by-Ravindra Sikarwar
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव 26 सितंबर, 2025 को अपनी छह दिवसीय यूएई और स्पेन यात्रा से भोपाल लौटे, जहां उन्होंने वैश्विक निवेशकों के साथ चर्चा के बाद 11,119 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव हासिल किए। इस यात्रा का उद्देश्य मध्य प्रदेश को वैश्विक निवेश का केंद्र बनाना और औद्योगिक विकास को बढ़ावा देना था। इन प्रस्तावों से नर्मदापुरम, इंदौर, भोपाल और अन्य क्षेत्रों में सौर ऊर्जा, कपड़ा, खाद्य प्रसंस्करण और ऑटोमोबाइल जैसे क्षेत्रों में 14,000 से अधिक प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार सृजित होने की उम्मीद है। मुख्यमंत्री ने इस उपलब्धि को मध्य प्रदेश की आर्थिक प्रगति की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया और कहा कि यह राज्य को वैश्विक व्यापार मानचित्र पर मजबूती से स्थापित करेगा।
यात्रा का उद्देश्य और पृष्ठभूमि:
मुख्यमंत्री मोहन यादव की यह यात्रा 20 सितंबर को शुरू हुई थी और इसका मकसद मध्य प्रदेश में औद्योगिक और आर्थिक विकास के लिए वैश्विक साझेदारी को बढ़ावा देना था। यह यात्रा वैश्विक निवेशक सम्मेलन (GIS) 2025 की तैयारियों का हिस्सा थी, जो अगले वर्ष भोपाल में आयोजित होगा। यात्रा के दौरान, यादव ने यूएई के दुबई और अबू धाबी में प्रमुख व्यापारिक नेताओं, उद्योगपतियों और नीति निर्माताओं से मुलाकात की, जबकि स्पेन में मैड्रिड और बार्सिलोना में निवेशकों के साथ बातचीत की। मध्य प्रदेश सरकार ने इस यात्रा को ‘ग्लोबल डायलॉग फॉर प्रॉस्पेरिटी’ का नाम दिया, जिसका लक्ष्य राज्य की निवेश-अनुकूल नीतियों, प्राकृतिक संसाधनों और कुशल कार्यबल को दुनिया के सामने प्रदर्शित करना था।
यूएई में चर्चा: सौर ऊर्जा और तकनीक पर जोर
यूएई में, मुख्यमंत्री ने दुबई में आयोजित ‘इन्वेस्ट इन मध्य प्रदेश’ रोडशो में हिस्सा लिया, जहां उन्होंने सौर ऊर्जा, नवीकरणीय ऊर्जा और सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) क्षेत्र में निवेश के अवसरों पर प्रकाश डाला। दुबई की प्रमुख कंपनियों जैसे DP वर्ल्ड, मसदार और लुलु ग्रुप ने मध्य प्रदेश में निवेश की रुचि दिखाई। मसदार, जो नवीकरणीय ऊर्जा में वैश्विक अग्रणी है, ने नर्मदापुरम में 2,000 करोड़ रुपये की लागत से 500 मेगावाट का सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित करने का प्रस्ताव दिया। इस परियोजना से न केवल स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि लगभग 3,000 स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के अवसर भी पैदा होंगे।
लुलु ग्रुप ने भोपाल और इंदौर में हाइपरमार्केट और खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों के लिए 1,500 करोड़ रुपये के निवेश की घोषणा की। इसके अलावा, DP वर्ल्ड ने इंदौर के पास एक लॉजिस्टिक्स हब के लिए 1,200 करोड़ रुपये का निवेश प्रस्तावित किया, जो मालवाहक परिवहन को सुगम बनाएगा और व्यापारिक गतिविधियों को बढ़ावा देगा। मुख्यमंत्री ने दुबई के व्यापारिक नेताओं को मध्य प्रदेश की निवेश नीतियों, जैसे एकल खिड़की प्रणाली और कर छूट, के बारे में बताया, जिसे निवेशकों ने सराहा।
स्पेन में उपलब्धियां: कपड़ा और ऑटोमोबाइल क्षेत्र में प्रगति
स्पेन में, मुख्यमंत्री ने मैड्रिड में स्पेनिश चैंबर ऑफ कॉमर्स और बार्सिलोना में टेक्सटाइल एसोसिएशन के साथ बैठकें कीं। स्पेन की प्रमुख कपड़ा कंपनी जारा ने मध्य प्रदेश के चंदेरी और महेश्वर जैसे पारंपरिक बुनाई केंद्रों में उत्पादन इकाइयां स्थापित करने के लिए 2,500 करोड़ रुपये के निवेश का प्रस्ताव दिया। यह परियोजना स्थानीय बुनकरों को वैश्विक बाजार से जोड़ेगी और चंदेरी साड़ियों जैसे हस्तशिल्प को अंतरराष्ट्रीय मंच पर ले जाएगी। इस पहल से लगभग 4,000 बुनकरों और कारीगरों को रोजगार मिलेगा, खासकर महिलाओं को।
