by-Ravindra Sikarwar
भोपाल: केंद्र सरकार द्वारा हाल ही में जीएसटी (वस्तु एवं सेवा कर) दरों में की गई कटौती ने मध्य प्रदेश के प्रमुख उद्योगों और उपभोक्ताओं के लिए बड़ी राहत दी है। इस कदम से इंदौर के नमकीन उद्योग, कृषि उपकरण, माहेश्वरी साड़ी और गोंड चित्रकला जैसे हस्तशिल्प, और निर्माण सामग्री की कीमतों में 6-13% की कमी आने की उम्मीद है। यह निर्णय न केवल उपभोक्ताओं के लिए लाभकारी है, बल्कि 3.5 लाख नौकरियों को बनाए रखने और आर्थिक मांग को बढ़ाने में भी मदद करेगा।
जीएसटी दरों में बदलाव का विवरण:
केंद्र सरकार ने हाल ही में जीएसटी परिषद की बैठक में कई वस्तुओं और सेवाओं पर कर की दरों को युक्तिसंगत बनाने का फैसला किया। इस कटौती के तहत नमकीन, स्नैक्स, कृषि उपकरण (जैसे ट्रैक्टर के पुर्जे और सिंचाई उपकरण), हस्तशिल्प उत्पाद (माहेश्वरी साड़ी, गोंड पेंटिंग्स, और अन्य पारंपरिक कला), और निर्माण सामग्री (जैसे सीमेंट, ईंट, और टाइल्स) पर जीएसटी दरों को कम किया गया है। पहले इन वस्तुओं पर 12-18% की दर से जीएसटी लगता था, जो अब घटकर 5-12% के बीच हो गया है। इस बदलाव से इन उत्पादों की कीमतों में 6-13% की कमी आएगी, जिससे उपभोक्ताओं को सस्ते दामों पर सामान उपलब्ध होगा।
इंदौर के नमकीन उद्योग पर प्रभाव:
इंदौर, जो भारत का नमकीन और स्नैक्स का केंद्र माना जाता है, इस जीएसटी कटौती से सबसे अधिक लाभान्वित होगा। शहर में नमकीन उद्योग लगभग 3.5 लाख लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार प्रदान करता है। नमकीन पर जीएसटी दर को 12% से घटाकर 5% करने से इसकी कीमतें कम होंगी, जिससे उपभोक्ता मांग में वृद्धि होगी। इंदौर के नमकीन निर्माता, राजेश गुप्ता ने कहा, “यह कटौती हमारे लिए बहुत जरूरी थी। इससे न केवल हमारी बिक्री बढ़ेगी, बल्कि छोटे व्यापारियों और कर्मचारियों को भी स्थिरता मिलेगी।” इस कदम से इंदौर का नमकीन उद्योग राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में और अधिक प्रतिस्पर्धी बन सकेगा।
कृषि और हस्तशिल्प क्षेत्र को बढ़ावा:
मध्य प्रदेश में कृषि उपकरणों पर जीएसटी दर में कमी से किसानों को काफी राहत मिलेगी। ट्रैक्टर के पुर्जे, हल, और सिंचाई उपकरण अब सस्ते होंगे, जिससे छोटे और मध्यम किसानों की लागत कम होगी। इससे खेती की उत्पादकता बढ़ने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलने की उम्मीद है।
इसी तरह, माहेश्वरी साड़ी और गोंड चित्रकला जैसे हस्तशिल्प उत्पादों पर जीएसटी कम होने से कारीगरों और छोटे उद्यमियों को लाभ होगा। माहेश्वर और मांडू जैसे क्षेत्रों में हस्तशिल्प उद्योग न केवल स्थानीय संस्कृति को बढ़ावा देता है, बल्कि हजारों परिवारों की आजीविका का स्रोत भी है। जीएसटी कटौती से इन उत्पादों की मांग बढ़ेगी, जिससे कारीगरों को बेहतर आय और बाजार में पहचान मिलेगी।
निर्माण क्षेत्र में राहत:
निर्माण सामग्री, जैसे सीमेंट, ईंट, और टाइल्स पर जीएसटी दर में कमी से मध्य प्रदेश में चल रही बुनियादी ढांचा परियोजनाओं को गति मिलेगी। रियल एस्टेट और आवासीय परियोजनाओं की लागत कम होने से मकान खरीदारों को भी फायदा होगा। भोपाल और इंदौर जैसे शहरों में, जहां निर्माण गतिविधियां तेजी से बढ़ रही हैं, यह कटौती मध्यम वर्ग के लिए किफायती आवास को और सुलभ बनाएगी।
आर्थिक और सामाजिक प्रभाव:
जीएसटी दरों में यह कमी मध्य प्रदेश की अर्थव्यवस्था के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे उपभोक्ता मांग में वृद्धि होगी, जिससे स्थानीय व्यापार और उद्योगों को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही, यह कदम 3.5 लाख से अधिक नौकरियों को बनाए रखने में मदद करेगा, खासकर नमकीन और हस्तशिल्प जैसे श्रम-प्रधान उद्योगों में। इसके अलावा, सस्ते कृषि उपकरणों से ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार और उत्पादकता बढ़ेगी।
उद्योग और उपभोक्ताओं की प्रतिक्रिया:
इंदौर के एक नमकीन निर्माता, अनिल जैन ने इस कदम की सराहना करते हुए कहा, “जीएसटी में कमी से हम अपने उत्पादों को सस्ते दामों पर बेच सकेंगे, जिससे ग्राहकों की संख्या बढ़ेगी।” माहेश्वर की एक हस्तशिल्प कारीगर, राधा बाई ने बताया, “अब हमारी साड़ियां और हस्तनिर्मित उत्पाद अधिक लोगों तक पहुंच सकेंगे। यह हमारे लिए बहुत बड़ी राहत है।” उपभोक्ताओं ने भी इस कदम का स्वागत किया है, क्योंकि इससे उनकी रोजमर्रा की जरूरतों पर खर्च कम होगा।
सरकार का दृष्टिकोण:
केंद्र और मध्य प्रदेश सरकार ने इस जीएसटी कटौती को आत्मनिर्भर भारत और स्थानीय उद्योगों को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया है। मध्य प्रदेश के वित्त मंत्री ने कहा, “यह निर्णय राज्य के छोटे और मध्यम उद्यमियों को मजबूत करेगा और उपभोक्ताओं को सस्ते दामों पर सामान उपलब्ध कराएगा।” सरकार ने भविष्य में और अधिक क्षेत्रों के लिए जीएसटी दरों को युक्तिसंगत बनाने का संकेत दिया है।
जीएसटी दरों में कमी मध्य प्रदेश के लिए एक महत्वपूर्ण आर्थिक कदम है, जो नमकीन, कृषि उपकरण, हस्तशिल्प और निर्माण सामग्री जैसे प्रमुख क्षेत्रों को राहत प्रदान करेगा। यह कटौती न केवल उपभोक्ताओं के लिए कीमतें कम करेगी, बल्कि लाखों नौकरियों को सुरक्षित रखने और स्थानीय अर्थव्यवस्था को गति देने में भी मदद करेगी। यह कदम मध्य प्रदेश को आत्मनिर्भर और समृद्ध बनाने की दिशा में एक और कदम है।
