by-Ravindra Sikarwar
नई दिल्ली: दिल्ली के आदर्श नगर इलाके में एक भयावह घटना ने पूरे चिकित्सा समुदाय को स्तब्ध कर दिया है। डॉ. बाबा साहेब आंबेडकर मेडिकल कॉलेज, रोहिणी की एक 18 वर्षीय प्रथम वर्ष की एमबीबीएस छात्रा ने अपने एक ‘मित्र’ पर नशीला पदार्थ देकर बलात्कार करने, आपत्तिजनक तस्वीरें और वीडियो बनाने तथा महीनों तक ब्लैकमेल करने का संगीन आरोप लगाया है। आरोपी ने कथित तौर पर इन सामग्रियों को वायरल करने की धमकी देकर पीड़िता को बार-बार अपने साथ घुमाने और उत्पीड़न के लिए मजबूर किया। पुलिस ने शिकायत पर मामला दर्ज कर लिया है, लेकिन आरोपी और उसके दो साथी फरार हैं। यह घटना न केवल लैंगिक हिंसा की गहराई को उजागर करती है, बल्कि छात्रावासों में रहने वाली युवतियों की सुरक्षा पर भी सवाल खड़े करती है।
पीड़िता हरियाणा के जींद जिले की रहने वाली हैं और दिल्ली के रोहिणी स्थित डॉ. बाबा साहेब आंबेडकर मेडिकल कॉलेज के हॉस्टल में रहकर पढ़ाई कर रही हैं। उनके अनुसार, आरोपी ने सोशल मीडिया और कॉलेज के संपर्कों के जरिए दोस्ती का नाता जोड़ा। 9 सितंबर को उसने मीटिंग के बहाने पीड़िता को आदर्श नगर के होटल एप्पल में बुलाया। वहाँ पहुँचते ही आरोपी ने अपने दो साथियों की मदद से पीड़िता को नशीला पदार्थ पिला दिया, जिससे वह बेहोश हो गई।
पीड़िता ने अपनी शिकायत में विस्तार से बताया कि आरोपी ने उन्हें होटल के कमरे में बंधक बना लिया और कई घंटों तक यौन शोषण किया। इस दौरान उसने मोबाइल फोन से आपत्तिजनक फोटो और वीडियो रिकॉर्ड किए। होश आने के बाद आरोपी ने इन सामग्रियों को सोशल मीडिया पर फैलाने की धमकी दी, यदि पीड़िता ने किसी को बताया। इस ब्लैकमेल के दबाव में पीड़िता को अगले कई हफ्तों तक आरोपी के साथ घूमने के लिए मजबूर होना पड़ा, जहाँ दोबारा यौन शोषण और मानसिक उत्पीड़न का शिकार होना पड़ा। “मैं डर के मारे चुप रही, लेकिन अब न्याय चाहती हूँ,” पीड़िता ने पुलिस को बताया।
आरोपी की पहचान 20 वर्षीय अमनप्रीत के रूप में हुई है, जो दिल्ली के हकीकत नगर का निवासी है। रिपोर्ट्स के अनुसार, वह प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहा था और मेडिकल क्षेत्र से जुड़े संपर्कों के जरिए पीड़िता से मिला था। उसके दो साथी भी इस साजिश में शामिल बताए जा रहे हैं, जिनकी पहचान अभी स्पष्ट नहीं हुई है। पुलिस को शक है कि आरोपी ने पहले भी ऐसी घटनाओं को अंजाम दिया हो सकता है, इसलिए उनकी पिछली गतिविधियों की भी जांच की जा रही है। अमनप्रीत और उसके साथी घटना के बाद से फरार हैं और पुलिस टीमें दिल्ली-एनसीआर के विभिन्न इलाकों में छापेमारी कर रही हैं।
घटना का मुख्य बिंदु 9 सितंबर को आदर्श नगर के होटल एप्पल में हुआ। दोस्ती के नाम पर बुलाई गई मीटिंग एक जाल साबित हुई, जहाँ नशीले पदार्थ के बाद यौन हिंसा और रिकॉर्डिंग हुई। इसके बाद ब्लैकमेल का दौर चला, जिसमें पीड़िता को बार-बार आरोपी के इशारों पर नाचना पड़ा। यह उत्पीड़न हफ्तों तक जारी रहा, जिससे पीड़िता की पढ़ाई और मानसिक स्वास्थ्य बुरी तरह प्रभावित हुआ। आखिरकार, 2 अक्टूबर को पीड़िता ने परिवार को पूरी बात बताई। परिवार के समर्थन से 4 अक्टूबर को आदर्श नगर थाने में शिकायत दर्ज कराई गई।
आदर्श नगर पुलिस ने पीड़िता की शिकायत पर तुरंत संज्ञान लिया और भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 64(1) के तहत बलात्कार का मामला दर्ज किया। इस धारा के अनुसार, बलात्कार के दोषी को न्यूनतम 10 वर्ष की सश्रम कारावास की सजा हो सकती है, जो आजीवन कारावास तक बढ़ाई जा सकती है। पुलिस ने पीड़िता का मेडिकल परीक्षण कराया और साक्ष्यों जैसे होटल के सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल रिकॉर्ड और डिजिटल सामग्री की बरामदगी पर जोर दिया है। वर्तमान में आरोपी तिकड़ी फरार है, लेकिन पुलिस का दावा है कि जल्द ही उन्हें गिरफ्तार कर लिया जाएगा। एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, “हम पीड़िता को पूर्ण सुरक्षा देंगे और सख्ती से कार्रवाई करेंगे।”
यह घटना दिल्ली के मेडिकल कॉलेजों में छात्राओं की असुरक्षा को लेकर चिंताएँ बढ़ा रही है। सोशल मीडिया पर #JusticeForMBBSStudent जैसे हैशटैग ट्रेंड कर रहे हैं, जहाँ लोग आरोपी को तत्काल गिरफ्तार करने और कठोर सजा की मांग कर रहे हैं। महिला अधिकार संगठनों ने कॉलेज हॉस्टलों में काउंसलिंग और सुरक्षा उपायों की मांग की है। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसी घटनाएँ अक्सर दोस्ती के जाल में फंसकर होती हैं, इसलिए युवाओं को सतर्क रहने की जरूरत है। हाल ही में दिल्ली में इसी तरह की एक अन्य घटना में एक महिला को पार्टी में नशीला पदार्थ देकर गैंगरेप का शिकार बनाया गया था, जो इस समस्या की गंभीरता को दर्शाती है।
यह मामला न केवल एक पीड़िता की पीड़ा का प्रतीक है, बल्कि समाज में व्याप्त लैंगिक असमानता और डिजिटल ब्लैकमेल के खतरे को भी उजागर करता है। पीड़िता का साहस प्रेरणादायक है, जो अन्य पीड़ितों को आवाज उठाने के लिए प्रोत्साहित कर सकता है। पुलिस की त्वरित कार्रवाई से उम्मीद है कि आरोपी जल्द पकड़े जाएँगे और न्याय मिलेगा। सरकार और शैक्षणिक संस्थानों को ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए सख्त नीतियाँ लागू करनी होंगी, ताकि छात्राएँ सुरक्षित रूप से अपनी पढ़ाई पूरी कर सकें। फिलहाल, पीड़िता परिवार और पुलिस के संरक्षण में है, लेकिन इस जख्म को भरने में समय लगेगा।
