by-Ravindra Sikarwar
ओडिशा के भद्रक जिले में एक दिल दहला देने वाली घटना ने पूरे इलाके में हड़कंप मचा दिया है। यहां एक ट्रक चालक ने राष्ट्रीय राजमार्ग-16 के किनारे स्थित एक दुकान से एक मानसिक रूप से अस्वस्थ महिला का अपहरण कर लिया। यह पूरी वारदात सीसीटीवी कैमरों में कैद हो गई, जो सोशल मीडिया पर वायरल होकर लोगों में आक्रोश फैला रही है। घटना गुरुवार रात की बताई जा रही है, और पुलिस की त्वरित कार्रवाई से महिला को केओनझर जिले से सुरक्षित बरामद कर लिया गया है, जबकि आरोपी चालक को गिरफ्तार कर लिया गया। यह मामला न केवल सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर रहा है, बल्कि मानसिक रूप से कमजोर लोगों की सुरक्षा को लेकर भी चिंता बढ़ा रहा है।
घटना का पूरा विवरण: रात के अंधेरे में खौफनाक अपहरण
भद्रक शहर के चरampa रिजर्व पुलिस लाइन के निकट, एनएच-16 पर एक सड़क किनारे की दुकान के वेरांडा पर यह भयावह घटना घटित हुई। रात के समय चमकीली स्ट्रीट लाइट्स की रोशनी में महिला दुकान के बाहर खड़ी थी। तभी एक ट्रक सड़क पर धीमा हुआ, रिवर्स लिया और दुकान के ठीक सामने रुक गया। चालक तुरंत उतरा और महिला की ओर बढ़ा। महिला को खतरे का आभास हो गया, इसलिए उसने अपनी कुछ सामान उठाकर भागने की कोशिश की। लेकिन चालक ने चकमा देकर दुकान के साइड से अचानक दौड़ लगाई, उसे पकड़ लिया और एक खंभे से सटा दिया। महिला चीखी, लेकिन चालक ने इंतजार किया जब तक सड़क पर गुजर रही गाड़ियों की हेडलाइट्स दूर न हो गईं। फिर उसने महिला को जबरन उठाया और ट्रक में धकेल दिया, फिर गाड़ी भगा ली।
यह पूरी प्रक्रिया इतनी निर्भीक थी कि आसपास वाहन गुजर रहे थे, फिर भी कोई हस्तक्षेप नहीं हुआ। घटना के वीडियो में चालक का चेहरा साफ दिखाई दे रहा है, जो लोगों के गुस्से का कारण बन गया। वायरल क्लिप ने पूरे सोशल मीडिया पर तहलका मचा दिया, जहां लोग इसे ‘खुलेआम अपराध’ बता रहे हैं।
पीड़िता का परिचय: मानसिक अस्थिरता का शिकार
पीड़िता एक मानसिक रूप से विकलांग महिला है, जिसकी मानसिक स्थिति स्थिर नहीं बताई जा रही। उसकी उम्र या पारिवारिक पृष्ठभूमि के बारे में अभी कोई स्पष्ट जानकारी उपलब्ध नहीं है, लेकिन स्थानीय लोगों के अनुसार वह अक्सर इस इलाके में घूमती रहती थी। अपहरण के समय वह अकेली थी, और उसकी कमजोर स्थिति ने अपराधी को मौका दिया। बरामदगी के बाद उसकी सेहत सामान्य बताई जा रही है, लेकिन मनोवैज्ञानिक सहायता की जरूरत हो सकती है। यह घटना समाज में कमजोर वर्गों की सुरक्षा पर बहस छेड़ रही है।
आरोपी की पहचान: ट्रक चालक का काला कारनामा
आरोपी एक ट्रक चालक है, जिसकी उम्र या नाम के बारे में पुलिस ने अभी खुलासा नहीं किया है। वह भद्रक क्षेत्र में माल ढोने का काम करता था। घटना के बाद वह ट्रक लेकर भागा, लेकिन पुलिस की सतर्कता से ज्यादा दूर नहीं जा सका। पूछताछ में उसके इरादों का पता चलेगा, लेकिन प्रारंभिक जांच में यह स्पष्ट है कि अपहरण पूर्व नियोजित था। ट्रक ड्राइवर एसोसिएशन को भी इस मामले में पूछताछ के दायरे में लिया गया है, ताकि कोई सांठगांठ का पता लगाया जा सके।
सीसीटीवी फुटेज: अपराध का जीवंत प्रमाण
घटना दुकान के बाहर लगे सीसीटीवी कैमरों में पूरी तरह रिकॉर्ड हो गई। वीडियो में चमकीली लाइट्स के कारण हर दृश्य साफ है—ट्रक का रिवर्स लेना, चालक का दौड़ना, महिला की चीख और अंत में उसे ट्रक में घसीटना। यह फुटेज पुलिस के लिए महत्वपूर्ण सबूत साबित हुई, जिसके आधार पर तुरंत सर्च ऑपरेशन शुरू हो गया। वायरल होने से जनता का दबाव भी बढ़ा, जिसने पुलिस को तेजी से काम करने के लिए प्रेरित किया।
पुलिस की तत्परता: सर्च से बरामदगी तक
भद्रक पुलिस को वीडियो मिलते ही हाई अलर्ट जारी कर दिया गया। उन्होंने एनएच-16 पर लगे सभी सीसीटीवी फुटेज की जांच शुरू की, साथ ही ट्रांसपोर्ट रिकॉर्ड्स से ट्रक का नंबर ट्रेस किया। एक विशेष टीम गठित की गई, जो आसपास के जिलों में छापेमारी करने लगी। दो दिनों की मेहनत के बाद केओनझर जिले के झुमपुरा क्षेत्र में ट्रक का सुराग मिला। वहां पहुंचकर पुलिस ने महिला को सुरक्षित बरामद कर लिया और चालक को गिरफ्तार कर लिया। मामला दर्ज कर पूछताछ जारी है, जिसमें आरोपी के मंसूबों को उजागर करने पर जोर है।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि बरामदगी के बाद महिला को मेडिकल जांच के लिए भेजा गया है, और उसके परिवार को सूचित कर दिया गया। ट्रक ड्राइवरों के संगठन से भी सहयोग मांगा गया है ताकि ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।
जनता का आक्रोश और सुरक्षा पर सवाल:
इस घटना ने सोशल मीडिया पर भारी प्रतिक्रियाएं खींची हैं, जहां लोग इसे ‘शर्मनाक’ और ‘सुरक्षा की धज्जियां उड़ाने वाला’ बता रहे हैं। भद्रक जैसे व्यस्त राजमार्ग पर इतनी निर्भीकता से अपराध होना सुरक्षा इंतजामों पर गंभीर सवाल उठाता है। स्थानीय निवासियों ने मांग की है कि मानसिक रूप से कमजोर लोगों के लिए विशेष हेल्पलाइन और निगरानी बढ़ाई जाए। विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसी घटनाएं समाज की संवेदनशीलता की कमी को दर्शाती हैं, और सख्त कानूनी कार्रवाई जरूरी है।
यह मामला न केवल एक अपहरण की कहानी है, बल्कि कमजोर तबके की असुरक्षा का प्रतीक भी। पुलिस ने आश्वासन दिया है कि आरोपी को कड़ी सजा दिलाई जाएगी, और ऐसी वारदातों को रोकने के लिए नई रणनीति अपनाई जाएगी। फिलहाल, महिला सुरक्षित है, लेकिन यह घटना पूरे राज्य को सतर्क कर रही है।
