by-Ravindra Sikarwar
मध्य प्रदेश: मध्य प्रदेश के सिवनी जिले में एक आम घर में असामान्य घटना ने पूरे परिवार को दहशत में डाल दिया। बींझावाड़ा रोड पर स्थित एक आवास में रहने वाले लोगों को ड्रेसिंग टेबल के पीछे कुछ सांप जैसा दिखाई दिया, जिसे बाहर निकालने पर पता चला कि यह चार फुट लंबा जहरीला कोबरा था। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया है, जिसमें सर्प बचावकर्ता द्वारा सांप को सुरक्षित पकड़ते हुए दिखाया गया है। यह घटना न केवल परिवार के लिए चेतावनी का संकेत है, बल्कि मानसून के मौसम में सांपों के घरों में घुसने की बढ़ती प्रवृत्ति को भी रेखांकित करती है।
यह घटना हाल ही में सिवनी शहर के बींझावाड़ा रोड पर एक साधारण घर में घटी। परिवार के सदस्य सुबह के समय अपने दैनिक कार्यों में व्यस्त थे जब एक महिला को ड्रेसिंग टेबल के मेकअप मिरर के पीछे कुछ हिलता-डुलता हुआ दिखा। शुरू में उन्होंने सोचा कि शायद कोई पुरानी वस्तु या कीड़ा हो, लेकिन करीब से देखने पर साफ हो गया कि यह एक जीवित सरीसृप है। ड्रेसिंग टेबल को थोड़ा हिलाने पर सांप जैसी आकृति नजर आई, जिससे पूरे घर में अफरा-तफरी मच गई। परिवार के लोग तुरंत कमरे से बाहर भागे और दरवाजा बंद कर लिया।
घर की मालकिन ने बताया कि वे रोजाना उसी टेबल के सामने मेकअप करती हैं, और सोचकर ही रोंगटे खड़े हो जाते हैं कि कब से यह सांप वहाँ छिपा बैठा था। परिवार ने तुरंत स्थानीय सर्प मित्र प्रवीण तिवारी को फोन किया, जो सिवनी क्षेत्र में सांप बचाव के लिए प्रसिद्ध हैं। तिवारी ने घटना स्थल पर पहुँचते ही सावधानीपूर्वक ऑपरेशन शुरू किया। वीडियो फुटेज में देखा जा सकता है कि वे टेबल को धीरे-धीरे हटाते हैं और एक लंबे स्टिक की मदद से सांप को बाहर निकालने का प्रयास करते हैं। कोबरा ने अपनी विशिष्ट मुद्रा में सिर उठाया, लेकिन तिवारी के अनुभव ने किसी भी खतरे को टाल दिया। लगभग १२-१५ मिनट की मशक्कत के बाद चार फुट लंबा यह कोबरा सुरक्षित रूप से पकड़ लिया गया।
प्रवीण तिवारी, जो पिछले कई वर्षों से सिवनी और आसपास के इलाकों में सांप बचाव कार्य कर रहे हैं, ने बताया कि कोबरा पूरी तरह स्वस्थ था और मानसून की बारिश के कारण जंगल से भटककर घर में घुस आया था। “सांपों का यह मौसम है जब वे आश्रय की तलाश में घरों की दरारों या फर्नीचर के पीछे छिप जाते हैं। खुशी की बात है कि परिवार ने घबराहट में कोई गलत कदम नहीं उठाया, वरना हालात और बिगड़ सकते थे,” तिवारी ने कहा। उन्होंने सांप को एक सुरक्षित बैग में रखा और बाद में जंगल के घने इलाके में छोड़ दिया, ताकि यह अपनी प्राकृतिक आदत में वापस लौट सके।
वीडियो में कोबरा की लंबाई स्पष्ट रूप से दिखाई देती है – लगभग चार फुट – और इसकी चमकदार त्वचा तथा काले रंग की धारियाँ इसे खतरनाक बनाती हैं। सौभाग्य से, सांप ने हमला नहीं किया, लेकिन विशेषज्ञों का कहना है कि कोबरा भारत के सबसे घातक सांपों में से एक है, जिसका जहर तंत्रिका तंत्र को प्रभावित करता है।
इस घटना का वीडियो स्थानीय न्यूज चैनल ‘वेबसूचना’ द्वारा शेयर किया गया, जो कुछ ही घंटों में हजारों व्यूज हासिल कर चुका। वीडियो में बचाव प्रक्रिया को स्टेप-बाय-स्टेप दिखाया गया है, जिसमें परिवार के सदस्यों की घबराहट और तिवारी की शांति भरी कार्यशैली का कंट्रास्ट साफ झलकता है। सोशल मीडिया यूजर्स ने इसे शेयर करते हुए चेतावनी दी कि “घरों को साफ-सुथरा रखें और दरारें बंद करें।” एक यूजर ने लिखा, “सिवनी में सांपों का आतंक बढ़ रहा है, सरकार को जागरूकता अभियान चलाना चाहिए।” वहीं, कुछ ने तिवारी की तारीफ की, “ये सर्प मित्र ही असली हीरो हैं।”
यह वीडियो न केवल मनोरंजक है, बल्कि शैक्षिक भी, क्योंकि यह दिखाता है कि सांपों को मारने के बजाय बचाने की कितनी महत्वपूर्णता है। पर्यावरण प्रेमी समूहों ने इसे री-पोस्ट करते हुए सांपों को ‘अनुकूल शिकारी’ बताया, जो चूहों जैसे कीटों को नियंत्रित रखते हैं।
मध्य प्रदेश, जो जंगलों और नदियों से घिरा राज्य है, सांपों के लिए आदर्श निवास स्थान है। सिवनी जिले में ही हाल के महीनों में कई ऐसी घटनाएँ रिपोर्ट हुई हैं, जैसे घरों में घुसते विषैले सर्प या खेतों में किसानों पर हमले। राज्य में हर साल सैकड़ों सांप काटने की घटनाएँ दर्ज होती हैं, जिनमें से कई घातक साबित होती हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, मानसून के दौरान नमी और गर्मी सांपों को सक्रिय बनाती है, जिससे वे आश्रय के लिए मानव बस्तियों की ओर रुख करते हैं।
सरकार ने सर्प बचाव हेल्पलाइन नंबर (1098) शुरू किया है, लेकिन ग्रामीण इलाकों में जागरूकता की कमी बनी हुई है। सिवनी के वन विभाग ने भी परिवार को सलाह दी कि घर के आसपास सफाई रखें और सांप दिखने पर पेशेवर मदद लें। यह घटना एक याद दिलाती है कि प्रकृति का संतुलन बनाए रखना हमारी जिम्मेदारी है।
यह घटना सिवनी के एक साधारण घर से शुरू होकर पूरे देश में चर्चा का विषय बन गई, जो बताती है कि सांपों का खतरा कहीं भी हो सकता है। सौभाग्य से, परिवार सुरक्षित रहा और कोबरा को कोई नुकसान नहीं पहुँचा। प्रवीण तिवारी जैसे सर्प मित्रों की मेहनत से ऐसी घटनाएँ सकारात्मक अंत पाती हैं। यदि आप भी ऐसे किसी संदेहास्पद संकेत देखें, तो घबराएँ नहीं – तुरंत विशेषज्ञ को बुलाएँ। यह न केवल जीवन बचाता है, बल्कि जैव विविधता को भी संरक्षित रखता है। वायरल वीडियो एक सबक है: घर हो या जंगल, सावधानी कभी व्यर्थ नहीं जाती।