ऑटोमोबाइल क्षेत्र में, स्पेन की कंपनी SEAT ने इंदौर के पास एक इलेक्ट्रिक वाहन (EV) असेंबली यूनिट स्थापित करने के लिए 3,000 करोड़ रुपये के निवेश की घोषणा की। यह यूनिट मध्य प्रदेश को भारत के EV हब के रूप में स्थापित करने में मदद करेगी और 2,500 से अधिक तकनीकी नौकरियां पैदा करेगी। इसके अलावा, बार्सिलोना की एक खाद्य प्रसंस्करण कंपनी ने मध्य प्रदेश के मालवा क्षेत्र में जैविक खेती और खाद्य निर्यात के लिए 900 करोड़ रुपये का निवेश प्रस्तावित किया, जो स्थानीय किसानों को लाभ पहुंचाएगा।
रोजगार और आर्थिक प्रभाव:
इन निवेश प्रस्तावों से मध्य प्रदेश में 14,000 से अधिक प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार सृजित होने की उम्मीद है। नर्मदापुरम, जो सौर ऊर्जा परियोजनाओं का केंद्र बनेगा, में 3,500 नौकरियां पैदा होंगी, जबकि इंदौर और भोपाल में लॉजिस्टिक्स और रिटेल क्षेत्र में 5,000 से अधिक रोजगार के अवसर बनेंगे। चंदेरी और महेश्वर जैसे ग्रामीण क्षेत्रों में कपड़ा इकाइयों से 4,000 से अधिक कारीगरों, विशेष रूप से महिलाओं, को रोजगार मिलेगा।
मुख्यमंत्री ने भोपाल में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, “यह निवेश मध्य प्रदेश को औद्योगिक और आर्थिक शक्ति के रूप में स्थापित करेगा। हमारा लक्ष्य न केवल निवेश आकर्षित करना है, बल्कि स्थानीय युवाओं और किसानों को सशक्त बनाना भी है।” उन्होंने यह भी जोड़ा कि सरकार इन परियोजनाओं को जल्द से जल्द लागू करने के लिए एक विशेष टास्क फोर्स बनाएगी, जो निवेशकों को सभी आवश्यक मंजूरी और सुविधाएं प्रदान करेगी।
स्थानीय और वैश्विक प्रतिक्रियाएं:
यात्रा की सफलता पर मध्य प्रदेश के उद्योग मंत्री राकेश शुक्ला ने कहा, “मुख्यमंत्री की यह पहल मध्य प्रदेश को वैश्विक निवेश गंतव्य के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक मील का पत्थर है।” विपक्षी नेताओं ने हालांकि सरकार से यह सुनिश्चित करने की मांग की कि ये निवेश स्थानीय समुदायों को वास्तविक लाभ पहुंचाएं। कांग्रेस नेता कमलनाथ ने कहा, “निवेश का स्वागत है, लेकिन यह सुनिश्चित करना होगा कि इससे छोटे किसानों और मजदूरों को फायदा हो, न कि केवल बड़े कॉरपोरेट्स को।”
वैश्विक स्तर पर, यूएई और स्पेन के निवेशकों ने मध्य प्रदेश की निवेश नीतियों और बुनियादी ढांचे की सराहना की। मसदार के सीईओ ने कहा, “मध्य प्रदेश की सौर ऊर्जा नीति और सरकारी समर्थन हमें आकर्षित करता है। हम भारत के स्वच्छ ऊर्जा लक्ष्यों में योगदान देना चाहते हैं।” स्पेन के चैंबर ऑफ कॉमर्स ने भी मध्य प्रदेश को यूरोपीय निवेशकों के लिए एक आकर्षक गंतव्य बताया।
भविष्य की योजनाएं: GIS 2025 की तैयारी
यह यात्रा वैश्विक निवेशक सम्मेलन 2025 की आधारशिला मानी जा रही है, जो फरवरी 2026 में भोपाल में आयोजित होगा। मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि इस सम्मेलन में 50 से अधिक देशों के निवेशक हिस्सा लेंगे, और इसका लक्ष्य 50,000 करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव हासिल करना है। इसके लिए राज्य सरकार पहले से ही इंदौर, भोपाल और ग्वालियर में विशेष आर्थिक क्षेत्र (SEZ) विकसित कर रही है।
निष्कर्ष: मध्य प्रदेश का वैश्विक उभार
मुख्यमंत्री मोहन यादव की यूएई और स्पेन यात्रा ने मध्य प्रदेश को वैश्विक निवेश के नक्शे पर मजबूती से स्थापित किया है। 11,119 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव और 14,000 नौकरियों का लक्ष्य न केवल आर्थिक विकास को गति देगा, बल्कि स्थानीय समुदायों को सशक्त बनाएगा। यह प्रयास मध्य प्रदेश को भारत के औद्योगिक और हरित ऊर्जा हब के रूप में उभारने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जो राज्य के युवाओं और किसानों के लिए नए अवसरों का द्वार खोलेगा।
