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by-Ravindra Sikarwar

हैदराबाद/डेंटन (टेक्सास): अमेरिका के टेक्सास राज्य के डेंटन शहर में एक दर्दनाक घटना में हैदराबाद के 27 वर्षीय भारतीय छात्र चंद्रशेखर पोल की गोली मारकर हत्या कर दी गई। चंद्रशेखर, जो डेंटल सर्जरी में मास्टर्स कर चुके थे, रात के समय गैस स्टेशन पर पार्ट-टाइम काम कर रहे थे जब एक अज्ञात हमलावर ने उन पर अंधाधुंध फायरिंग की। यह घटना शुक्रवार रात (3 अक्टूबर) को हुई, और परिवार को शनिवार दोपहर में इसकी खबर मिली। परिवार ने केंद्र और राज्य सरकार से शव को भारत लाने में सहायता की गुजारिश की है। यह हादसा अमेरिका में पढ़ने वाले भारतीय छात्रों की सुरक्षा पर एक बार फिर सवाल खड़े कर रहा है।

घटना का पूरा विवरण:
चंद्रशेखर पोल, जो हैदराबाद के एल.बी. नगर इलाके के निवासी थे, चार अप्रैल 1997 को जन्मे थे। उन्होंने हैदराबाद में ही बैचलर ऑफ डेंटल सर्जरी (बीडीएस) की डिग्री हासिल की थी। 2023 में उच्च शिक्षा के लिए वे अमेरिका चले गए थे और एफ-1 वीजा पर टेक्सास में डेंटल सर्जरी में मास्टर्स पूरा किया। डिग्री मिलने के छह महीने बाद वे फुल-टाइम नौकरी की तलाश में थे, लेकिन तब तक गुजारा चलाने के लिए डेंटन के एक गैस स्टेशन पर पार्ट-टाइम शिफ्ट ले रखी थी।

शुक्रवार रात को उनकी शिफ्ट के दौरान अचानक एक अज्ञात व्यक्ति ने स्टोर में घुसकर गोलीबारी शुरू कर दी। चंद्रशेखर को कई गोलियां लगीं, और वे मौके पर ही दम तोड़ दिए। स्थानीय पुलिस ने बताया कि हमलावर ने लूटपाट का इरादा जाहिर किया था, लेकिन ज्यादा सामान ले जाने के बिना भाग निकला। गैस स्टेशन मैनेजर ने चंद्रशेखर का पासपोर्ट देखकर परिवार को सूचना दी। अमेरिकी अधिकारियों ने शव की पहचान पासपोर्ट से की और परिवार को कॉल की। परिवार के एक करीबी शिवकुमार ने बताया, “समाचार सुनते ही पूरा परिवार सदमे में आ गया। हम कुछ ही जानते हैं कि क्या हुआ, लेकिन हमलावर के पीछे के कारणों को जानना चाहते हैं।”

डेंटन पुलिस विभाग ने जांच शुरू कर दी है और सीसीटीवी फुटेज की पड़ताल कर रही है। अभी तक हमलावर की पहचान नहीं हो सकी है, लेकिन पुलिस का मानना है कि यह सशस्त्र डकैती का मामला हो सकता है। टेक्सास में रात के समय गैस स्टेशनों पर ऐसी घटनाएं दुर्लभ नहीं हैं, लेकिन एक विदेशी छात्र की हत्या ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ध्यान खींचा है।

परिवार का दर्द और अपील:
चंद्रशेखर के परिवार में मां सुनीता, भाई दामोदर और बहनें हैं। उनके पिता का निधन चार साल पहले हो चुका था। मां सुनीता ने एएनआई को बताया, “हमने उनके दोस्त के माता-पिता से यह दुखद खबर सुनी। केंद्र और राज्य सरकार से अनुरोध है कि भारतीयों की सुरक्षा सुनिश्चित करें और मेरे बेटे का शव जल्द से जल्द घर लाने में मदद करें।” भाई दामोदर ने कहा, “वह मास्टर्स पूरा कर चुके थे और नौकरी की तलाश में थे। पार्ट-टाइम काम से खुद को संभाल रहे थे। अब मां का क्या हाल होगा, सोचकर ही रूह कांप जाती है।”

परिवार ने विदेश मंत्री एस. जयशंकर से भी अपील की है कि शव को भारत लाने की प्रक्रिया तेज की जाए। एक पारिवारिक मित्र ने कहा, “यदि विदेश मंत्रालय मदद करेगा, तो हम आभारी रहेंगे। हमें हमले के पीछे की वजह भी जाननी है।”

सरकारी और कूटनीतिक प्रतिक्रिया:
भारतीय वाणिज्य दूतावास, ह्यूस्टन ने शोक व्यक्त किया है। एक बयान में कहा गया, “हम चंद्रशेखर पोल की दुखद मौत पर गहरा शोक व्यक्त करते हैं। परिवार से संपर्क में हैं और हर संभव सहायता दे रहे हैं।” तेलंगाना सरकार ने भी सहायता का आश्वासन दिया है। पूर्व मंत्री और बीआरएस विधायक टी. हरीश राव ने परिवार से मुलाकात की और शोक संदेश साझा किया। उन्होंने कहा, “यह घटना बेहद दर्दनाक है। सरकार शव को वापस लाने में हर मदद करेगी।”

केंद्र सरकार ने अमेरिकी अधिकारियों से त्वरित जांच की मांग की है। भारतीय दूतावास वाशिंगटन ने भी मामले की निगरानी शुरू कर दी है।

व्यापक संदर्भ: भारतीय छात्रों की सुरक्षा चिंताएं
यह घटना अमेरिका में भारतीय छात्रों पर बढ़ते हमलों की याद दिलाती है। जनवरी 2025 में कनेक्टिकट में तेलंगाना के एक 26 वर्षीय छात्र की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। अमेरिका में 10 लाख से अधिक भारतीय छात्र पढ़ाई कर रहे हैं, जिनमें से कई पार्ट-टाइम जॉब्स करते हैं। रात की शिफ्ट्स में काम करने वाले छात्रों के लिए खतरा बढ़ जाता है, खासकर डकैती या नस्लीय हिंसा के मामलों में। विशेषज्ञों का कहना है कि भारतीय सरकार को छात्रों के लिए सुरक्षा जागरूकता कार्यक्रम चलाने और दूतावासों को मजबूत करने की जरूरत है।

सोशल मीडिया पर #JusticeForChandrashekar ट्रेंड कर रहा है, जहां लोग छात्रों की सुरक्षा की मांग कर रहे हैं। एक यूजर ने लिखा, “विदेश में पढ़ाई का सपना देखने वाले युवाओं को सुरक्षित रखना सरकार की जिम्मेदारी है।”

निष्कर्ष: एक उज्ज्वल भविष्य का काला अध्याय
चंद्रशेखर पोल जैसे मेहनती छात्र अमेरिका जाकर अपने परिवार का सपना साकार करने की कोशिश करते हैं, लेकिन ऐसी घटनाएं उनके प्रयासों को व्यर्थ कर देती हैं। उनकी मौत न केवल एक परिवार का दुख है, बल्कि पूरे भारतीय समुदाय के लिए चेतावनी है। जांच के नतीजे आने तक परिवार को न्याय और शांति की प्रतीक्षा है। अधिक अपडेट के लिए भारतीय दूतावास या स्थानीय समाचार स्रोतों से संपर्क करें। चंद्रशेखर को श्रद्धांजलि, उनकी आत्मा को शांति मिले।

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