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by-Ravindra Sikarwar

शिकारपुर: पाकिस्तान के सिंध प्रांत के शिकारपुर जिले में मंगलवार सुबह जफर एक्सप्रेस ट्रेन के पटरी पर एक जोरदार विस्फोट के बाद चार बोगियां पटरी से उतर गईं, जिसमें सात यात्रियों को चोटें आईं। यह घटना पेशावर से क्वेटा जा रही जफर एक्सप्रेस को निशाना बनाकर की गई, जो बालोचिस्तान प्रांत के संवेदनशील इलाकों से होकर गुजरती है। विस्फोट स्थानीय समयानुसार सुबह करीब 8:15 बजे हमायूं कस्बे के निकट सोमारवाह रेलवे स्टेशन के पास हुआ, जहां रेल पटरी को नुकसान पहुंचा। कोई मौत तो नहीं हुई, लेकिन घायलों को तुरंत नजदीकी अस्पताल पहुंचाया गया। पाकिस्तान रेलवे के अधिकारियों ने इसे सुनियोजित तोड़फोड़ करार दिया है, जबकि रेल मंत्री हनीफ अब्बासी ने इसे भारत प्रायोजित आतंकवाद बताते हुए कड़ी निंदा की। यह 2025 में जफर एक्सप्रेस पर सातवीं ऐसी घटना है, जो पाकिस्तान की रेल सुरक्षा की कमजोरियों को उजागर कर रही है।

घटना का पूरा विवरण और समयरेखा:
जफर एक्सप्रेस, जो क्वेटा और पेशावर के बीच 1,600 किलोमीटर लंबी दूरी तय करती है, बालोचिस्तान के पहाड़ी इलाकों से गुजरती हुई रणनीतिक महत्व रखती है। मंगलवार को जब ट्रेन शिकारपुर जिले के सोमारवाह क्षेत्र से गुजर रही थी, तो अचानक एक शक्तिशाली विस्फोट हुआ। प्रारंभिक जांच में यह एक इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (आईईडी) का हमला माना जा रहा है, जो रेल पटरी के नीचे छिपाया गया था। विस्फोट की तीव्रता इतनी थी कि चार बोगियां (कुछ रिपोर्टों में पांच का उल्लेख) पटरी से उतर गईं, लेकिन चालक दल की तत्परता से ट्रेन रुक गई और बड़ा हादसा टल गया।

घटना के तुरंत बाद, रेलवे पुलिस और स्थानीय प्रशासन ने मौके पर पहुंचकर बचाव कार्य शुरू किया। घायल यात्रियों को शिकारपुर सिविल अस्पताल ले जाया गया, जबकि चार गंभीर रूप से घायलों को सैन्य अस्पताल में स्थानांतरित कर दिया गया। सभी घायलों की हालत स्थिर बताई जा रही है। यात्रियों को वैकल्पिक साधनों से उनके गंतव्य तक पहुंचाने की व्यवस्था की गई, और क्षतिग्रस्त पटरी की मरम्मत का काम तेजी से चल रहा है। सिंध के मुख्यमंत्री मुराद अली शाह ने घटना की कड़ी निंदा की और लरकाना आयुक्त को घायलों के इलाज की व्यवस्था करने तथा पुलिस प्रमुख से जांच रिपोर्ट मांगने के निर्देश दिए। रेलवे पुलिस के एक अधिकारी ने कहा, “ट्रेन के चालक और गार्डों ने साहस दिखाया, जिससे यात्रियों को और नुकसान नहीं हुआ।”

घायलों में शामिल हैं: रेलवे अधिकारी अब्दुल अजीज के बेटे मुहम्मद शफीक, मुहम्मद यूनुस, हवलदार जावेद, कांस्टेबल अब्दुल रहमान, कांस्टेबल अजहर जमील और दो अज्ञात यात्री। स्थानीय विधायक इम्तियाज शेख और डिप्टी कमिश्नर शकील अहमद अब्रो ने अस्पताल जाकर घायलों का हाल जाना।

