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by-Ravindra Sikarwar

पटना: केंद्रीय मंत्रिमंडल ने बिहार में रेलवे नेटवर्क को मजबूत करने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। बख्तियारपुर-राजगीर-तिलैया रेल खंड के 104 किलोमीटर लंबे मार्ग के दोहरीकरण को 2,192 करोड़ रुपये की लागत से मंजूरी दी गई है। यह परियोजना राज्य में रेल कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने और आगामी विधानसभा चुनावों से पहले बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम है।

परियोजना का विवरण:
बख्तियारपुर-राजगीर-तिलैया रेल खंड बिहार के महत्वपूर्ण मार्गों में से एक है, जो पटना, नालंदा और गया जिलों को जोड़ता है। इस मार्ग का दोहरीकरण रेलवे की क्षमता को बढ़ाएगा, जिससे ट्रेनों की आवृत्ति और गति में सुधार होगा। वर्तमान में यह एकल रेल लाइन है, जिसके कारण ट्रेनों की आवाजाही में देरी और भीड़भाड़ की समस्या रहती है। दोहरीकरण के बाद, इस मार्ग पर अधिक ट्रेनें संचालित हो सकेंगी, जिससे यात्रियों को सुविधा होगी और माल ढुलाई में भी तेजी आएगी।

परियोजना की लागत और समयसीमा:
केंद्र सरकार ने इस परियोजना के लिए 2,192 करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया है। इस राशि का उपयोग रेल पटरियों के दोहरीकरण, स्टेशनों के उन्नयन, सिग्नलिंग सिस्टम में सुधार और अन्य बुनियादी ढांचे के विकास के लिए किया जाएगा। परियोजना को अगले कुछ वर्षों में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है, जिसके बाद यह क्षेत्र रेलवे नेटवर्क के मामले में और अधिक सक्षम होगा।

बिहार के लिए अन्य बुनियादी ढांचा परियोजनाएं:
इस रेल खंड के दोहरीकरण के साथ-साथ, केंद्रीय मंत्रिमंडल ने बिहार में अन्य बुनियादी ढांचा परियोजनाओं को भी हरी झंडी दिखाई है। इनमें सड़क, पुल और अन्य परिवहन सुविधाओं का विकास शामिल है। ये परियोजनाएं न केवल राज्य की कनेक्टिविटी को बेहतर बनाएंगी, बल्कि आर्थिक विकास को भी गति देंगी। विशेष रूप से, यह कदम बिहार में औद्योगिक और कृषि क्षेत्रों को बढ़ावा देने में मददगार साबित होगा।

राजनैतिक और सामाजिक महत्व:
बिहार में विधानसभा चुनाव नजदीक हैं, और इस परियोजना की घोषणा को एक रणनीतिक कदम के रूप में देखा जा रहा है। बेहतर रेल कनेक्टिविटी से ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के बीच संपर्क मजबूत होगा, जिसका लाभ स्थानीय लोगों को रोजगार, शिक्षा और व्यापार के अवसरों के रूप में मिलेगा। नालंदा और राजगीर जैसे क्षेत्र, जो ऐतिहासिक और पर्यटन की दृष्टि से महत्वपूर्ण हैं, इस परियोजना से और अधिक सुलभ हो जाएंगे।

रेलवे की अन्य पहल:
बिहार में रेलवे ने हाल ही में कई अन्य कदम उठाए हैं, जिनमें त्योहारी सीजन के लिए विशेष ट्रेनों का संचालन और स्टेशनों के आधुनिकीकरण शामिल हैं। बख्तियारपुर-राजगीर-तिलैया लाइन का दोहरीकरण इन प्रयासों का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य रेलवे को और अधिक विश्वसनीय और यात्री-अनुकूल बनाना है।

स्थानीय लोगों की प्रतिक्रिया:
इस परियोजना की घोषणा का स्थानीय लोगों ने स्वागत किया है। राजगीर के एक व्यापारी, रामेश्वर प्रसाद ने कहा, “इस रेल लाइन के दोहरीकरण से हमारे क्षेत्र में पर्यटकों की संख्या बढ़ेगी और व्यापार को भी बढ़ावा मिलेगा।” वहीं, एक यात्री सुनीता देवी ने बताया कि दोहरीकरण के बाद ट्रेनों की समयबद्धता में सुधार होगा, जिससे दैनिक यात्रियों को काफी राहत मिलेगी।

निष्कर्ष:
बख्तियारपुर-राजगीर-तिलैया रेल खंड का दोहरीकरण बिहार के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है, जो राज्य के परिवहन तंत्र को मजबूत करेगा और आर्थिक विकास को गति देगा। केंद्र सरकार का यह निवेश न केवल रेलवे की दक्षता बढ़ाएगा, बल्कि बिहार की जनता के लिए बेहतर सुविधाएं और अवसर भी लाएगा। यह परियोजना बिहार को एक आधुनिक और संपन्न राज्य बनाने की दिशा में एक और कदम है।

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