’ बताकर आलोचना की, लेकिन समर्थकों ने इसे ‘प्रेरणादायक’ कहा।
मोदी की यह पोस्ट न केवल व्यक्तिगत स्मृति है, बल्कि आने वाले वर्षों के लिए प्रतिबद्धता का संकेत भी। उन्होंने कहा, “मेरा निरंतर प्रयास लोगों के जीवन सुधारने और राष्ट्र की प्रगति में योगदान देने का रहा है।” यह क्षण भारतीय राजनीति के एक युग का प्रतीक बन गया है, जहां एक साधारण कार्यकर्ता से वैश्विक नेता बने मोदी की कहानी प्रेरणा स्रोत है।