जिम्मेदारी का दावा और राजनीतिक प्रतिक्रिया:
हालांकि किसी संगठन ने अभी तक जिम्मेदारी नहीं ली है, लेकिन सुरक्षा एजेंसियां बालोच विद्रोही गुटों को मुख्य संदिग्ध मान रही हैं। बालोचिस्तान में सक्रिय बालोच रिपब्लिकन गार्ड्स और बालोच लिबरेशन आर्मी (बीएलए) जैसे समूह अक्सर रेलवे और सुरक्षा बलों को निशाना बनाते हैं, जो क्षेत्र में स्वायत्तता की मांग को लेकर सक्रिय हैं। रेल मंत्री हनीफ अब्बासी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, “ये कायराना हमले भारत के प्रॉक्सी आतंकवादियों द्वारा किए जा रहे हैं। भारत ऑपरेशन बुनयान अल मरसूस में अपनी हार स्वीकार नहीं कर पा रहा और मई युद्ध के घाव अभी भी ताजा हैं।” उन्होंने पाकिस्तानी राष्ट्र और सशस्त्र बलों को सलाम किया तथा ट्रेन संचालन जारी रखने का फैसला लिया। अब्बासी ने चालक दल और यात्रियों की बहादुरी की सराहना की, जो “आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में प्रेरणा स्रोत” हैं।

2025 में जफर एक्सप्रेस पर आठवां हमला: घटनाओं की पूरी कालक्रम
यह ट्रेन इस साल बालोचिस्तान और सिंध के संवेदनशील इलाकों में आठ बार निशाना बनी है, जो पाकिस्तान की आंतरिक सुरक्षा चुनौतियों को दर्शाती है। यहां घटनाओं का संक्षिप्त विवरण है:

तारीख         स्थान                         विवरण                                     हताहत                 जिम्मेदारी का दावा      
11 मार्च 2025बोलन, बालोचिस्तान           ट्रेन का अपहरण, 21 यात्री और 4 सुरक्षाकर्मी मारे गए; सुरक्षा बलों ने 33 आतंकवादियों को मार गिराया।25 मृत, 354 बंधक मुक्तबालोच विद्रोही          
जून 2025     जैकोबाबाद, सिंध              रिमोट-नियंत्रित विस्फोट से चार बोगियां उतरीं।कोई हताहत नहीं       कोई दावा नहीं           
28 जुलाई 2025सुक्कुर, सिंध                 पटरी से उतराव, प्रारंभ में हमला संदेह लेकिन तकनीकी खराबी साबित।कोई हताहत नहीं       कोई (तकनीकी खराबी)
4 अगस्त 2025 कोलपुर, बालोचिस्तान         पायलट इंजन पर गोलीबारी।कोई हताहत नहीं       बीएलए                    
7 अगस्त 2025 सीबी रेलवे स्टेशन, बालोचिस्तानबम विस्फोट, ट्रेन के गुजरने के तुरंत बाद।  कोई हताहत नहीं       कोई दावा नहीं           
10 अगस्त 2025मस्तुंग, बालोचिस्तान        आईईडी से छह बोगियां उतरीं।               चार घायल              कोई दावा नहीं           
सितंबर 2025  दश्त क्षेत्र, मस्तुंग        विस्फोट से एक कोच नष्ट, छह बोगियां उतरीं।12 घायल               बालोच विद्रोही          
7 अक्टूबर 2025सोमारवाह, शिकारपुर          विस्फोट से चार बोगियां उतरीं।             सात घायल              कोई दावा नहीं (संदेह बालोच)

ये हमले रेल नेटवर्क को बाधित करने और आर्थिक हानि पहुंचाने का प्रयास हैं, जो बालोचिस्तान में चल रहे विद्रोह से जुड़े हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि रेलवे सुरक्षा को मजबूत करने के लिए अतिरिक्त निगरानी और खुफिया तंत्र की जरूरत है।

जांच और भविष्य की चुनौतियां:
पुलिस और अर्धसैनिक बलों ने घटनास्थल को घेर लिया है और विस्फोट के अवशेषों की फोरेंसिक जांच शुरू कर दी है। सिंध पुलिस प्रमुख से जांच रिपोर्ट मांगी गई है, जबकि रेलवे ने ट्रेन सेवाओं को सामान्य बनाए रखने का आश्वासन दिया। यह घटना न केवल यात्रियों की सुरक्षा पर सवाल खड़ी करती है, बल्कि पाकिस्तान की आंतरिक स्थिरता को भी चुनौती दे रही है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर, भारत ने पाकिस्तान के आरोपों को खारिज करते हुए इसे आंतरिक आतंकवाद बताया है।

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